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AP · Class 10 · 📘 Physical_Science · Chapter 1

Chemical Reactions & Equation

రసాయన చర్యలురసాయన సమీకరణాలను సమతుల్యం చేయడంసంయోగ చర్యలువియోగ చర్యలుస్థానభ్రంశ చర్యలుద్వంద్వ స్థానభ్రంశ చర్యలు

ఈ అధ్యాయం రసాయన చర్యల ప్రాథమిక అంశాలను పరిచయం చేస్తుంది, ఇవి మన దైనందిన జీవితంలో ఎలా జరుగుతాయో వివరిస్తుంది. రసాయన సమీకరణాలను ఎలా వ్రాయాలి మరియు సమతుల్యం చేయాలో విద్యార్థులు నేర్చుకుంటారు, ఇది రసాయన శాస్త్రంలో ఒక ముఖ్యమైన నైపుణ్యం. సంయోగం, వియోగం, స్థానభ్రంశం, ద్వంద్వ స్థానభ్రంశం, ఆక్సీకరణం మరియు క్షయకరణం వంటి వివిధ రకాల రసాయన చర్యలను కూడా ఇది వివరిస్తుంది. ఈ భావనలను అర్థం చేసుకోవడం భౌతిక శాస్త్రంలో మరింత సంక్లిష్టమైన అంశాలను అర్థం చేసుకోవడానికి పునాది వేస్తుంది.

रासायनिक अभिक्रियाएँ और समीकरण का परिचय

जब कोई पदार्थ रासायनिक परिवर्तन से गुजरता है, तो उसे रासायनिक अभिक्रिया कहते हैं। इस प्रक्रिया में, नए पदार्थ बनते हैं जिनके गुण मूल पदार्थों से भिन्न होते हैं।

रासायनिक परिवर्तन के संकेत:

  • अवस्था में परिवर्तन (जैसे गैस का बनना)
  • रंग में परिवर्तन (जैसे भूरा रंग)
  • गैस का उत्सर्जन (जैसे बुदबुदाहट)
  • तापमान में परिवर्तन (जैसे गर्म या ठंडा होना)

भौतिक परिवर्तन बनाम रासायनिक परिवर्तन:

  • भौतिक परिवर्तन: पदार्थ की भौतिक अवस्था या रूप बदलता है, लेकिन रासायनिक संरचना नहीं। यह आमतौर पर उत्क्रमणीय होता है।
  • _उदाहरण:_ पानी का बर्फ बनना, चीनी का पानी में घुलना।
  • रासायनिक परिवर्तन: पदार्थ की रासायनिक संरचना बदल जाती है और नए पदार्थ बनते हैं। यह आमतौर पर अनुत्क्रमणीय होता है।
  • _उदाहरण:_ दूध का दही बनना, लोहे में जंग लगना, भोजन का पकना।

अभिकारक (Reactants) और उत्पाद (Products):

  • अभिकारक: वे पदार्थ जो रासायनिक अभिक्रिया में भाग लेते हैं। इन्हें समीकरण के बाईं ओर लिखा जाता है।
  • उत्पाद: वे नए पदार्थ जो रासायनिक अभिक्रिया के परिणामस्वरूप बनते हैं। इन्हें समीकरण के दाईं ओर लिखा जाता है।

मैग्नीशियम रिबन का जलना (Activity 1.1):

  • मैग्नीशियम रिबन को जलाने से पहले रेगमाल से साफ किया जाता है ताकि उस पर जमी मैग्नीशियम ऑक्साइड की परत हट जाए। यह परत अभिक्रिया को धीमा कर सकती है।
  • जब मैग्नीशियम रिबन हवा में जलता है, तो यह चमकदार सफेद लौ के साथ जलता है और सफेद पाउडर, मैग्नीशियम ऑक्साइड (MgO) बनाता है।
  • यह एक रासायनिक परिवर्तन है क्योंकि मैग्नीशियम और ऑक्सीजन मिलकर एक नया पदार्थ (मैग्नीशियम ऑक्साइड) बनाते हैं।
  • अभिक्रिया: \(2Mg(s) + O_2(g) \rightarrow 2MgO(s)\)

लेड नाइट्रेट और पोटेशियम आयोडाइड की अभिक्रिया (Activity 1.2):

  • लेड नाइट्रेट विलयन (रंगहीन) और पोटेशियम आयोडाइड विलयन (रंगहीन) को मिलाने पर पीले रंग का अवक्षेप (precipitate) लेड आयोडाइड (\(PbI_2\)) बनता है।
  • यह एक रासायनिक परिवर्तन है।
  • अभिक्रिया: \(Pb(NO_3)_2(aq) + 2KI(aq) \rightarrow PbI_2(s) \downarrow + 2KNO_3(aq)\)

जिंक ग्रेन्यूल्स और तनु सल्फ्यूरिक अम्ल की अभिक्रिया (Activity 1.3):

  • जिंक ग्रेन्यूल्स पर तनु सल्फ्यूरिक अम्ल डालने पर हाइड्रोजन गैस (\(H_2\)) निकलती है और कोनिकल फ्लास्क गर्म हो जाता है (तापमान में वृद्धि)।
  • हाइड्रोजन गैस की पहचान जलती हुई माचिस की तीली को पास लाने पर 'पॉप' ध्वनि से होती है।
  • यह एक रासायनिक परिवर्तन है।
  • अभिक्रिया: \(Zn(s) + H_2SO_4(aq) \rightarrow ZnSO_4(aq) + H_2(g) \uparrow\)
ముఖ్యమైనది

मैग्नीशियम रिबन को जलाने से पहले साफ करना आवश्यक है ताकि उस पर जमी मैग्नीशियम ऑक्साइड की परत हट जाए और अभिक्रिया आसानी से हो सके।

📖నిర్వచనం

अवक्षेप (Precipitate): एक रासायनिक अभिक्रिया के दौरान विलयन में बनने वाला अघुलनशील ठोस पदार्थ।

रासायनिक समीकरण लिखना और संतुलित करना

रासायनिक समीकरण (Chemical Equation):

  • एक रासायनिक अभिक्रिया का प्रतीकात्मक निरूपण जिसमें अभिकारकों और उत्पादों के रासायनिक सूत्र और उनकी भौतिक अवस्थाएँ शामिल होती हैं।
  • शब्द समीकरण: अभिकारकों और उत्पादों को उनके नामों से दर्शाया जाता है।
  • _उदाहरण:_ मैग्नीशियम + ऑक्सीजन \(\rightarrow\) मैग्नीशियम ऑक्साइड
  • रासायनिक सूत्र समीकरण: अभिकारकों और उत्पादों को उनके रासायनिक सूत्रों से दर्शाया जाता है।
  • _उदाहरण:_ \(Mg + O_2 \rightarrow MgO\)

रासायनिक समीकरण के घटक:

  • अभिकारक: बाईं ओर, '+' चिह्न से जुड़े हुए।
  • उत्पाद: दाईं ओर, '+' चिह्न से जुड़े हुए।
  • तीर (\(\rightarrow\)): अभिकारकों से उत्पादों की ओर अभिक्रिया की दिशा दर्शाता है।
  • भौतिक अवस्थाएँ:
  • (s) - ठोस (solid)
  • (l) - द्रव (liquid)
  • (g) - गैस (gas)
  • (aq) - जलीय विलयन (aqueous solution)
  • अभिक्रिया की शर्तें: तीर के ऊपर या नीचे लिखी जाती हैं (जैसे ताप, दाब, उत्प्रेरक)।
  • _उदाहरण:_ \(CO(g) + 2H_2(g) \xrightarrow{340 \text{ atm}} CH_3OH(l)\)

असंतुलित रासायनिक समीकरण (Unbalanced Chemical Equation):

  • वह समीकरण जिसमें अभिकारकों और उत्पादों की ओर प्रत्येक तत्व के परमाणुओं की संख्या समान नहीं होती।
  • इसे कंकाली समीकरण (Skeletal Equation) भी कहते हैं।
  • _उदाहरण:_ \(Fe + H_2O \rightarrow Fe_3O_4 + H_2\)

संतुलित रासायनिक समीकरण (Balanced Chemical Equation):

  • वह समीकरण जिसमें अभिकारकों और उत्पादों की ओर प्रत्येक तत्व के परमाणुओं की संख्या समान होती है।
  • यह द्रव्यमान संरक्षण के नियम (Law of Conservation of Mass) का पालन करता है, जिसके अनुसार किसी भी रासायनिक अभिक्रिया में द्रव्यमान का न तो निर्माण होता है और न ही विनाश।

रासायनिक समीकरण को संतुलित करने की विधि (हिट एंड ट्रायल विधि):

  1. सूत्रों के चारों ओर बॉक्स बनाएँ: समीकरण में प्रत्येक सूत्र के चारों ओर बॉक्स बनाएँ। बॉक्स के अंदर कुछ भी न बदलें।
  • _उदाहरण:_ \([Fe] + [H_2O] \rightarrow [Fe_3O_4] + [H_2]\)
  1. प्रत्येक तत्व के परमाणुओं की संख्या सूचीबद्ध करें: असंतुलित समीकरण में अभिकारकों और उत्पादों की ओर प्रत्येक तत्व के परमाणुओं की संख्या लिखें।
  • _उदाहरण:_ \(Fe + H_2O \rightarrow Fe_3O_4 + H_2\)

| तत्व | अभिकारकों में परमाणुओं की संख्या | उत्पादों में परमाणुओं की संख्या | |---|---|---| | Fe | 1 | 3 | | H | 2 | 2 | | O | 1 | 4 |

  1. सबसे अधिक परमाणुओं वाले यौगिक से शुरू करें: उस यौगिक को चुनें जिसमें सबसे अधिक परमाणु हों, चाहे वह अभिकारक हो या उत्पाद। उस तत्व को चुनें जिसमें सबसे अधिक परमाणु हों।
  • यहां, \(Fe_3O_4\) में ऑक्सीजन के 4 परमाणु हैं।
  1. ऑक्सीजन परमाणुओं को संतुलित करें: अभिकारकों की ओर \(H_2O\) के आगे 4 लगाएँ।
  • \(Fe + 4H_2O \rightarrow Fe_3O_4 + H_2\)

| तत्व | अभिकारकों में परमाणुओं की संख्या | उत्पादों में परमाणुओं की संख्या | |---|---|---| | Fe | 1 | 3 | | H | 8 | 2 | | O | 4 | 4 |

  1. हाइड्रोजन परमाणुओं को संतुलित करें: उत्पादों की ओर \(H_2\) के आगे 4 लगाएँ।
  • \(Fe + 4H_2O \rightarrow Fe_3O_4 + 4H_2\)

| तत्व | अभिकारकों में परमाणुओं की संख्या | उत्पादों में परमाणुओं की संख्या | |---|---|---| | Fe | 1 | 3 | | H | 8 | 8 | | O | 4 | 4 |

  1. आयरन (Fe) परमाणुओं को संतुलित करें: अभिकारकों की ओर \(Fe\) के आगे 3 लगाएँ।
  • \(3Fe + 4H_2O \rightarrow Fe_3O_4 + 4H_2\)
  1. जाँच करें: अंत में, प्रत्येक तत्व के परमाणुओं की संख्या दोनों ओर समान होनी चाहिए।
  • | तत्व | अभिकारकों में परमाणुओं की संख्या | उत्पादों में परमाणुओं की संख्या |

|---|---|---| | Fe | 3 | 3 | | H | 8 | 8 | | O | 4 | 4 |

  • यह अब एक संतुलित समीकरण है।

अतिरिक्त जानकारी:

  • समीकरण को अधिक सूचनात्मक बनाने के लिए भौतिक अवस्थाएँ और अभिक्रिया की शर्तें लिखी जाती हैं।
🧮సూత్రం

द्रव्यमान संरक्षण का नियम: किसी भी रासायनिक अभिक्रिया में द्रव्यमान का न तो निर्माण होता है और न ही विनाश।

💡సూచన

समीकरण संतुलित करते समय, सबसे पहले उन तत्वों को संतुलित करें जो यौगिकों में सबसे अधिक बार आते हैं, और अंत में मुक्त तत्वों (जैसे \(O_2\), \(H_2\)) को संतुलित करें।

रासायनिक अभिक्रियाओं के प्रकार: संयोजन अभिक्रियाएँ

संयोजन अभिक्रिया (Combination Reaction):

  • वह अभिक्रिया जिसमें दो या दो से अधिक अभिकारक मिलकर एकल उत्पाद बनाते हैं।
  • सामान्य रूप: \(A + B \rightarrow AB\)

उदाहरण:

  1. कोयले का दहन:
  • \(C(s) + O_2(g) \rightarrow CO_2(g)\)
  • कार्बन (कोयला) ऑक्सीजन के साथ मिलकर कार्बन डाइऑक्साइड बनाता है।
  1. जल का निर्माण:
  • \(2H_2(g) + O_2(g) \rightarrow 2H_2O(l)\)
  • हाइड्रोजन गैस ऑक्सीजन गैस के साथ मिलकर जल बनाती है।
  1. कैल्शियम ऑक्साइड और जल की अभिक्रिया (Activity 1.4):
  • जब कैल्शियम ऑक्साइड (बिना बुझा चूना, क्विक लाइम) को जल में मिलाया जाता है, तो कैल्शियम हाइड्रॉक्साइड (बुझा हुआ चूना, स्लेक्ड लाइम) बनता है और बड़ी मात्रा में ऊष्मा निकलती है।
  • \(CaO(s) + H_2O(l) \rightarrow Ca(OH)_2(aq) + \text{ऊष्मा}\)
  • यह अभिक्रिया ऊष्माक्षेपी है।
  • बुझा हुआ चूना (कैल्शियम हाइड्रॉक्साइड) का उपयोग दीवारों की सफेदी के लिए किया जाता है। यह हवा में मौजूद कार्बन डाइऑक्साइड से अभिक्रिया करके कैल्शियम कार्बोनेट की पतली परत बनाता है, जो दीवारों को चमकदार बनाती है।
  • \(Ca(OH)_2(aq) + CO_2(g) \rightarrow CaCO_3(s) + H_2O(l)\)

ऊष्माक्षेपी अभिक्रियाएँ (Exothermic Reactions):

  • वे अभिक्रियाएँ जिनमें उत्पादों के निर्माण के साथ ऊष्मा उत्सर्जित होती है।
  • तापमान में वृद्धि होती है।
  • _उदाहरण:_ प्राकृतिक गैस का दहन (\(CH_4(g) + 2O_2(g) \rightarrow CO_2(g) + 2H_2O(l) + \text{ऊष्मा}\)), श्वसन (respiration)।

श्वसन (Respiration) एक ऊष्माक्षेपी अभिक्रिया है:

  • हमारे शरीर की कोशिकाओं में भोजन (ग्लूकोज) ऑक्सीजन के साथ मिलकर ऊर्जा उत्पन्न करता है।
  • \(C_6H_{12}O_6(aq) + 6O_2(g) \rightarrow 6CO_2(g) + 6H_2O(l) + \text{ऊर्जा}\)
  • यह ऊर्जा हमारे शरीर के कार्यों के लिए उपयोग होती है।

ऊष्माशोषी अभिक्रियाएँ (Endothermic Reactions):

  • वे अभिक्रियाएँ जिनमें ऊष्मा ऊर्जा अवशोषित होती है।
  • तापमान में कमी आती है।
  • _उदाहरण:_ बेरियम हाइड्रॉक्साइड और अमोनियम क्लोराइड की अभिक्रिया, प्रकाश संश्लेषण।
📖నిర్వచనం

संयोजन अभिक्रिया: दो या दो से अधिक अभिकारक मिलकर एक एकल उत्पाद बनाते हैं।

ముఖ్యమైనది

श्वसन एक ऊष्माक्षेपी प्रक्रिया है क्योंकि इसमें ऊर्जा (ऊष्मा के रूप में) मुक्त होती है।

रासायनिक अभिक्रियाओं के प्रकार: वियोजन अभिक्रियाएँ

वियोजन अभिक्रिया (Decomposition Reaction):

  • वह अभिक्रिया जिसमें एकल अभिकारक टूटकर दो या दो से अधिक सरल उत्पाद बनाता है।
  • यह संयोजन अभिक्रिया के विपरीत है।
  • इन अभिक्रियाओं को होने के लिए ऊर्जा (ऊष्मा, प्रकाश या विद्युत) की आवश्यकता होती है, इसलिए ये ऊष्माशोषी होती हैं।
  • सामान्य रूप: \(AB \rightarrow A + B\)

वियोजन के प्रकार (ऊर्जा के स्रोत के आधार पर):

  1. उष्मीय वियोजन (Thermal Decomposition): ऊष्मा द्वारा वियोजन।
  • फेरस सल्फेट का वियोजन (Activity 1.5):
  • फेरस सल्फेट क्रिस्टल (\(FeSO_4 \cdot 7H_2O\)) हरे रंग के होते हैं। गर्म करने पर, वे पहले जल खोकर रंग बदलते हैं, फिर फेरिक ऑक्साइड (भूरा-लाल), सल्फर डाइऑक्साइड (\(SO_2\)) और सल्फर ट्राइऑक्साइड (\(SO_3\)) में वियोजित होते हैं।
  • \(2FeSO_4(s) \xrightarrow{\text{ऊष्मा}} Fe_2O_3(s) + SO_2(g) + SO_3(g)\)
  • \(SO_2\) और \(SO_3\) गैसों में सड़े अंडे जैसी गंध होती है।
  • कैल्शियम कार्बोनेट का वियोजन:
  • चूना पत्थर (कैल्शियम कार्बोनेट) को गर्म करने पर कैल्शियम ऑक्साइड (बिना बुझा चूना) और कार्बन डाइऑक्साइड गैस बनती है।
  • \(CaCO_3(s) \xrightarrow{\text{ऊष्मा}} CaO(s) + CO_2(g)\)
  • यह अभिक्रिया सीमेंट उद्योग में महत्वपूर्ण है।
  • लेड नाइट्रेट का वियोजन (Activity 1.5):
  • लेड नाइट्रेट पाउडर को गर्म करने पर भूरे रंग का धुआँ (नाइट्रोजन डाइऑक्साइड, \(NO_2\)) निकलता है, साथ ही लेड ऑक्साइड (पीला) और ऑक्सीजन गैस बनती है।
  • \(2Pb(NO_3)_2(s) \xrightarrow{\text{ऊष्मा}} 2PbO(s) + 4NO_2(g) + O_2(g)\)
  1. विद्युत वियोजन (Electrolytic Decomposition / Electrolysis): विद्युत धारा द्वारा वियोजन।
  • जल का विद्युत वियोजन (Activity 1.7):
  • अम्लीकृत जल में विद्युत धारा प्रवाहित करने पर यह हाइड्रोजन और ऑक्सीजन गैसों में वियोजित हो जाता है।
  • \(2H_2O(l) \xrightarrow{\text{विद्युत}} 2H_2(g) + O_2(g)\)
  • कैथोड पर हाइड्रोजन गैस और एनोड पर ऑक्सीजन गैस एकत्र होती है। हाइड्रोजन गैस का आयतन ऑक्सीजन गैस के आयतन का दोगुना होता है।
  1. प्रकाश वियोजन (Photolytic Decomposition): प्रकाश ऊर्जा द्वारा वियोजन।
  • सिल्वर क्लोराइड का वियोजन:
  • श्वेत सिल्वर क्लोराइड (\(AgCl\)) को सूर्य के प्रकाश में रखने पर यह धूसर रंग का हो जाता है क्योंकि यह सिल्वर और क्लोरीन में वियोजित हो जाता है।
  • \(2AgCl(s) \xrightarrow{\text{सूर्य का प्रकाश}} 2Ag(s) + Cl_2(g)\)
  • सिल्वर ब्रोमाइड का वियोजन:
  • इसी प्रकार, सिल्वर ब्रोमाइड भी सूर्य के प्रकाश में वियोजित होता है।
  • \(2AgBr(s) \xrightarrow{\text{सूर्य का प्रकाश}} 2Ag(s) + Br_2(g)\)
  • इन अभिक्रियाओं का उपयोग श्वेत-श्याम फोटोग्राफी में किया जाता है।
📖నిర్వచనం

वियोजन अभिक्रिया: एक एकल अभिकारक टूटकर दो या दो से अधिक सरल उत्पाद बनाता है।

ముఖ్యమైనది

सभी वियोजन अभिक्रियाएँ ऊष्माशोषी होती हैं क्योंकि उन्हें अभिकारकों को तोड़ने के लिए ऊर्जा की आवश्यकता होती है।

💡సూచన

जल के विद्युत वियोजन में, हाइड्रोजन गैस का आयतन ऑक्सीजन गैस के आयतन का दोगुना होता है। यह एक महत्वपूर्ण अवलोकन है।

रासायनिक अभिक्रियाओं के प्रकार: विस्थापन अभिक्रियाएँ

विस्थापन अभिक्रिया (Displacement Reaction):

  • वह अभिक्रिया जिसमें अधिक क्रियाशील तत्व एक यौगिक से कम क्रियाशील तत्व को विस्थापित कर देता है।
  • सामान्य रूप: \(A + BC \rightarrow AC + B\)

उदाहरण:

  1. आयरन और कॉपर सल्फेट की अभिक्रिया (Activity 1.5A):
  • जब लोहे की कील को कॉपर सल्फेट विलयन (नीला रंग) में डुबोया जाता है, तो लोहे की कील पर भूरे रंग की कॉपर की परत जम जाती है और कॉपर सल्फेट विलयन का नीला रंग फीका पड़कर हरा हो जाता है (आयरन सल्फेट बनने के कारण)।
  • \(Fe(s) + CuSO_4(aq) \rightarrow FeSO_4(aq) + Cu(s)\)
  • यहां, आयरन (Fe) कॉपर (Cu) से अधिक क्रियाशील है, इसलिए यह कॉपर को उसके यौगिक (\(CuSO_4\)) से विस्थापित कर देता है।
  1. जिंक और कॉपर सल्फेट की अभिक्रिया:
  • \(Zn(s) + CuSO_4(aq) \rightarrow ZnSO_4(aq) + Cu(s)\)
  • जिंक (Zn) कॉपर (Cu) से अधिक क्रियाशील है।
  1. लेड और कॉपर क्लोराइड की अभिक्रिया:
  • \(Pb(s) + CuCl_2(aq) \rightarrow PbCl_2(aq) + Cu(s)\)
  • लेड (Pb) कॉपर (Cu) से अधिक क्रियाशील है।

क्रियाशीलता श्रेणी (Reactivity Series):

  • धातुओं की एक सूची जो उनकी क्रियाशीलता के घटते क्रम में व्यवस्थित होती है।
  • अधिक क्रियाशील धातुएँ ऊपर होती हैं और कम क्रियाशील धातुएँ नीचे होती हैं।
  • याद रखने का तरीका: Kedar Nath Ca Mali Aloo Zara Feeke Pakata Hai (Potassium, Sodium, Calcium, Magnesium, Aluminium, Zinc, Iron, Lead, Hydrogen (non-metal), Copper, Mercury, Silver, Gold)

निष्कर्ष:

  • एक धातु केवल उसी धातु को विस्थापित कर सकती है जो उससे कम क्रियाशील हो।
  • यदि कम क्रियाशील धातु को अधिक क्रियाशील धातु के विलयन में डाला जाए, तो कोई अभिक्रिया नहीं होगी।
📖నిర్వచనం

विस्थापन अभिक्रिया: एक अधिक क्रियाशील तत्व एक यौगिक से कम क्रियाशील तत्व को विस्थापित करता है।

ముఖ్యమైనది

आयरन का कॉपर सल्फेट से कॉपर को विस्थापित करना इस बात का प्रमाण है कि आयरन कॉपर से अधिक क्रियाशील है।

रासायनिक अभिक्रियाओं के प्रकार: द्विविस्थापन अभिक्रियाएँ

द्विविस्थापन अभिक्रिया (Double Displacement Reaction):

  • वह अभिक्रिया जिसमें अभिकारकों के बीच आयनों का आदान-प्रदान होता है।
  • सामान्य रूप: \(AB + CD \rightarrow AD + CB\)

उदाहरण:

  1. सोडियम सल्फेट और बेरियम क्लोराइड की अभिक्रिया (Activity 1.10):
  • जब सोडियम सल्फेट विलयन को बेरियम क्लोराइड विलयन में मिलाया जाता है, तो सफेद रंग का अघुलनशील अवक्षेप बेरियम सल्फेट (\(BaSO_4\)) बनता है और सोडियम क्लोराइड विलयन में रहता है।
  • \(Na_2SO_4(aq) + BaCl_2(aq) \rightarrow BaSO_4(s) \downarrow + 2NaCl(aq)\)
  • यहां, \(Ba^{2+}\) आयन \(SO_4^{2-}\) आयनों के साथ और \(Na^{+}\) आयन \(Cl^{-}\) आयनों के साथ आदान-प्रदान करते हैं।

अवक्षेपण अभिक्रिया (Precipitation Reaction):

  • कोई भी अभिक्रिया जो अवक्षेप उत्पन्न करती है, उसे अवक्षेपण अभिक्रिया कहते हैं।
  • उपरोक्त सोडियम सल्फेट और बेरियम क्लोराइड की अभिक्रिया एक अवक्षेपण अभिक्रिया का उदाहरण है।

अन्य उदाहरण:

  • लेड नाइट्रेट और पोटेशियम आयोडाइड की अभिक्रिया (Activity 1.2):
  • \(Pb(NO_3)_2(aq) + 2KI(aq) \rightarrow PbI_2(s) \downarrow + 2KNO_3(aq)\)
  • पीले रंग का लेड आयोडाइड अवक्षेप बनता है। यह भी एक द्विविस्थापन और अवक्षेपण अभिक्रिया है।
  • सिल्वर नाइट्रेट और सोडियम क्लोराइड की अभिक्रिया:
  • \(AgNO_3(aq) + NaCl(aq) \rightarrow AgCl(s) \downarrow + NaNO_3(aq)\)
  • सफेद सिल्वर क्लोराइड अवक्षेप बनता है।

विस्थापन और द्विविस्थापन में अंतर:

  • विस्थापन: एक तत्व दूसरे तत्व को विस्थापित करता है।
  • द्विविस्थापन: आयनों का आदान-प्रदान होता है, जिससे आमतौर पर एक अवक्षेप बनता है।
📖నిర్వచనం

द्विविस्थापन अभिक्रिया: अभिकारकों के बीच आयनों का आदान-प्रदान होता है।

📖నిర్వచనం

अवक्षेपण अभिक्रिया: वह अभिक्रिया जिसमें एक अघुलनशील ठोस (अवक्षेप) बनता है।

ऑक्सीकरण और अपचयन अभिक्रियाएँ (रेडॉक्स अभिक्रियाएँ)

ऑक्सीकरण (Oxidation):

  • किसी पदार्थ द्वारा ऑक्सीजन का ग्रहण करना।
  • किसी पदार्थ द्वारा हाइड्रोजन का त्याग करना।
  • इलेक्ट्रॉन के संदर्भ में: इलेक्ट्रॉन का त्याग करना।

अपचयन (Reduction):

  • किसी पदार्थ द्वारा ऑक्सीजन का त्याग करना।
  • किसी पदार्थ द्वारा हाइड्रोजन का ग्रहण करना।
  • इलेक्ट्रॉन के संदर्भ में: इलेक्ट्रॉन का ग्रहण करना।

रेडॉक्स अभिक्रियाएँ (Redox Reactions):

  • वे अभिक्रियाएँ जिनमें ऑक्सीकरण और अपचयन दोनों एक साथ होते हैं।

उदाहरण:

  1. कॉपर पाउडर को गर्म करना (Activity 1.11):
  • कॉपर पाउडर (भूरा) को गर्म करने पर उसकी सतह पर काले रंग की कॉपर ऑक्साइड (CuO) की परत बन जाती है।
  • \(2Cu(s) + O_2(g) \xrightarrow{\text{ऊष्मा}} 2CuO(s)\)
  • यहां, कॉपर (Cu) ऑक्सीजन ग्रहण कर रहा है, इसलिए Cu का ऑक्सीकरण हो रहा है।
  1. कॉपर ऑक्साइड पर हाइड्रोजन गैस प्रवाहित करना:
  • यदि इस काले कॉपर ऑक्साइड पर हाइड्रोजन गैस प्रवाहित की जाए, तो काली परत भूरे रंग में बदल जाती है क्योंकि कॉपर वापस प्राप्त हो जाता है।
  • \(CuO(s) + H_2(g) \xrightarrow{\text{ऊष्मा}} Cu(s) + H_2O(l)\)
  • इस अभिक्रिया में:
  • \(CuO\) ऑक्सीजन खो रहा है, इसलिए \(CuO\) का अपचयन हो रहा है।
  • \(H_2\) ऑक्सीजन ग्रहण कर रहा है, इसलिए \(H_2\) का ऑक्सीकरण हो रहा है।
  • यह एक रेडॉक्स अभिक्रिया है।

ऑक्सीकारक (Oxidising Agent) और अपचायक (Reducing Agent):

  • ऑक्सीकारक: वह पदार्थ जो ऑक्सीकरण के लिए ऑक्सीजन देता है या हाइड्रोजन हटाता है, या इलेक्ट्रॉन ग्रहण करता है। यह स्वयं अपचयित होता है।
  • अपचायक: वह पदार्थ जो अपचयन के लिए हाइड्रोजन देता है या ऑक्सीजन हटाता है, या इलेक्ट्रॉन त्यागता है। यह स्वयं ऑक्सीकृत होता है।

उपरोक्त उदाहरण में:

  • \(CuO\) ऑक्सीकारक है (क्योंकि यह \(H_2\) को ऑक्सीकृत करता है और स्वयं अपचयित होता है)।
  • \(H_2\) अपचायक है (क्योंकि यह \(CuO\) को अपचयित करता है और स्वयं ऑक्सीकृत होता है)।

अन्य रेडॉक्स अभिक्रियाओं के उदाहरण:

  • \(ZnO + C \rightarrow Zn + CO\)
  • \(ZnO\) का अपचयन हो रहा है (ऑक्सीजन खो रहा है)।
  • \(C\) का ऑक्सीकरण हो रहा है (ऑक्सीजन ग्रहण कर रहा है)।
  • ऑक्सीकारक: \(ZnO\), अपचायक: \(C\)
  • \(MnO_2 + 4HCl \rightarrow MnCl_2 + 2H_2O + Cl_2\)
  • \(MnO_2\) का \(MnCl_2\) में अपचयन हो रहा है (ऑक्सीजन खो रहा है)।
  • \(HCl\) का \(Cl_2\) में ऑक्सीकरण हो रहा है (हाइड्रोजन खो रहा है)।
  • ऑक्सीकारक: \(MnO_2\), अपचायक: \(HCl\)
📖నిర్వచనం

ऑक्सीकरण: ऑक्सीजन का जुड़ना या हाइड्रोजन का हटना। अपचयन: ऑक्सीजन का हटना या हाइड्रोजन का जुड़ना।

గుర్తుంచుకోండి

एक रेडॉक्स अभिक्रिया में, एक पदार्थ ऑक्सीकृत होता है जबकि दूसरा अपचयित होता है।

दैनिक जीवन में ऑक्सीकरण के प्रभाव: संक्षारण और विकृतगंधिता

संक्षारण (Corrosion):

  • जब कोई धातु अपने आसपास के पदार्थों जैसे नमी, अम्ल आदि के संपर्क में आती है, तो वह धीरे-धीरे नष्ट होने लगती है। इस प्रक्रिया को संक्षारण कहते हैं।
  • यह एक ऑक्सीकरण प्रक्रिया है।
  • उदाहरण:
  • लोहे में जंग लगना: जब लोहा हवा और नमी के संपर्क में आता है, तो उस पर भूरे-लाल रंग की परत (जंग, हाइड्रेटेड फेरिक ऑक्साइड, \(Fe_2O_3 \cdot xH_2O\)) जम जाती है।
  • \(4Fe(s) + 3O_2(g) + xH_2O(l) \rightarrow 2Fe_2O_3 \cdot xH_2O(s)\)
  • चांदी का काला पड़ना: चांदी हवा में मौजूद सल्फर के साथ अभिक्रिया करके सिल्वर सल्फाइड की काली परत बनाती है।
  • तांबे पर हरी परत: तांबा हवा में मौजूद कार्बन डाइऑक्साइड और नमी के साथ अभिक्रिया करके बेसिक कॉपर कार्बोनेट की हरी परत बनाता है।

संक्षारण से बचाव के तरीके:

  • पेंट करना: लोहे की वस्तुओं पर पेंट की परत चढ़ाना।
  • तेल या ग्रीस लगाना: मशीन के पुर्जों पर तेल या ग्रीस लगाना।
  • गैल्वनीकरण (Galvanisation): लोहे पर जिंक की पतली परत चढ़ाना। जिंक लोहे से अधिक क्रियाशील होता है और स्वयं ऑक्सीकृत होकर लोहे को बचाता है।
  • क्रोमियम प्लेटिंग: क्रोमियम की परत चढ़ाना।
  • एनोडीकरण (Anodising): एल्यूमीनियम पर ऑक्साइड की मोटी परत बनाना।
  • मिश्र धातु बनाना: लोहे को अन्य धातुओं के साथ मिलाकर मिश्र धातु (जैसे स्टेनलेस स्टील) बनाना।

विकृतगंधिता (Rancidity):

  • तेल और वसायुक्त खाद्य पदार्थों का ऑक्सीकृत होकर अपना स्वाद और गंध बदल देना।
  • यह एक ऑक्सीकरण प्रक्रिया है।
  • जब तेल और वसायुक्त खाद्य पदार्थ लंबे समय तक हवा के संपर्क में रहते हैं, तो उनमें मौजूद वसा और तेल ऑक्सीकृत हो जाते हैं, जिससे उनका स्वाद और गंध अप्रिय हो जाती है।

विकृतगंधिता से बचाव के तरीके:

  • प्रतिऑक्सीकारक (Antioxidants) मिलाना: ऐसे पदार्थ जो ऑक्सीकरण को रोकते या धीमा करते हैं, उन्हें खाद्य पदार्थों में मिलाया जाता है (जैसे BHA, BHT)।
  • वायु-रोधी बर्तनों में रखना: खाद्य पदार्थों को हवा के संपर्क से बचाने के लिए एयरटाइट कंटेनर में रखना।
  • नाइट्रोजन गैस से फ्लश करना: चिप्स जैसे पैकेट वाले खाद्य पदार्थों में ऑक्सीजन हटाकर नाइट्रोजन गैस भरी जाती है। नाइट्रोजन एक अक्रिय गैस है जो ऑक्सीकरण को रोकती है।
  • रेफ्रिजरेशन (Refrigeration): खाद्य पदार्थों को ठंडी जगह पर रखने से ऑक्सीकरण की दर धीमी हो जाती है।
  • प्रकाश से दूर रखना: प्रकाश भी ऑक्सीकरण को बढ़ावा देता है।
📖నిర్వచనం

संक्षारण: धातु का अपने आसपास के पदार्थों (नमी, हवा, अम्ल) के संपर्क में आने पर धीरे-धीरे नष्ट होना।

📖నిర్వచనం

विकृतगंधिता: तेल और वसायुक्त खाद्य पदार्थों का ऑक्सीकृत होकर स्वाद और गंध में परिवर्तन।

💡సూచన

चिप्स के पैकेट में नाइट्रोजन गैस भरी जाती है ताकि चिप्स को ऑक्सीकरण से बचाया जा सके और वे विकृतगंधित न हों।

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