Drilling Exercise on Rational Numbers
ఈ అధ్యాయం అకరణీయ సంఖ్యల ప్రాథమిక భావనలు, వాటి లక్షణాలు (సంకలన, గుణకార విలోమాలు), సంఖ్యారేఖపై వాటి ప్రాతినిధ్యం మరియు వాటిపై వివిధ గణిత కార్యకలాపాలను పునశ్చరణ చేస్తుంది. అకరణీయ సంఖ్యల కూడిక, తీసివేత, గుణకారం మరియు భాగహారం వంటి అంశాలపై విద్యార్థులు తమ నైపుణ్యాలను మెరుగుపరచుకోవడానికి ఈ డ్రిల్లింగ్ వ్యాయామం సహాయపడుతుంది. రోజువారీ జీవితంలో అకరణీయ సంఖ్యల ప్రాముఖ్యతను అర్థం చేసుకోవడానికి ఇది కీలకం.
परिमेय संख्याओं की परिभाषा और प्रकार
परिमेय संख्याएँ वे संख्याएँ होती हैं जिन्हें \(p/q\) के रूप में व्यक्त किया जा सकता है, जहाँ \(p\) और \(q\) पूर्णांक हैं और \(q \neq 0\) है।
- भिन्न (Fractions): \(p/q\) रूप में, जहाँ \(p\) और \(q\) धनात्मक पूर्णांक हैं।
- उचित भिन्न: अंश < हर (e.g., \(3/5\))
- विषम भिन्न: अंश \(\ge\) हर (e.g., \(7/4\))
- मिश्रित भिन्न: पूर्णांक + उचित भिन्न (e.g., \(1 \frac{3}{4}\))
- पूर्णांक (Integers): सभी धनात्मक, ऋणात्मक संख्याएँ और शून्य। इन्हें \(p/1\) के रूप में लिखा जा सकता है, इसलिए ये परिमेय संख्याएँ हैं। (e.g., \(-3 = -3/1, 0 = 0/1, 5 = 5/1\))
- प्राकृत संख्याएँ (Natural Numbers): \(1, 2, 3, ...\)
- पूर्ण संख्याएँ (Whole Numbers): \(0, 1, 2, 3, ...\)
सभी प्राकृत संख्याएँ, पूर्ण संख्याएँ और पूर्णांक परिमेय संख्याएँ होती हैं।
मानक रूप (Standard Form): एक परिमेय संख्या \(p/q\) मानक रूप में होती है यदि \(q\) धनात्मक पूर्णांक हो और \(p\) और \(q\) में 1 के अतिरिक्त कोई उभयनिष्ठ गुणनखंड न हो (अर्थात, \(p\) और \(q\) सह-अभाज्य हों)।
- उदाहरण: \(2/3\) मानक रूप में है। \(4/6\) मानक रूप में नहीं है क्योंकि इसे \(2/3\) में सरल किया जा सकता है।
तुल्य परिमेय संख्याएँ (Equivalent Rational Numbers): एक परिमेय संख्या के अंश और हर को एक ही गैर-शून्य पूर्णांक से गुणा या भाग करने पर तुल्य परिमेय संख्या प्राप्त होती है।
- उदाहरण: \(2/3 = (2 \times 2)/(3 \times 2) = 4/6\). यहाँ \(2/3\) और \(4/6\) तुल्य परिमेय संख्याएँ हैं।
परिमेय संख्या: कोई भी संख्या जिसे \(p/q\) के रूप में व्यक्त किया जा सके, जहाँ \(p, q\) पूर्णांक हैं और \(q \ne 0\) है।
शून्य (0) एक परिमेय संख्या है क्योंकि इसे \(0/1, 0/2, ...\) के रूप में लिखा जा सकता है।
परिमेय संख्याओं पर संक्रियाएँ
परिमेय संख्याओं पर मूल अंकगणितीय संक्रियाएँ (जोड़, घटाव, गुणा, भाग) पूर्णांकों के समान ही होती हैं, लेकिन भिन्नों के नियमों का पालन करती हैं।
1. योग (Addition)
- समान हर वाली परिमेय संख्याएँ: अंशों को जोड़ें और हर को वही रखें।
- \(a/b + c/b = (a+c)/b\)
- उदाहरण: \(3/7 + 2/7 = (3+2)/7 = 5/7\)
- भिन्न हर वाली परिमेय संख्याएँ: हरों का लघुत्तम समापवर्त्य (LCM) ज्ञात करें, फिर प्रत्येक भिन्न को तुल्य भिन्न में बदलें जिसका हर LCM हो, और फिर जोड़ें।
- उदाहरण: \(1/3 + 2/5\)
- LCM of 3 and 5 is 15.
- \(1/3 = (1 \times 5)/(3 \times 5) = 5/15\)
- \(2/5 = (2 \times 3)/(5 \times 3) = 6/15\)
- \(5/15 + 6/15 = (5+6)/15 = 11/15\)
2. घटाव (Subtraction)
- समान हर वाली परिमेय संख्याएँ: अंशों को घटाएँ और हर को वही रखें।
- \(a/b - c/b = (a-c)/b\)
- उदाहरण: \(5/8 - 3/8 = (5-3)/8 = 2/8 = 1/4\)
- भिन्न हर वाली परिमेय संख्याएँ: हरों का LCM ज्ञात करें, फिर प्रत्येक भिन्न को तुल्य भिन्न में बदलें जिसका हर LCM हो, और फिर घटाएँ।
- उदाहरण: \(3/4 - 1/6\)
- LCM of 4 and 6 is 12.
- \(3/4 = (3 \times 3)/(4 \times 3) = 9/12\)
- \(1/6 = (1 \times 2)/(6 \times 2) = 2/12\)
- \(9/12 - 2/12 = (9-2)/12 = 7/12\)
3. गुणा (Multiplication)
- अंश को अंश से और हर को हर से गुणा करें।
- \(a/b \times c/d = (a \times c) / (b \times d)\)
- उदाहरण: \(2/3 \times 4/5 = (2 \times 4) / (3 \times 5) = 8/15\)
- गुणा करने से पहले उभयनिष्ठ गुणनखंडों को सरल करना आसान होता है।
- उदाहरण: \(3/4 \times 8/9 = (3 \times 8) / (4 \times 9) = (3 \times 2 \times 4) / (4 \times 3 \times 3) = 2/3\)
4. भाग (Division)
- पहली परिमेय संख्या को दूसरी परिमेय संख्या के व्युत्क्रम (reciprocal) से गुणा करें।
- \(a/b \div c/d = a/b \times d/c = (a \times d) / (b \times c)\)
- उदाहरण: \(2/3 \div 5/7 = 2/3 \times 7/5 = (2 \times 7) / (3 \times 5) = 14/15\)
व्युत्क्रम (Reciprocal) या गुणात्मक प्रतिलोम (Multiplicative Inverse): एक संख्या \(x\) का व्युत्क्रम \(1/x\) होता है, ताकि \(x \times (1/x) = 1\)।
- \(p/q\) का व्युत्क्रम \(q/p\) होता है।
- शून्य (0) का कोई व्युत्क्रम नहीं होता है।
भिन्नों के जोड़-घटाव में हमेशा LCM लेना याद रखें। गुणा-भाग में सीधे अंश को अंश से और हर को हर से गुणा करें (भाग में व्युत्क्रम करके)।
भाग करते समय दूसरी संख्या का व्युत्क्रम करना भूलना एक आम गलती है। हमेशा \(a/b \div c/d = a/b \times d/c\) याद रखें।
परिमेय संख्याओं के गुणधर्म
परिमेय संख्याएँ कुछ महत्वपूर्ण गुणधर्मों का पालन करती हैं जो गणनाओं को सरल बनाने में मदद करते हैं।
1. संवरक गुणधर्म (Closure Property)
- योग: दो परिमेय संख्याओं का योग हमेशा एक परिमेय संख्या होता है।
- \(a/b + c/d\) एक परिमेय संख्या है।
- उदाहरण: \(1/2 + 1/3 = 5/6\) (परिमेय)
- घटाव: दो परिमेय संख्याओं का घटाव हमेशा एक परिमेय संख्या होता है।
- \(a/b - c/d\) एक परिमेय संख्या है।
- उदाहरण: \(1/2 - 1/3 = 1/6\) (परिमेय)
- गुणा: दो परिमेय संख्याओं का गुणनफल हमेशा एक परिमेय संख्या होता है।
- \(a/b \times c/d\) एक परिमेय संख्या है।
- उदाहरण: \(1/2 \times 1/3 = 1/6\) (परिमेय)
- भाग: परिमेय संख्याएँ भाग के अंतर्गत संवरक नहीं होती हैं क्योंकि शून्य से भाग परिभाषित नहीं है।
- \(a/b \div 0\) अपरिभाषित है।
2. क्रमविनिमेयता गुणधर्म (Commutativity Property)
- योग: दो परिमेय संख्याओं को किसी भी क्रम में जोड़ने पर परिणाम समान रहता है।
- \(a/b + c/d = c/d + a/b\)
- उदाहरण: \(1/2 + 1/3 = 5/6\) और \(1/3 + 1/2 = 5/6\)
- घटाव: परिमेय संख्याएँ घटाव के अंतर्गत क्रमविनिमेय नहीं होती हैं।
- \(a/b - c/d \neq c/d - a/b\)
- उदाहरण: \(1/2 - 1/3 = 1/6\) जबकि \(1/3 - 1/2 = -1/6\)
- गुणा: दो परिमेय संख्याओं को किसी भी क्रम में गुणा करने पर परिणाम समान रहता है।
- \(a/b \times c/d = c/d \times a/b\)
- उदाहरण: \(1/2 \times 1/3 = 1/6\) और \(1/3 \times 1/2 = 1/6\)
- भाग: परिमेय संख्याएँ भाग के अंतर्गत क्रमविनिमेय नहीं होती हैं।
- \(a/b \div c/d \neq c/d \div a/b\)
- उदाहरण: \(1/2 \div 1/3 = 3/2\) जबकि \(1/3 \div 1/2 = 2/3\)
3. साहचर्यता गुणधर्म (Associativity Property)
- योग: तीन या अधिक परिमेय संख्याओं को किसी भी समूह में जोड़ने पर परिणाम समान रहता है।
- \((a/b + c/d) + e/f = a/b + (c/d + e/f)\)
- उदाहरण: \((1/2 + 1/3) + 1/4 = 5/6 + 1/4 = 13/12\)
- \(1/2 + (1/3 + 1/4) = 1/2 + 7/12 = 13/12\)
- घटाव: परिमेय संख्याएँ घटाव के अंतर्गत साहचर्य नहीं होती हैं।
- \((a/b - c/d) - e/f \neq a/b - (c/d - e/f)\)
- गुणा: तीन या अधिक परिमेय संख्याओं को किसी भी समूह में गुणा करने पर परिणाम समान रहता है।
- \((a/b \times c/d) \times e/f = a/b \times (c/d \times e/f)\)
- उदाहरण: \((1/2 \times 1/3) \times 1/4 = 1/6 \times 1/4 = 1/24\)
- \(1/2 \times (1/3 \times 1/4) = 1/2 \times 1/12 = 1/24\)
- भाग: परिमेय संख्याएँ भाग के अंतर्गत साहचर्य नहीं होती हैं।
- \((a/b \div c/d) \div e/f \neq a/b \div (c/d \div e/f)\)
4. वितरण गुणधर्म (Distributivity Property)
- गुणा का योग पर वितरण: \(a(b+c) = ab + ac\)
- \(a/b \times (c/d + e/f) = (a/b \times c/d) + (a/b \times e/f)\)
- उदाहरण: \(1/2 \times (1/3 + 1/4) = 1/2 \times (7/12) = 7/24\)
- \((1/2 \times 1/3) + (1/2 \times 1/4) = 1/6 + 1/8 = 4/24 + 3/24 = 7/24\)
- गुणा का घटाव पर वितरण: \(a(b-c) = ab - ac\)
- \(a/b \times (c/d - e/f) = (a/b \times c/d) - (a/b \times e/f)\)
5. योज्य तत्समक (Additive Identity)
- शून्य (0) योज्य तत्समक है क्योंकि किसी भी परिमेय संख्या में 0 जोड़ने पर वही संख्या प्राप्त होती है।
- \(a/b + 0 = a/b = 0 + a/b\)
6. गुणात्मक तत्समक (Multiplicative Identity)
- एक (1) गुणात्मक तत्समक है क्योंकि किसी भी परिमेय संख्या को 1 से गुणा करने पर वही संख्या प्राप्त होती है।
- \(a/b \times 1 = a/b = 1 \times a/b\)
योज्य प्रतिलोम (Additive Inverse): किसी परिमेय संख्या \(a/b\) का योज्य प्रतिलोम \(-a/b\) होता है, ताकि \(a/b + (-a/b) = 0\).
गुणात्मक प्रतिलोम (Multiplicative Inverse): किसी परिमेय संख्या \(a/b\) का गुणात्मक प्रतिलोम \(b/a\) होता है (जहाँ \(a \ne 0, b \ne 0\)), ताकि \(a/b \times b/a = 1\). इसे व्युत्क्रम भी कहते हैं।
संख्या रेखा पर परिमेय संख्याओं का निरूपण
परिमेय संख्याओं को संख्या रेखा पर निरूपित किया जा सकता है। प्रत्येक परिमेय संख्या संख्या रेखा पर एक अद्वितीय बिंदु से मेल खाती है।
चरण:
- एक सीधी रेखा खींचें और उस पर एक बिंदु को 0 (शून्य) के रूप में चिह्नित करें।
- 0 के दाईं ओर धनात्मक संख्याएँ और बाईं ओर ऋणात्मक संख्याएँ चिह्नित करें।
- इकाई दूरी (जैसे 1 सेमी) पर पूर्णांकों को चिह्नित करें।
- किसी परिमेय संख्या \(p/q\) को निरूपित करने के लिए:
- यदि \(p/q\) धनात्मक है, तो यह 0 के दाईं ओर होगा।
- यदि \(p/q\) ऋणात्मक है, तो यह 0 के बाईं ओर होगा।
- \(p/q\) को \(q\) बराबर भागों में विभाजित करके निरूपित करें। उदाहरण के लिए, \(3/4\) को निरूपित करने के लिए, 0 और 1 के बीच की दूरी को 4 बराबर भागों में बाँटें और तीसरे भाग को चिह्नित करें।
उदाहरण: \(3/4\) को संख्या रेखा पर निरूपित करना।
- 0 और 1 के बीच की दूरी को 4 बराबर भागों में बाँटें।
- तीसरा भाग \(3/4\) को दर्शाता है।
उदाहरण: \(-2/5\) को संख्या रेखा पर निरूपित करना।
- 0 और -1 के बीच की दूरी को 5 बराबर भागों में बाँटें।
- दूसरा भाग (0 से बाईं ओर) \(-2/5\) को दर्शाता है।
संख्या रेखा पर निरूपण करते समय, हमेशा अंश और हर के मानों पर ध्यान दें। यदि अंश हर से बड़ा है, तो संख्या 1 से बड़ी होगी (या -1 से छोटी यदि ऋणात्मक हो)।
दो परिमेय संख्याओं के बीच परिमेय संख्याएँ ज्ञात करना
दो दी गई परिमेय संख्याओं के बीच अनंत परिमेय संख्याएँ होती हैं। इन्हें ज्ञात करने के कई तरीके हैं।
विधि 1: माध्य विधि (Mean Method)
- दो परिमेय संख्याओं \(a\) और \(b\) के बीच एक परिमेय संख्या \((a+b)/2\) होती है।
- इस प्रक्रिया को दोहराकर और अधिक संख्याएँ ज्ञात की जा सकती हैं।
- उदाहरण: \(1/2\) और \(2/3\) के बीच एक परिमेय संख्या ज्ञात करें।
- \((1/2 + 2/3) / 2 = ((3+4)/6) / 2 = (7/6) / 2 = 7/12\)
- अब \(1/2\) और \(7/12\) के बीच: \((1/2 + 7/12) / 2 = ((6+7)/12) / 2 = (13/12) / 2 = 13/24\)
विधि 2: समतुल्य भिन्न विधि (Equivalent Fraction Method)
- दी गई परिमेय संख्याओं को समान हर वाली समतुल्य भिन्नों में बदलें।
- यदि अंशों के बीच पर्याप्त पूर्णांक हों, तो उन पूर्णांकों को हर के साथ लिखकर परिमेय संख्याएँ प्राप्त करें।
- यदि पर्याप्त पूर्णांक न हों, तो अंश और हर दोनों को एक बड़ी संख्या से गुणा करें (जैसे 10, 100, आदि) ताकि अंशों के बीच अधिक पूर्णांक मिल सकें।
- उदाहरण: \(1/3\) और \(1/2\) के बीच 3 परिमेय संख्याएँ ज्ञात करें।
- LCM of 3 and 2 is 6.
- \(1/3 = 2/6\)
- \(1/2 = 3/6\)
- \(2/6\) और \(3/6\) के बीच कोई पूर्णांक नहीं है। इसलिए, अंश और हर को 10 से गुणा करें।
- \(2/6 = 20/60\)
- \(3/6 = 30/60\)
- अब \(20/60\) और \(30/60\) के बीच की संख्याएँ हैं: \(21/60, 22/60, 23/60, ... 29/60\).
- कोई भी तीन संख्याएँ चुनें, जैसे \(21/60, 22/60, 23/60\).
दो परिमेय संख्याओं के बीच अनंत परिमेय संख्याएँ होती हैं। आपके उत्तर अलग-अलग हो सकते हैं लेकिन वे सभी सही हो सकते हैं।