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AP · Class 8 · 🧮 Maths · Chapter 28

ch28

వర్గమూలంపూర్ణాంకాల వర్గమూలంభిన్నాల వర్గమూలందశాంశాల వర్గమూలంసమీప పూర్ణాంకానికి వర్గమూలం

ఈ అధ్యాయం సంఖ్యల వర్గమూలాలను కనుగొనడంపై దృష్టి పెడుతుంది. పూర్ణాంకాలు, భిన్నాలు మరియు దశాంశాల వర్గమూలాలను ఎలా లెక్కించాలో విద్యార్థులు నేర్చుకుంటారు. వర్గమూలాల భావనను అర్థం చేసుకోవడం గణితంలో అనేక ఇతర భావనలకు పునాది. ఈ క్విజ్ ద్వారా, విద్యార్థులు వర్గమూలాలను కనుగొనడంలో ప్రాథమిక నైపుణ్యాలను పెంపొందించుకుంటారు మరియు సంక్లిష్ట సమస్యలను పరిష్కరించడానికి సిద్ధమవుతారు.

वर्ग संख्याएँ (Perfect Squares)

एक संख्या को वर्ग संख्या या पूर्ण वर्ग (Perfect Square) कहा जाता है यदि वह किसी पूर्णांक का वर्ग हो।

  • परिभाषा: यदि एक प्राकृतिक संख्या \(m\) को \(n \times n\) या \(n^2\) के रूप में व्यक्त किया जा सकता है, जहाँ \(n\) भी एक प्राकृतिक संख्या है, तो \(m\) एक वर्ग संख्या है।
  • उदाहरण: \(1 = 1^2\), \(4 = 2^2\), \(9 = 3^2\), \(16 = 4^2\), आदि।
  • वर्ग संख्याओं को पहचानना:
  • किसी संख्या के अभाज्य गुणनखंड (Prime Factorization) में, यदि प्रत्येक अभाज्य गुणनखंड जोड़ों में (in pairs) आता है, तो वह संख्या एक पूर्ण वर्ग है।
  • उदाहरण: \(36 = 2 \times 2 \times 3 \times 3 = (2^2) \times (3^2) = (2 \times 3)^2 = 6^2\). यहाँ 2 और 3 दोनों जोड़ों में हैं।
  • गैर-वर्ग संख्याएँ (Non-Perfect Squares):
  • जो संख्याएँ किसी पूर्णांक का वर्ग नहीं होतीं, वे गैर-वर्ग संख्याएँ कहलाती हैं।
  • उदाहरण: 2, 3, 5, 6, 7, 8, 10, 11, 12, 13, 14, 15, आदि।
  • वर्ग संख्याओं के बीच की गैर-वर्ग संख्याएँ:
  • दो क्रमागत वर्ग संख्याओं \(n^2\) और \((n+1)^2\) के बीच \(2n\) गैर-वर्ग संख्याएँ होती हैं।
  • उदाहरण: \(1^2 = 1\) और \(2^2 = 4\) के बीच \(2 \times 1 = 2\) गैर-वर्ग संख्याएँ (2, 3) हैं।
  • \(2^2 = 4\) और \(3^2 = 9\) के बीच \(2 \times 2 = 4\) गैर-वर्ग संख्याएँ (5, 6, 7, 8) हैं।
📖నిర్వచనం

वर्ग संख्या (Perfect Square): एक प्राकृतिक संख्या जिसे किसी अन्य प्राकृतिक संख्या के वर्ग के रूप में व्यक्त किया जा सकता है।

ముఖ్యమైనది

किसी संख्या के अभाज्य गुणनखंड में, यदि प्रत्येक गुणनखंड जोड़ों में है, तो वह संख्या पूर्ण वर्ग है।

वर्ग संख्याओं के गुणधर्म (Properties of Square Numbers)

वर्ग संख्याओं के कुछ महत्वपूर्ण गुणधर्म जो उन्हें पहचानने में मदद करते हैं:

  1. इकाई अंक (Unit Digit):
  • एक संख्या जिसका इकाई अंक 0, 1, 4, 5, 6 या 9 है, वह एक पूर्ण वर्ग हो सकती है।
  • एक संख्या जिसका इकाई अंक 2, 3, 7 या 8 है, वह कभी भी पूर्ण वर्ग नहीं हो सकती।
  • उदाहरण:
  • \(10^2 = 100\) (इकाई अंक 0)
  • \(11^2 = 121\) (इकाई अंक 1)
  • \(12^2 = 144\) (इकाई अंक 4)
  • \(13^2 = 169\) (इकाई अंक 9)
  • \(14^2 = 196\) (इकाई अंक 6)
  • \(15^2 = 225\) (इकाई अंक 5)
  1. शून्यों की संख्या (Number of Zeros):
  • यदि किसी संख्या के अंत में शून्यों की संख्या विषम (odd) है, तो वह संख्या पूर्ण वर्ग नहीं हो सकती।
  • पूर्ण वर्ग संख्याओं के अंत में हमेशा सम संख्या में शून्य (even number of zeros) होते हैं।
  • उदाहरण: 100 (दो शून्य - सम), 400 (दो शून्य - सम), 9000 (तीन शून्य - विषम, पूर्ण वर्ग नहीं)।
  1. विषम संख्याओं का योग (Sum of Odd Numbers):
  • प्रथम \(n\) विषम प्राकृतिक संख्याओं का योग \(n^2\) होता है।
  • \(1 = 1^2\)
  • \(1 + 3 = 4 = 2^2\)
  • \(1 + 3 + 5 = 9 = 3^2\)
  • \(1 + 3 + 5 + 7 = 16 = 4^2\)
  • यह गुणधर्म किसी संख्या के पूर्ण वर्ग होने की जाँच करने में मदद करता है। यदि किसी संख्या को क्रमागत विषम संख्याओं के योग के रूप में व्यक्त नहीं किया जा सकता, तो वह पूर्ण वर्ग नहीं है।
  1. पाइथागोरस त्रिक (Pythagorean Triplets):
  • तीन प्राकृतिक संख्याएँ \(m, n, p\) पाइथागोरस त्रिक बनाती हैं यदि \(m^2 + n^2 = p^2\) हो।
  • किसी भी प्राकृतिक संख्या \(m > 1\) के लिए, \((2m, m^2-1, m^2+1)\) एक पाइथागोरस त्रिक है।
  • उदाहरण: यदि \(m=3\), तो \(2m = 6\), \(m^2-1 = 3^2-1 = 8\), \(m^2+1 = 3^2+1 = 10\). अतः \((6, 8, 10)\) एक पाइथागोरस त्रिक है क्योंकि \(6^2 + 8^2 = 36 + 64 = 100 = 10^2\).
  1. दो क्रमागत संख्याओं के वर्गों का अंतर:
  • \((n+1)^2 - n^2 = (n+1-n)(n+1+n) = 1 \times (2n+1) = 2n+1\)
  • अर्थात्, दो क्रमागत संख्याओं के वर्गों का अंतर उन संख्याओं के योग के बराबर होता है।
  • उदाहरण: \(5^2 - 4^2 = 25 - 16 = 9\). और \(5+4 = 9\).
  1. दो क्रमागत सम/विषम संख्याओं के वर्गों का अंतर:
  • \((n+2)^2 - n^2 = (n+2-n)(n+2+n) = 2(2n+2) = 4n+4 = 4(n+1)\)
  • यह अंतर हमेशा 4 का गुणज होता है।
🚧తప్పుడు అభిప్రాయం

सावधानी: इकाई अंक 0, 1, 4, 5, 6 या 9 होने का मतलब यह नहीं है कि संख्या निश्चित रूप से पूर्ण वर्ग है। यह केवल एक संभावना है। उदाहरण: 10 (इकाई अंक 0) पूर्ण वर्ग नहीं है।

💡సూచన

पाइथागोरस त्रिक \((2m, m^2-1, m^2+1)\) को याद रखें। यह अक्सर छोटे \(m\) मानों के लिए त्रिक ज्ञात करने में उपयोगी होता है।

वर्गमूल ज्ञात करना (Finding Square Roots)

किसी संख्या का वर्गमूल वह संख्या होती है जिसे स्वयं से गुणा करने पर मूल संख्या प्राप्त होती है।

  • परिभाषा: यदि \(m = n^2\), तो \(n\) को \(m\) का वर्गमूल कहते हैं। इसे \(\sqrt{m}\) से दर्शाया जाता है।
  • उदाहरण: \(4^2 = 16\), इसलिए \(\sqrt{16} = 4\).
  • प्रत्येक धनात्मक संख्या के दो वर्गमूल होते हैं: एक धनात्मक और एक ऋणात्मक। जैसे \(\sqrt{16} = \pm 4\). लेकिन इस अध्याय में हम मुख्य रूप से धनात्मक वर्गमूल पर ध्यान केंद्रित करेंगे।
  • वर्गमूल ज्ञात करने की विधियाँ:
  1. बार-बार घटाने की विधि (Repeated Subtraction Method):
  • किसी पूर्ण वर्ग संख्या का वर्गमूल ज्ञात करने के लिए, उसमें से क्रमागत विषम संख्याएँ (1, 3, 5, ...) तब तक घटाते हैं जब तक शून्य प्राप्त न हो जाए।
  • जितनी बार घटाया जाता है, वही वर्गमूल होता है।
  • उदाहरण: \(\sqrt{25}\) ज्ञात करना
  1. \(25 - 1 = 24\)
  2. \(24 - 3 = 21\)
  3. \(21 - 5 = 16\)
  4. \(16 - 7 = 9\)
  5. \(9 - 9 = 0\)
  • हमने 5 बार घटाया, अतः \(\sqrt{25} = 5\).
  1. अभाज्य गुणनखंड विधि (Prime Factorization Method):
  • यह विधि पूर्ण वर्ग संख्याओं के लिए सबसे उपयुक्त है।
  • चरण:
  1. दी गई संख्या के अभाज्य गुणनखंड ज्ञात करें।
  2. प्रत्येक अभाज्य गुणनखंड को जोड़ों में समूहित करें।
  3. प्रत्येक जोड़े में से एक गुणनखंड लें।
  4. इन चुने हुए गुणनखंडों को गुणा करें। प्राप्त गुणनफल वर्गमूल होगा।
  • उदाहरण: \(\sqrt{144}\) ज्ञात करना
  1. \(144 = 2 \times 72 = 2 \times 2 \times 36 = 2 \times 2 \times 2 \times 18 = 2 \times 2 \times 2 \times 2 \times 9 = 2 \times 2 \times 2 \times 2 \times 3 \times 3\)
  2. जोड़ों में समूहित करें: \((2 \times 2) \times (2 \times 2) \times (3 \times 3)\)
  3. प्रत्येक जोड़े से एक गुणनखंड लें: \(2 \times 2 \times 3\)
  4. गुणा करें: \(2 \times 2 \times 3 = 12\). अतः \(\sqrt{144} = 12\).
  1. भाग विधि (Long Division Method):
  • यह विधि बड़ी संख्याओं और दशमलव संख्याओं के वर्गमूल ज्ञात करने के लिए उपयोगी है।
  • चरण:
  1. संख्या के इकाई अंक से शुरू करके, अंकों के जोड़े बनाएँ। यदि विषम संख्या में अंक हैं, तो सबसे बाईं ओर का अंक अकेला रहेगा।
  2. सबसे बाईं ओर के जोड़े (या अकेले अंक) के लिए सबसे बड़ा वर्गमूल ज्ञात करें जो इससे कम या बराबर हो। इसे भाजक और भागफल दोनों के रूप में लिखें।
  3. भाजक के वर्ग को पहले जोड़े से घटाएँ।
  4. अगले जोड़े को शेष के बगल में नीचे लाएँ। यह नया भाज्य (dividend) बन जाता है।
  5. भागफल को दोगुना करें और इसे नए भाजक के पहले अंक के रूप में लिखें। इसके बगल में एक खाली स्थान छोड़ें।
  6. खाली स्थान में एक ऐसा अंक लिखें (जो भाजक और भागफल दोनों में हो) ताकि नए भाजक को इस अंक से गुणा करने पर नया भाज्य या उससे कम प्राप्त हो।
  7. इस प्रक्रिया को तब तक दोहराएँ जब तक सभी जोड़े उपयोग न हो जाएँ या वांछित दशमलव स्थानों तक वर्गमूल प्राप्त न हो जाए।
  • उदाहरण: \(\sqrt{529}\) ज्ञात करना

` 2 3 /---- 2|5 29 |4 |-- 43|1 29 |1 29 |---- | 0 `

  • अतः \(\sqrt{529} = 23\).
  1. दशमलव संख्याओं का वर्गमूल (Square Root of Decimal Numbers):
  • दशमलव बिंदु के बाईं ओर के अंकों के जोड़े इकाई अंक से शुरू करके बाईं ओर बनाएँ।
  • दशमलव बिंदु के दाईं ओर के अंकों के जोड़े दशमलव बिंदु से शुरू करके दाईं ओर बनाएँ।
  • बाकी प्रक्रिया भाग विधि के समान है। जब दशमलव बिंदु को पार करते हैं, तो भागफल में भी दशमलव बिंदु लगाएँ।
  • उदाहरण: \(\sqrt{17.64}\) ज्ञात करना

` 4 . 2 /----- 4|17.64 |16 |---- 82| 1 64 | 1 64 |----- | 0 `

  • अतः \(\sqrt{17.64} = 4.2\).
  • अनुमान विधि (Estimation Method):
  • यह विधि बड़ी संख्याओं के वर्गमूल का अनुमान लगाने के लिए उपयोगी है।
  • चरण:
  1. संख्या के इकाई अंक को देखें। यदि यह 1 है, तो वर्गमूल का इकाई अंक 1 या 9 होगा। यदि 4 है, तो 2 या 8 होगा, आदि।
  2. संख्या को दाईं ओर से दो-दो अंकों के जोड़े में विभाजित करें। सबसे बाईं ओर का जोड़ा (या अंक) लें।
  3. सबसे बाईं ओर के जोड़े से कम या बराबर सबसे बड़ा पूर्ण वर्ग ज्ञात करें। इसका वर्गमूल वर्गमूल के पहले अंक के रूप में होगा।
  4. अब पहले अंक और इकाई अंक के संभावित मानों का उपयोग करके अनुमान लगाएँ।
  • उदाहरण: \(\sqrt{576}\) का अनुमान लगाना
  1. इकाई अंक 6 है, तो वर्गमूल का इकाई अंक 4 या 6 होगा।
  2. जोड़े: 5 | 76. सबसे बाईं ओर का जोड़ा 5 है।
  3. \(2^2 = 4\) और \(3^2 = 9\). 5 से कम या बराबर सबसे बड़ा वर्ग 4 है, जिसका वर्गमूल 2 है। तो वर्गमूल का पहला अंक 2 है।
  4. संभावित वर्गमूल 24 या 26 हैं।
  5. \(20^2 = 400\) और \(30^2 = 900\). 576, 400 के करीब है।
  6. \(24^2 = 576\). अतः \(\sqrt{576} = 24\).
🧮సూత్రం

यदि \(m = n^2\), तो \(n = \sqrt{m}\).

ముఖ్యమైనది

अभाज्य गुणनखंड विधि में, यदि कोई अभाज्य गुणनखंड जोड़े में नहीं आता है, तो संख्या पूर्ण वर्ग नहीं है।

💡సూచన

भाग विधि बड़ी संख्याओं और दशमलव संख्याओं के वर्गमूल ज्ञात करने के लिए सबसे कुशल और सटीक विधि है।

वर्गमूल के अनुप्रयोग (Applications of Square Roots)

वर्गमूल का उपयोग विभिन्न वास्तविक जीवन की समस्याओं और ज्यामितीय गणनाओं में होता है।

  • क्षेत्रफल और भुजा (Area and Side):
  • यदि एक वर्ग का क्षेत्रफल दिया गया है, तो उसकी भुजा की लंबाई ज्ञात करने के लिए वर्गमूल का उपयोग किया जाता है।
  • वर्ग का क्षेत्रफल \(= \text{भुजा}^2\)
  • भुजा \(= \sqrt{\text{क्षेत्रफल}}\)
  • पाइथागोरस प्रमेय (Pythagorean Theorem):
  • एक समकोण त्रिभुज में, कर्ण का वर्ग अन्य दो भुजाओं के वर्गों के योग के बराबर होता है।
  • \(c^2 = a^2 + b^2\)
  • यदि कोई दो भुजाएँ ज्ञात हों, तो तीसरी भुजा ज्ञात करने के लिए वर्गमूल का उपयोग किया जाता है।
  • उदाहरण: यदि \(a=3, b=4\), तो \(c = \sqrt{3^2 + 4^2} = \sqrt{9+16} = \sqrt{25} = 5\).
  • संख्या को पूर्ण वर्ग बनाना (Making a Number a Perfect Square):
  • गुणा या भाग द्वारा: यदि कोई संख्या पूर्ण वर्ग नहीं है, तो उसे पूर्ण वर्ग बनाने के लिए उसे सबसे छोटी संख्या से गुणा या भाग किया जा सकता है।
  • विधि: संख्या के अभाज्य गुणनखंड करें। जो गुणनखंड जोड़े में नहीं हैं, उन्हें पूर्ण वर्ग बनाने के लिए गुणा या भाग करें।
  • उदाहरण: 72 को पूर्ण वर्ग बनाने के लिए
  • \(72 = 2 \times 2 \times 2 \times 3 \times 3 = (2^2) \times 2 \times (3^2)\)
  • यहाँ 2 जोड़े में नहीं है। अतः, 72 को 2 से गुणा करने पर \(72 \times 2 = 144 = 12^2\) प्राप्त होगा, जो एक पूर्ण वर्ग है।
  • या 72 को 2 से भाग देने पर \(72 \div 2 = 36 = 6^2\) प्राप्त होगा, जो एक पूर्ण वर्ग है।
  • जोड़ या घटाव द्वारा: किसी संख्या को पूर्ण वर्ग बनाने के लिए उसमें सबसे छोटी संख्या जोड़ी या घटाई जा सकती है।
  • विधि: संख्या के निकटतम पूर्ण वर्ग ज्ञात करें। यदि संख्या से छोटा पूर्ण वर्ग चाहिए, तो घटाएँ। यदि संख्या से बड़ा पूर्ण वर्ग चाहिए, तो जोड़ें।
  • उदाहरण: 50 को पूर्ण वर्ग बनाने के लिए
  • \(7^2 = 49\) और \(8^2 = 64\).
  • 50 में से 1 घटाने पर \(50-1 = 49 = 7^2\) प्राप्त होगा।
  • 50 में 14 जोड़ने पर \(50+14 = 64 = 8^2\) प्राप्त होगा।
  • शब्द समस्याएँ (Word Problems):
  • पंक्तियों और स्तंभों में वस्तुओं को व्यवस्थित करना (जैसे, एक बगीचे में पौधों की संख्या, परेड में सैनिकों की संख्या)।
  • क्षेत्रफल, आयतन, दूरी आदि से संबंधित समस्याएँ।
💡సూచన

गुणा/भाग द्वारा पूर्ण वर्ग बनाने के लिए अभाज्य गुणनखंड विधि का उपयोग करें। जोड़/घटाव द्वारा पूर्ण वर्ग बनाने के लिए भाग विधि या अनुमान विधि का उपयोग करके निकटतम पूर्ण वर्ग ज्ञात करें।

ముఖ్యమైనది

पाइथागोरस प्रमेय केवल समकोण त्रिभुजों पर लागू होता है।

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