MENSURATION
ఈ అధ్యాయం 2D ఆకారాలైన చతురస్రం, దీర్ఘచతురస్రం, త్రిభుజం, సమాంతర చతుర్భుజం మరియు వృత్తం యొక్క చుట్టుకొలత, వైశాల్యం గురించి పునశ్చరణ చేస్తుంది. ట్రాపీజియం, సాధారణ చతుర్భుజం మరియు బహుభుజి వైశాల్యాలను కనుగొనడం నేర్చుకుంటారు. ఘన ఆకారాలైన దీర్ఘఘనం, ఘనం, స్థూపం యొక్క ఉపరితల వైశాల్యం మరియు ఘనపరిమాణంపై దృష్టి సారిస్తుంది. నిజ జీవితంలో కొలతల అనువర్తనాలను అర్థం చేసుకోవడానికి ఇది సహాయపడుతుంది.
2D आकृतियों का पुनरावलोकन: परिमाप और क्षेत्रफल
यह खंड विभिन्न 2D आकृतियों के परिमाप (perimeter) और क्षेत्रफल (area) के महत्वपूर्ण सूत्रों को दोहराता है। ये सूत्र बुनियादी हैं और आगे की अवधारणाओं के लिए आवश्यक हैं।
1. त्रिभुज (Triangle)
- परिमाप: तीनों भुजाओं की लंबाई का योग। यदि भुजाएँ \(a, b, c\) हैं, तो परिमाप \(P = a + b + c\)।
- क्षेत्रफल:
- आधार और ऊँचाई ज्ञात होने पर: \(A = \frac{1}{2} \times \text{आधार} \times \text{ऊँचाई}\)
- हेरोन का सूत्र (जब तीनों भुजाएँ ज्ञात हों): \(A = \sqrt{s(s-a)(s-b)(s-c)}\), जहाँ \(s = \frac{a+b+c}{2}\) (अर्ध-परिमाप)।
2. वर्ग (Square)
- परिमाप: \(P = 4 \times \text{भुजा}\)
- क्षेत्रफल: \(A = (\text{भुजा})^2\)
3. आयत (Rectangle)
- परिमाप: \(P = 2 \times (\text{लंबाई} + \text{चौड़ाई})\)
- क्षेत्रफल: \(A = \text{लंबाई} \times \text{चौड़ाई}\)
4. समांतर चतुर्भुज (Parallelogram)
- परिमाप: \(P = 2 \times (\text{भुजा 1} + \text{भुजा 2})\)
- क्षेत्रफल: \(A = \text{आधार} \times \text{ऊँचाई}\)
5. वृत्त (Circle)
- परिधि (Circumference): \(C = 2\pi r\) या \(C = \pi d\), जहाँ \(r\) त्रिज्या है और \(d\) व्यास है।
- क्षेत्रफल: \(A = \pi r^2\)
6. समचतुर्भुज (Rhombus)
- परिमाप: \(P = 4 \times \text{भुजा}\)
- क्षेत्रफल: \(A = \frac{1}{2} \times d_1 \times d_2\), जहाँ \(d_1\) और \(d_2\) विकर्णों की लंबाई हैं।
7. समलंब (Trapezium)
- परिमाप: सभी भुजाओं का योग।
- क्षेत्रफल: \(A = \frac{1}{2} \times (\text{समांतर भुजाओं का योग}) \times \text{ऊँचाई}\)
याद रखें: परिमाप एक 2D आकृति की सीमा की कुल लंबाई है, जबकि क्षेत्रफल उस आकृति द्वारा घेरा गया स्थान है।
इकाइयाँ:
- लंबाई/परिमाप/परिधि: cm, m, km
- क्षेत्रफल: \(cm^2, m^2, km^2\)
क्षेत्रफल की इकाइयाँ हमेशा वर्ग में होती हैं। उदाहरण के लिए, यदि लंबाई मीटर में है, तो क्षेत्रफल वर्ग मीटर (\(m^2\)) में होगा।
परीक्षा में, सूत्रों को सही ढंग से लिखना और इकाइयों का ध्यान रखना महत्वपूर्ण है।
समलंब का क्षेत्रफल
समलंब एक चतुर्भुज है जिसमें भुजाओं का एक युग्म समांतर होता है। समांतर भुजाओं को आधार कहा जाता है और उनके बीच की लंबवत दूरी को ऊँचाई कहा जाता है।
समलंब का क्षेत्रफल ज्ञात करना
समलंब का क्षेत्रफल ज्ञात करने के लिए, हम इसे एक आयत और दो त्रिभुजों में विभाजित कर सकते हैं, या दो त्रिभुजों में विभाजित कर सकते हैं।
माना एक समलंब ABCD है, जहाँ AB || DC। AB को \(a\) और DC को \(b\) मानें। समांतर भुजाओं के बीच की लंबवत दूरी (ऊँचाई) को \(h\) मानें।
सूत्र: समलंब का क्षेत्रफल \(A = \frac{1}{2} \times (\text{समांतर भुजाओं का योग}) \times \text{ऊँचाई}\) \(A = \frac{1}{2} \times (a + b) \times h\)
व्युत्पत्ति (Derivation):
- एक समलंब ABCD पर विचार करें, जहाँ AB || DC।
- बिंदु C से AB पर एक लंब CE खींचें और बिंदु D से AB पर एक लंब DF खींचें।
- अब समलंब को एक आयत DFEC और दो समकोण त्रिभुजों AFD और BEC में विभाजित किया जा सकता है।
- समलंब ABCD का क्षेत्रफल = त्रिभुज AFD का क्षेत्रफल + आयत DFEC का क्षेत्रफल + त्रिभुज BEC का क्षेत्रफल।
- यह विधि थोड़ी जटिल हो सकती है। एक सरल विधि है समलंब को दो त्रिभुजों में विभाजित करना।
वैकल्पिक व्युत्पत्ति (दो त्रिभुजों में विभाजन):
- समलंब ABCD में, विकर्ण AC खींचें।
- अब समलंब दो त्रिभुजों में विभाजित हो गया है: \(\triangle ABC\) और \(\triangle ADC\)।
- \(\triangle ABC\) का आधार AB है और ऊँचाई \(h\) है (C से AB पर लंब)।
\(\triangle ABC\) का क्षेत्रफल \( = \frac{1}{2} \times AB \times h = \frac{1}{2} a h\)
- \(\triangle ADC\) का आधार DC है और ऊँचाई \(h\) है (A से DC पर लंब)।
\(\triangle ADC\) का क्षेत्रफल \( = \frac{1}{2} \times DC \times h = \frac{1}{2} b h\)
- समलंब ABCD का कुल क्षेत्रफल = \(\triangle ABC\) का क्षेत्रफल + \(\triangle ADC\) का क्षेत्रफल
\(A = \frac{1}{2} a h + \frac{1}{2} b h\) \(A = \frac{1}{2} h (a + b)\) \(A = \frac{1}{2} \times (\text{समांतर भुजाओं का योग}) \times \text{ऊँचाई}\)
यह सूत्र विभिन्न प्रकार के समलंबों के लिए लागू होता है, चाहे वे समद्विबाहु (isosceles) हों या नहीं।
समलंब का क्षेत्रफल: \(A = \frac{1}{2} \times (a + b) \times h\) जहाँ \(a\) और \(b\) समांतर भुजाएँ हैं, और \(h\) उनके बीच की लंबवत दूरी (ऊँचाई) है।
छात्र अक्सर ऊँचाई को तिरछी भुजा (slant side) के साथ भ्रमित कर देते हैं। ऊँचाई हमेशा समांतर भुजाओं के बीच की लंबवत दूरी होती है।
सामान्य चतुर्भुज का क्षेत्रफल
एक सामान्य चतुर्भुज (general quadrilateral) कोई भी चार-भुजाओं वाली आकृति होती है। इसका क्षेत्रफल ज्ञात करने के लिए, हम इसे दो या अधिक ज्ञात आकृतियों में विभाजित करते हैं, आमतौर पर त्रिभुजों में।
विधि 1: एक विकर्ण और दो लंबों का उपयोग करके
- एक चतुर्भुज ABCD पर विचार करें।
- एक विकर्ण, जैसे AC, खींचें। यह चतुर्भुज को दो त्रिभुजों में विभाजित करता है: \(\triangle ABC\) और \(\triangle ADC\)।
- अब, शीर्ष B से विकर्ण AC पर एक लंब \(h_1\) (BM) खींचें।
- शीर्ष D से विकर्ण AC पर एक लंब \(h_2\) (DN) खींचें।
- चतुर्भुज ABCD का क्षेत्रफल = \(\triangle ABC\) का क्षेत्रफल + \(\triangle ADC\) का क्षेत्रफल
\(A = \frac{1}{2} \times AC \times h_1 + \frac{1}{2} \times AC \times h_2\) \(A = \frac{1}{2} \times AC \times (h_1 + h_2)\)
सूत्र: सामान्य चतुर्भुज का क्षेत्रफल \(A = \frac{1}{2} \times d \times (h_1 + h_2)\) जहाँ \(d\) विकर्ण की लंबाई है, और \(h_1, h_2\) उस विकर्ण पर विपरीत शीर्षों से खींचे गए लंबों की लंबाई हैं।
विधि 2: विशेष चतुर्भुजों का क्षेत्रफल
कुछ चतुर्भुजों के लिए विशेष सूत्र होते हैं:
- वर्ग: \(A = \text{भुजा}^2\) या \(A = \frac{1}{2} d^2\)
- आयत: \(A = \text{लंबाई} \times \text{चौड़ाई}\)
- समांतर चतुर्भुज: \(A = \text{आधार} \times \text{ऊँचाई}\)
- समचतुर्भुज: \(A = \frac{1}{2} d_1 d_2\)
उदाहरण: एक खेत का क्षेत्रफल ज्ञात करना जिसका आकार अनियमित चतुर्भुज है। हम इसे एक विकर्ण खींचकर और उस विकर्ण पर अन्य दो शीर्षों से लंब डालकर दो त्रिभुजों में विभाजित कर सकते हैं।
सामान्य चतुर्भुज का क्षेत्रफल: \(A = \frac{1}{2} \times d \times (h_1 + h_2)\) जहाँ \(d\) विकर्ण है, और \(h_1, h_2\) उस विकर्ण पर विपरीत शीर्षों से लंब हैं।
परीक्षा में, आकृति को ध्यान से देखें और पहचानें कि कौन सा विकर्ण और कौन से लंब दिए गए हैं। यदि लंब नहीं दिए गए हैं, तो आपको उन्हें ज्ञात करने के लिए पाइथागोरस प्रमेय का उपयोग करना पड़ सकता है।
बहुभुज का क्षेत्रफल
एक बहुभुज (polygon) एक बंद आकृति है जो सीधी रेखा खंडों से बनी होती है। बहुभुज का क्षेत्रफल ज्ञात करने के लिए, हम इसे ज्ञात आकृतियों (जैसे त्रिभुज, चतुर्भुज, समलंब) में विभाजित करते हैं।
बहुभुज का क्षेत्रफल ज्ञात करने की विधि
- बहुभुज को त्रिभुजों में विभाजित करना:
- बहुभुज के एक शीर्ष से सभी अन्य शीर्षों तक विकर्ण खींचें (जो एक दूसरे को प्रतिच्छेद न करें)।
- यह बहुभुज को कई त्रिभुजों में विभाजित करेगा।
- प्रत्येक त्रिभुज का क्षेत्रफल ज्ञात करें और उन्हें जोड़ दें।
- बहुभुज को समलंब और त्रिभुजों में विभाजित करना:
- कभी-कभी, बहुभुज को समलंब और त्रिभुजों के संयोजन में विभाजित करना अधिक सुविधाजनक होता है।
- उदाहरण के लिए, एक अनियमित बहुभुज के लिए, हम एक आधार रेखा (जैसे X-अक्ष) खींच सकते हैं और सभी शीर्षों से उस पर लंब डाल सकते हैं।
- यह बहुभुज को कई समलंबों और त्रिभुजों में विभाजित करेगा।
- प्रत्येक खंड का क्षेत्रफल ज्ञात करें और उन्हें जोड़ दें।
उदाहरण: एक पंचभुज (pentagon) ABCDE का क्षेत्रफल ज्ञात करना।
- हम इसे \(\triangle ABE\), \(\triangle BCE\) और \(\triangle CDE\) में विभाजित कर सकते हैं।
- या, हम एक विकर्ण AC और एक विकर्ण AD खींच सकते हैं, जो इसे \(\triangle ABC\), \(\triangle ACD\) और \(\triangle ADE\) में विभाजित करेगा।
नियमित बहुभुज (Regular Polygon):
- एक नियमित बहुभुज में सभी भुजाएँ और सभी कोण बराबर होते हैं।
- नियमित बहुभुज का क्षेत्रफल = \(\frac{1}{2} \times \text{परिमाप} \times \text{एपोथेम}\)
- एपोथेम (apothem) केंद्र से किसी भी भुजा के मध्य बिंदु तक की लंबवत दूरी है।
याद रखने योग्य बातें:
- हमेशा बहुभुज को ऐसे टुकड़ों में विभाजित करने का प्रयास करें जिनके क्षेत्रफल के सूत्र आपको ज्ञात हों।
- सभी आवश्यक मापों (आधार, ऊँचाई, विकर्ण) को ध्यान से पहचानें।
- गणना करते समय सटीकता बनाए रखें।
बहुभुज का क्षेत्रफल ज्ञात करने की कुंजी उसे सरल, ज्ञात आकृतियों में तोड़ना है।
यदि बहुभुज अनियमित है, तो आकृति को अच्छी तरह से लेबल करें और प्रत्येक उप-आकृति के लिए आवश्यक मापों को स्पष्ट रूप से लिखें।
ठोस आकृतियाँ: पृष्ठीय क्षेत्रफल
ठोस आकृतियाँ (Solid shapes) 3D वस्तुएँ होती हैं जिनकी लंबाई, चौड़ाई और ऊँचाई होती है। पृष्ठीय क्षेत्रफल (Surface area) एक 3D वस्तु की सतह का कुल क्षेत्रफल होता है।
1. घनाभ (Cuboid)
- एक घनाभ में 6 आयताकार फलक (faces) होते हैं।
- माना लंबाई \(l\), चौड़ाई \(b\) और ऊँचाई \(h\) है।
- कुल पृष्ठीय क्षेत्रफल (Total Surface Area - TSA): सभी 6 फलकों के क्षेत्रफलों का योग।
\(TSA = 2(lb + bh + hl)\)
- पार्श्व पृष्ठीय क्षेत्रफल (Lateral Surface Area - LSA): शीर्ष और आधार को छोड़कर सभी 4 फलकों का क्षेत्रफल। इसे 'चार दीवारों का क्षेत्रफल' भी कहते हैं।
\(LSA = 2(l+b)h\)
2. घन (Cube)
- एक घन एक विशेष घनाभ है जहाँ सभी भुजाएँ बराबर होती हैं (\(l=b=h=a\))। इसमें 6 वर्गाकार फलक होते हैं।
- माना भुजा \(a\) है।
- कुल पृष्ठीय क्षेत्रफल (TSA): \(TSA = 6a^2\)
- पार्श्व पृष्ठीय क्षेत्रफल (LSA): \(LSA = 4a^2\)
3. बेलन (Cylinder)
- एक बेलन में दो वृत्ताकार आधार और एक वक्र पृष्ठीय क्षेत्रफल (curved surface area) होता है।
- माना त्रिज्या \(r\) और ऊँचाई \(h\) है।
- वक्र पृष्ठीय क्षेत्रफल (Curved Surface Area - CSA): बेलन के वक्र भाग का क्षेत्रफल।
\(CSA = 2\pi rh\)
- कुल पृष्ठीय क्षेत्रफल (TSA): वक्र पृष्ठीय क्षेत्रफल + दोनों वृत्ताकार आधारों का क्षेत्रफल।
\(TSA = 2\pi rh + 2\pi r^2 = 2\pi r(h+r)\)
पृष्ठीय क्षेत्रफल की इकाइयाँ हमेशा वर्ग में होती हैं (जैसे \(cm^2, m^2\))।
अनुप्रयोग:
- किसी कमरे को पेंट करने के लिए आवश्यक पेंट की मात्रा ज्ञात करना (LSA का उपयोग)।
- किसी वस्तु को लपेटने के लिए आवश्यक कागज की मात्रा ज्ञात करना (TSA का उपयोग)।
घनाभ:
- \(TSA = 2(lb + bh + hl)\)
- \(LSA = 2(l+b)h\)
घन:
- \(TSA = 6a^2\)
- \(LSA = 4a^2\)
बेलन:
- \(CSA = 2\pi rh\)
- \(TSA = 2\pi r(h+r)\)
LSA और TSA के बीच अंतर को समझें। LSA में आधार और शीर्ष शामिल नहीं होते हैं, जबकि TSA में सभी सतहें शामिल होती हैं।
ठोस आकृतियाँ: आयतन और क्षमता
आयतन (Volume) एक 3D वस्तु द्वारा घेरा गया स्थान है। क्षमता (Capacity) एक कंटेनर द्वारा धारण की जा सकने वाली तरल पदार्थ की मात्रा को संदर्भित करती है। दोनों को घन इकाइयों में मापा जाता है।
1. घनाभ (Cuboid)
- आयतन: \(V = l \times b \times h\)
2. घन (Cube)
- आयतन: \(V = a^3\)
3. बेलन (Cylinder)
- आयतन: \(V = \pi r^2 h\)
आयतन और क्षमता के बीच संबंध
- आयतन एक वस्तु द्वारा घेरा गया स्थान है, जबकि क्षमता उस स्थान को संदर्भित करती है जिसे एक कंटेनर भर सकता है।
- इकाइयाँ: आयतन के लिए \(cm^3, m^3\)। क्षमता के लिए लीटर (L) और मिलीलीटर (mL)।
- रूपांतरण (Conversion):
- \(1 cm^3 = 1 mL\)
- \(1000 cm^3 = 1 L\)
- \(1 m^3 = 1000 L = 1 kL\)
अनुप्रयोग:
- पानी की टंकी में कितना पानी आ सकता है (क्षमता)।
- किसी बॉक्स में कितनी वस्तुएँ पैक की जा सकती हैं (आयतन)।
- किसी कमरे में हवा की मात्रा (आयतन)।
आयतन की इकाइयाँ हमेशा घन में होती हैं (जैसे \(cm^3, m^3\))।
घनाभ का आयतन: \(V = l \times b \times h\) घन का आयतन: \(V = a^3\) बेलन का आयतन: \(V = \pi r^2 h\)
आयतन और क्षमता के बीच संबंध को याद रखें: \(1 L = 1000 cm^3\) और \(1 m^3 = 1000 L\)। यह रूपांतरण अक्सर समस्याओं को हल करने में महत्वपूर्ण होता है।