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AP · Class 8 · 📘 Physical_Science · Chapter 2

Coal and Petroleum

సహజ వనరులుపునరుత్పాదక వనరులుపునరుత్పాదక వనరులు కానివిబొగ్గుపెట్రోలియంసహజ వాయువు

ఈ అధ్యాయం బొగ్గు మరియు పెట్రోలియం వంటి ముఖ్యమైన సహజ వనరుల గురించి వివరిస్తుంది. పునరుత్పాదక మరియు పునరుత్పాదక వనరుల మధ్య వ్యత్యాసం, బొగ్గు, పెట్రోలియం మరియు సహజ వాయువు ఎలా ఏర్పడతాయి, వాటి వివిధ రకాలు, ఉత్పత్తులు మరియు మన దైనందిన జీవితంలో వాటి ఉపయోగాలు ఇందులో ఉన్నాయి. ఈ వనరుల పరిమిత స్వభావం మరియు వాటిని సంరక్షించాల్సిన ఆవశ్యకతను కూడా ఈ అధ్యాయం నొక్కి చెబుతుంది. విద్యార్థులు ఈ వనరుల ప్రాముఖ్యతను మరియు వాటిని తెలివిగా ఉపయోగించుకోవాల్సిన అవసరాన్ని అర్థం చేసుకుంటారు.

प्राकृतिक संसाधन: नवीकरणीय और गैर-नवीकरणीय

प्राकृतिक संसाधन वे संसाधन हैं जो प्रकृति से प्राप्त होते हैं और बिना किसी बड़े बदलाव के उपयोग किए जाते हैं.

  • उदाहरण: हवा, पानी, मिट्टी, खनिज, कोयला, पेट्रोलियम, वन्यजीव.

प्राकृतिक संसाधनों का वर्गीकरण

प्राकृतिक संसाधनों को उनकी उपलब्धता के आधार पर दो मुख्य श्रेणियों में वर्गीकृत किया गया है:

  1. अक्षय (Inexhaustible) प्राकृतिक संसाधन (नवीकरणीय):
  • ये संसाधन असीमित मात्रा में प्रकृति में मौजूद हैं और मानवीय गतिविधियों से समाप्त नहीं होंगे.
  • उदाहरण: सूर्य का प्रकाश (सौर ऊर्जा), हवा (पवन ऊर्जा).
  • ये नवीकरणीय संसाधन भी कहलाते हैं क्योंकि ये स्वाभाविक रूप से या अपेक्षाकृत कम समय में फिर से बन जाते हैं.
  1. समाप्त होने वाले (Exhaustible) प्राकृतिक संसाधन (गैर-नवीकरणीय):
  • ये संसाधन प्रकृति में सीमित मात्रा में मौजूद हैं.
  • मानवीय गतिविधियों द्वारा इनके समाप्त होने की संभावना है.
  • इनके बनने में लाखों साल लगते हैं, इसलिए इन्हें नवीनीकृत नहीं किया जा सकता है.
  • उदाहरण: कोयला, पेट्रोलियम, प्राकृतिक गैस, खनिज, वन, वन्यजीव.
  • इन्हें गैर-नवीकरणीय संसाधन भी कहा जाता है.

जीवाश्म ईंधन (Fossil Fuels)

  • कोयला, पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस को जीवाश्म ईंधन कहा जाता है.
  • ये लाखों साल पहले जीवित जीवों (पौधों और जानवरों) के मृत अवशेषों से बने हैं.
  • ये समाप्त होने वाले प्राकृतिक संसाधन हैं.
📖నిర్వచనం

जीवाश्म ईंधन (Fossil Fuels): मृत जीवों के अवशेषों से बने ईंधन, जिन्हें बनने में लाखों साल लगते हैं और जो सीमित मात्रा में उपलब्ध हैं.

ముఖ్యమైనది

सभी जीवाश्म ईंधन समाप्त होने वाले (गैर-नवीकरणीय) प्राकृतिक संसाधन हैं.

कोयला: निर्माण, प्रकार और उत्पाद

कोयला क्या है?

  • कोयला एक कठोर, काला, ज्वलनशील चट्टान है जिसका उपयोग ईंधन के रूप में किया जाता है.
  • यह मुख्य रूप से कार्बन से बना होता है.
  • यह एक जीवाश्म ईंधन है.

कोयले का निर्माण (Carbonisation)

  • लगभग 300 मिलियन वर्ष पहले, पृथ्वी पर घने जंगल निचले जलीय क्षेत्रों में थे.
  • प्राकृतिक प्रक्रियाओं, जैसे बाढ़, के कारण ये जंगल मिट्टी के नीचे दब गए.
  • जैसे-जैसे वे अधिक मिट्टी और चट्टानों से दबते गए, वे संपीड़ित (compressed) होते गए.
  • उच्च दबाव और उच्च तापमान के कारण, मृत पौधे धीरे-धीरे कोयले में परिवर्तित हो गए.
  • इस धीमी प्रक्रिया को कार्बनीकरण (Carbonisation) कहते हैं, क्योंकि यह मुख्य रूप से कार्बन में परिवर्तित होता है.
  • कोयला मृत वनस्पति के अवशेषों से बनता है, इसलिए इसे जीवाश्म ईंधन कहा जाता है.

कोयले के प्रकार (कार्बन सामग्री के आधार पर)

कोयले को उसमें मौजूद कार्बन की मात्रा के आधार पर विभिन्न प्रकारों में वर्गीकृत किया जाता है:

  1. पीट (Peat): कोयले के निर्माण का पहला चरण. इसमें कार्बन की मात्रा सबसे कम (50-60%) होती है और यह कम ऊष्मा देता है.
  2. लिग्नाइट (Lignite): भूरा कोयला, जिसमें कार्बन की मात्रा 60-70% होती है. यह अपेक्षाकृत नरम होता है और कम नमी वाला होता है.
  3. बिटुमिनस (Bituminous): सबसे आम प्रकार का कोयला, जिसमें कार्बन की मात्रा 70-85% होती है. इसका उपयोग बिजली उत्पादन और औद्योगिक उद्देश्यों के लिए किया जाता है.
  4. एंथ्रेसाइट (Anthracite): सबसे उच्च गुणवत्ता वाला कोयला, जिसमें कार्बन की मात्रा 85-95% होती है. यह सबसे कठोर होता है और सबसे अधिक ऊष्मा देता है. इसे कठोर कोयला भी कहते हैं.

कोयले के उत्पाद (विनाशकारी आसवन)

जब कोयले को हवा की अनुपस्थिति में गर्म किया जाता है, तो इसे कोयले का विनाशकारी आसवन (Destructive Distillation of Coal) कहते हैं. इससे विभिन्न उपयोगी उत्पाद प्राप्त होते हैं:

  1. कोक (Coke):
  • यह कठोर, सरंध्र (porous) और काला पदार्थ है.
  • यह कार्बन का लगभग शुद्ध रूप है.
  • उपयोग: स्टील के निर्माण और कई धातुओं के निष्कर्षण में एक अपचायक (reducing agent) के रूप में.
  1. कोल तार (Coal Tar):
  • यह एक काला, गाढ़ा, चिपचिपा द्रव है जिसकी गंध अप्रिय होती है.
  • यह लगभग 200 पदार्थों का मिश्रण है.
  • उपयोग: संश्लेषित रंग, इत्र, प्लास्टिक, पेंट, विस्फोटक, छत सामग्री, फोटोग्राफिक सामग्री और नेफ़थलीन गेंदों के निर्माण में उपयोग होने वाले प्रारंभिक पदार्थ प्राप्त करने के लिए.
  • सड़कों के निर्माण में भी इसका उपयोग किया जाता था, लेकिन आजकल बिटुमेन (पेट्रोलियम उत्पाद) का उपयोग किया जाता है.
  1. कोल गैस (Coal Gas):
  • यह कोयले के प्रसंस्करण के दौरान प्राप्त एक गैसीय ईंधन है.
  • यह मुख्य रूप से हाइड्रोजन, मीथेन और कार्बन मोनोऑक्साइड का मिश्रण है.
  • उपयोग: कोयला प्रसंस्करण संयंत्रों के पास के उद्योगों में ईंधन के रूप में.
  • पहले इसे सड़कों पर रोशनी के लिए इस्तेमाल किया जाता था.
📖నిర్వచనం

कार्बनीकरण (Carbonisation): मृत वनस्पति के कोयले में धीमी गति से परिवर्तन की प्रक्रिया.

💡సూచన

कोक को कार्बन का लगभग शुद्ध रूप माना जाता है. यह बोर्ड परीक्षाओं में अक्सर पूछा जाने वाला प्रश्न है.

पेट्रोलियम: निर्माण, परिष्करण और उत्पाद

पेट्रोलियम क्या है?

  • पेट्रोलियम एक गहरा, तैलीय द्रव है जिसकी गंध अप्रिय होती है.
  • यह समुद्र में रहने वाले जीवों से बना है.
  • यह एक जीवाश्म ईंधन है.
  • इसे कच्चा तेल (Crude Oil) भी कहा जाता है.

पेट्रोलियम का निर्माण

  • पेट्रोलियम का निर्माण लाखों साल पहले समुद्र में रहने वाले छोटे जीवों से हुआ था.
  • जब ये जीव मर गए, तो उनके शरीर समुद्र तल पर जमा हो गए और मिट्टी तथा रेत की परतों से ढक गए.
  • लाखों वर्षों में, उच्च दबाव और तापमान तथा हवा की अनुपस्थिति में, मृत जीवों के अवशेष पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस में परिवर्तित हो गए.

पेट्रोलियम का परिष्करण (Refining of Petroleum)

  • पेट्रोलियम एक जटिल मिश्रण है जिसमें विभिन्न घटक जैसे पेट्रोलियम गैस, पेट्रोल, डीजल, मिट्टी का तेल, पैराफिन मोम, चिकनाई वाला तेल आदि होते हैं.
  • इन घटकों को अलग करने की प्रक्रिया को पेट्रोलियम का परिष्करण (Refining of Petroleum) कहा जाता है.
  • यह एक पेट्रोलियम रिफाइनरी में किया जाता है.
  • परिष्करण की प्रक्रिया प्रभाजी आसवन (Fractional Distillation) पर आधारित है, जहां विभिन्न घटकों को उनके अलग-अलग क्वथनांक (boiling points) के आधार पर अलग किया जाता है.

पेट्रोलियम के विभिन्न घटक और उनके उपयोग

| घटक (Fraction) | क्वथनांक सीमा | उपयोग | |---|---|---| | पेट्रोलियम गैस (LPG) | 20°C से कम | घरों और उद्योगों में ईंधन (LPG) | | पेट्रोल (Petrol) | 40°C - 200°C | मोटर ईंधन, विमान ईंधन, शुष्क धुलाई के लिए विलायक | | मिट्टी का तेल (Kerosene) | 175°C - 275°C | स्टोव, लैंप और जेट विमानों के लिए ईंधन | | डीजल (Diesel) | 250°C - 350°C | भारी मोटर वाहनों, बिजली जनरेटर के लिए ईंधन | | चिकनाई वाला तेल (Lubricating Oil) | 350°C - 400°C | स्नेहन (lubrication) के लिए | | पैराफिन मोम (Paraffin Wax) | 350°C से अधिक | मोमबत्तियां, वैसलीन, सौंदर्य प्रसाधन, मलहम | | बिटुमेन (Bitumen) | 400°C से अधिक | सड़क निर्माण (डामर), पेंट |

काला सोना (Black Gold)

  • पेट्रोलियम को काला सोना (Black Gold) कहा जाता है क्योंकि यह बहुत मूल्यवान है.
  • इसके कई उपयोगी उत्पाद हैं जो अर्थव्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण हैं.

पेट्रोकेमिकल्स (Petrochemicals)

  • पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस से प्राप्त उपयोगी पदार्थों को पेट्रोकेमिकल्स कहते हैं.
  • उपयोग: डिटर्जेंट, फाइबर (पॉलिएस्टर, नायलॉन, एक्रिलिक), पॉलीथीन और अन्य मानव निर्मित प्लास्टिक के निर्माण में.
  • प्राकृतिक गैस से प्राप्त हाइड्रोजन का उपयोग उर्वरक (यूरिया) के उत्पादन में किया जाता है.
📖నిర్వచనం

पेट्रोलियम का परिष्करण (Refining of Petroleum): पेट्रोलियम के विभिन्न घटकों को उनके क्वथनांक के आधार पर अलग करने की प्रक्रिया.

ముఖ్యమైనది

पेट्रोलियम को काला सोना कहा जाता है क्योंकि यह बहुत मूल्यवान है और कई उद्योगों का आधार है.

प्राकृतिक गैस: निर्माण और उपयोग

प्राकृतिक गैस क्या है?

  • प्राकृतिक गैस एक महत्वपूर्ण जीवाश्म ईंधन है.
  • यह पेट्रोलियम के साथ या अकेले पाई जाती है.
  • इसे पाइपलाइनों के माध्यम से आसानी से ले जाया जा सकता है.

प्राकृतिक गैस का निर्माण

  • प्राकृतिक गैस का निर्माण भी पेट्रोलियम के समान ही हुआ था, यानी समुद्र में रहने वाले मृत जीवों के अवशेषों से.
  • लाखों वर्षों में, उच्च दबाव और तापमान के तहत, ये अवशेष प्राकृतिक गैस में परिवर्तित हो गए.

प्राकृतिक गैस की संरचना

  • प्राकृतिक गैस मुख्य रूप से मीथेन (लगभग 85%) से बनी होती है.
  • इसमें ईथेन (लगभग 10%), प्रोपेन (लगभग 3%) और ब्यूटेन जैसी अन्य हाइड्रोकार्बन गैसें भी होती हैं.

प्राकृतिक गैस के उपयोग

  1. ईंधन के रूप में:
  • घरों और उद्योगों में सीधे जलाकर ऊर्जा प्राप्त करने के लिए.
  • यह सबसे स्वच्छ जीवाश्म ईंधन है क्योंकि इसके जलने पर बहुत कम प्रदूषण होता है.
  • CNG (Compressed Natural Gas): संपीड़ित प्राकृतिक गैस का उपयोग वाहनों में ईंधन के रूप में किया जाता है. यह पेट्रोल और डीजल की तुलना में कम प्रदूषणकारी है.
  • LPG (Liquefied Petroleum Gas): पेट्रोलियम गैस का द्रवीकृत रूप, जिसका उपयोग घरों में खाना पकाने के लिए किया जाता है.
  1. उर्वरक उत्पादन में: प्राकृतिक गैस का उपयोग उर्वरकों (जैसे यूरिया) के निर्माण में प्रारंभिक सामग्री के रूप में किया जाता है.
  1. पेट्रोकेमिकल्स के निर्माण में: प्राकृतिक गैस से प्राप्त कुछ घटक पेट्रोकेमिकल्स के उत्पादन में उपयोग होते हैं.

भारत में प्राकृतिक गैस के भंडार

  • भारत में प्राकृतिक गैस के विशाल भंडार हैं.
  • त्रिपुरा, राजस्थान, महाराष्ट्र और कृष्णा गोदावरी डेल्टा में प्राकृतिक गैस पाई जाती है.
ముఖ్యమైనది

CNG (Compressed Natural Gas) एक स्वच्छ ईंधन है और वाहनों में उपयोग के लिए अधिक पर्यावरण के अनुकूल है.

जीवाश्म ईंधन का संरक्षण

जीवाश्म ईंधन सीमित क्यों हैं?

  • जीवाश्म ईंधन समाप्त होने वाले प्राकृतिक संसाधन हैं.
  • उनके निर्माण में लाखों साल लगते हैं, जबकि हम उनका उपयोग बहुत तेजी से कर रहे हैं.
  • वर्तमान दर पर उपयोग करने पर ये कुछ ही सौ वर्षों में समाप्त हो सकते हैं.

जीवाश्म ईंधन के जलने के हानिकारक प्रभाव

  • जीवाश्म ईंधन के जलने से वायु प्रदूषण होता है.
  • कार्बन डाइऑक्साइड (CO2) का उत्सर्जन ग्लोबल वार्मिंग का कारण बनता है, जिससे पृथ्वी का तापमान बढ़ता है.
  • कार्बन मोनोऑक्साइड, सल्फर डाइऑक्साइड और नाइट्रोजन ऑक्साइड जैसी गैसें श्वसन संबंधी समस्याओं और अम्लीय वर्षा का कारण बनती हैं.

जीवाश्म ईंधन का संरक्षण क्यों महत्वपूर्ण है?

  • सीमित उपलब्धता: इन्हें बनने में लाखों साल लगते हैं और ये सीमित मात्रा में हैं.
  • पर्यावरणीय प्रभाव: इनके जलने से प्रदूषण और ग्लोबल वार्मिंग होती है.
  • भविष्य की पीढ़ियों के लिए: हमें भविष्य की पीढ़ियों के लिए इन संसाधनों को बचाना होगा.

जीवाश्म ईंधन को बचाने के तरीके

पेट्रोलियम संरक्षण अनुसंधान संघ (PCRA) जैसे संगठन ईंधन बचाने के लिए निम्नलिखित सुझाव देते हैं:

  1. नियमित और मध्यम गति से गाड़ी चलाएं: जितनी संभव हो, स्थिर और मध्यम गति से गाड़ी चलाएं. तेज या धीमी गति से गाड़ी चलाने से ईंधन की बर्बादी होती है.
  2. ट्रैफिक लाइट पर इंजन बंद करें: ट्रैफिक लाइट या जहां भी आपको इंतजार करना पड़े, वहां इंजन बंद कर दें.
  3. टायर का दबाव सही रखें: टायरों में हवा का दबाव सही बनाए रखें.
  4. नियमित रखरखाव: वाहन का नियमित रखरखाव सुनिश्चित करें.
  5. सार्वजनिक परिवहन का उपयोग करें: छोटी दूरी के लिए साइकिल चलाएं या पैदल चलें, लंबी दूरी के लिए सार्वजनिक परिवहन का उपयोग करें.
  6. सौर ऊर्जा और पवन ऊर्जा जैसे वैकल्पिक ऊर्जा स्रोतों का उपयोग करें: नवीकरणीय ऊर्जा स्रोतों को बढ़ावा दें.
💡సూచన

जीवाश्म ईंधन के संरक्षण के तरीकों पर आधारित प्रश्न अक्सर परीक्षाओं में पूछे जाते हैं. PCRA के सुझावों को याद रखें.

గుర్తుంచుకోండి

CNG (Compressed Natural Gas) और LPG (Liquefied Petroleum Gas) दोनों ही स्वच्छ ईंधन हैं, लेकिन CNG को विशेष रूप से वाहनों के लिए कम प्रदूषणकारी माना जाता है.

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