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ఈ అధ్యాయం బహుపదులు, వాటి రకాలు, బహుపదుల కూడిక, తీసివేత, గుణకారం మరియు భాగహారం వంటి ప్రాథమిక కార్యకలాపాలను పరిచయం చేస్తుంది. శేష సిద్ధాంతం (Remainder Theorem) మరియు కారక సిద్ధాంతం (Factor Theorem) వంటి ముఖ్యమైన సిద్ధాంతాలను కూడా మీరు నేర్చుకుంటారు. బహుపదుల కారక విభజన మరియు బీజగణిత సర్వసమీకరణాల అనువర్తనాలు ఈ అధ్యాయంలో ముఖ్యమైన భాగాలు. ఈ భావనలు ఉన్నత గణిత అధ్యయనాలకు పునాది వేస్తాయి.
बहुपद की परिभाषा और शब्दावली
एक बहुपद एक बीजीय व्यंजक होता है जिसमें चर (variables) की घात (power) हमेशा एक अऋणात्मक पूर्णांक (non-negative integer) होती है।
- चर (Variable): अक्षर जो विभिन्न मान ले सकते हैं, जैसे \(x, y, z\)।
- अचर (Constant): निश्चित संख्यात्मक मान, जैसे \(2, -5, \frac{1}{3}\)।
- पद (Term): बहुपद का प्रत्येक भाग जो \(+, -\) से अलग होता है। उदाहरण के लिए, \(2x^2 + 5x - 3\) में \(2x^2, 5x\) और \(-3\) पद हैं।
- गुणांक (Coefficient): चर के साथ गुणा की गई संख्या। \(2x^2\) में \(2\) गुणांक है।
- घात (Degree): बहुपद में चर की सबसे बड़ी घात।
- \(5x^3 - 2x + 7\) की घात \(3\) है।
- एक अचर बहुपद (जैसे \(5\)) की घात \(0\) होती है।
- शून्य बहुपद (जैसे \(0\)) की घात अपरिभाषित होती है।
बहुपदों के प्रकार (Types of Polynomials)
1. पदों की संख्या के आधार पर:
- एकपदी (Monomial): एक पद वाला बहुपद। उदाहरण: \(5x, 3y^2, 7\).
- द्विपदी (Binomial): दो पद वाला बहुपद। उदाहरण: \(x+y, 2x^2 - 3, y^3 + 5y\).
- त्रिपदी (Trinomial): तीन पद वाला बहुपद। उदाहरण: \(x^2 + 2x + 1, 3y^3 - 4y + 2\).
2. घात के आधार पर:
- रैखिक बहुपद (Linear Polynomial): घात \(1\) वाला बहुपद। सामान्य रूप: \(ax+b\), जहाँ \(a \neq 0\)। उदाहरण: \(2x+3, y-5\).
- द्विघात बहुपद (Quadratic Polynomial): घात \(2\) वाला बहुपद। सामान्य रूप: \(ax^2+bx+c\), जहाँ \(a \neq 0\)। उदाहरण: \(x^2 - 4x + 4, 3y^2 + 2\).
- त्रिघात बहुपद (Cubic Polynomial): घात \(3\) वाला बहुपद। सामान्य रूप: \(ax^3+bx^2+cx+d\), जहाँ \(a \neq 0\)। उदाहरण: \(x^3 - 8, 2y^3 + 5y^2 - y + 1\).
बहुपद नहीं होने की शर्तें
एक व्यंजक बहुपद नहीं होगा यदि:
- चर की घात ऋणात्मक पूर्णांक हो। उदाहरण: \(x^{-2} + 3x\).
- चर की घात भिन्न हो। उदाहरण: \(x^{1/2} + 5\) या \(\sqrt{x} + 5\).
- चर हर (denominator) में हो। उदाहरण: \(\frac{1}{x} + 2\) या \(x^{-1} + 2\).
- चर वर्गमूल या घनमूल के अंदर हो। उदाहरण: \(\sqrt{x^2+1}\).
बहुपद (Polynomial): एक बीजीय व्यंजक जिसमें चर की घात हमेशा एक अऋणात्मक पूर्णांक होती है।
शून्य बहुपद की घात अपरिभाषित होती है। अचर बहुपद की घात \(0\) होती है।
बहुपद के शून्यक (Zeros of a Polynomial)
एक बहुपद \(P(x)\) का शून्यक वह मान \(k\) होता है जिसके लिए \(P(k) = 0\) होता है। दूसरे शब्दों में, यह \(x\) का वह मान है जो बहुपद को शून्य कर देता है।
- रैखिक बहुपद के शून्यक:
- एक रैखिक बहुपद \(ax+b\) का केवल एक शून्यक होता है।
- इसे \(ax+b=0 \Rightarrow ax = -b \Rightarrow x = -\frac{b}{a}\) से ज्ञात किया जा सकता है।
- उदाहरण: \(P(x) = 2x - 4\) का शून्यक \(x = -\frac{(-4)}{2} = 2\) है।
- द्विघात बहुपद के शून्यक:
- एक द्विघात बहुपद के अधिकतम दो शून्यक हो सकते हैं।
- उदाहरण: \(P(x) = x^2 - 4\) के शून्यक \(x=2\) और \(x=-2\) हैं क्योंकि \(P(2) = 2^2 - 4 = 0\) और \(P(-2) = (-2)^2 - 4 = 0\).
- त्रिघात बहुपद के शून्यक:
- एक त्रिघात बहुपद के अधिकतम तीन शून्यक हो सकते हैं।
- सामान्य नियम: एक बहुपद की जितनी घात होती है, उसके अधिकतम उतने ही शून्यक हो सकते हैं।
बहुपद का मान ज्ञात करना
यदि \(P(x)\) एक बहुपद है और \(k\) कोई वास्तविक संख्या है, तो \(P(x)\) में \(x\) को \(k\) से प्रतिस्थापित करने पर प्राप्त मान \(P(k)\) कहलाता है।
उदाहरण: यदि \(P(x) = x^2 - 3x + 2\), तो \(P(1)\) का मान ज्ञात कीजिए। \(P(1) = (1)^2 - 3(1) + 2 = 1 - 3 + 2 = 0\). यहाँ, \(1\) बहुपद \(P(x)\) का एक शून्यक है।
बहुपद का शून्यक (Zero of a Polynomial): \(x\) का वह मान \(k\) जिसके लिए \(P(k) = 0\) होता है।
किसी बहुपद की घात उसके शून्यकों की अधिकतम संख्या के बराबर होती है।
शेषफल प्रमेय (Remainder Theorem)
शेषफल प्रमेय एक महत्वपूर्ण उपकरण है जो हमें बिना वास्तविक विभाजन किए बहुपद के विभाजन का शेषफल ज्ञात करने में मदद करता है।
प्रमेय: यदि \(P(x)\) घात \(1\) या \(1\) से अधिक वाला एक बहुपद हो और इसे एक रैखिक बहुपद \(x-a\) से विभाजित किया जाए, तो शेषफल \(P(a)\) होता है।
व्याख्या:
- जब हम \(P(x)\) को \(x-a\) से भाग देते हैं, तो हम इसे इस प्रकार लिख सकते हैं:
\(P(x) = (x-a)Q(x) + R\) जहाँ \(Q(x)\) भागफल है और \(R\) शेषफल है।
- चूँकि भाजक \(x-a\) की घात \(1\) है, शेषफल \(R\) की घात \(0\) होगी, जिसका अर्थ है कि \(R\) एक अचर (constant) है।
- यदि हम \(x=a\) रखते हैं, तो:
\(P(a) = (a-a)Q(a) + R\) \(P(a) = (0)Q(a) + R\) \(P(a) = R\)
- अतः, शेषफल \(P(a)\) है।
उदाहरण: \(P(x) = x^3 + 1\) को \(x+1\) से विभाजित करने पर शेषफल ज्ञात कीजिए। यहाँ, भाजक \(x+1\) है। इसे \(x-a\) के रूप में लिखने पर, \(x-(-1)\) मिलता है, तो \(a = -1\). शेषफल प्रमेय के अनुसार, शेषफल \(P(-1)\) होगा। \(P(-1) = (-1)^3 + 1 = -1 + 1 = 0\). तो, शेषफल \(0\) है।
शेषफल प्रमेय: जब \(P(x)\) को \(x-a\) से विभाजित किया जाता है, तो शेषफल \(P(a)\) होता है।
यदि भाजक \(ax+b\) के रूप में है, तो \(x = -\frac{b}{a}\) रखने पर शेषफल \(P(-\frac{b}{a})\) होगा।
गुणनखंड प्रमेय (Factor Theorem)
गुणनखंड प्रमेय शेषफल प्रमेय का एक विशेष मामला है और यह हमें यह निर्धारित करने में मदद करता है कि कोई रैखिक बहुपद किसी दिए गए बहुपद का गुणनखंड है या नहीं।
प्रमेय:
- यदि \(P(a) = 0\) है, तो \(x-a\) बहुपद \(P(x)\) का एक गुणनखंड होता है।
- यदि \(x-a\) बहुपद \(P(x)\) का एक गुणनखंड है, तो \(P(a) = 0\) होता है।
व्याख्या:
- गुणनखंड प्रमेय सीधे शेषफल प्रमेय से आता है। यदि \(P(a) = 0\) है, तो शेषफल \(0\) है। इसका मतलब है कि \(P(x)\) को \(x-a\) से पूरी तरह से विभाजित किया जा सकता है, और इसलिए \(x-a\) उसका एक गुणनखंड है।
उदाहरण: निर्धारित करें कि \(x+2\) बहुपद \(P(x) = x^3 + 3x^2 + 5x + 6\) का एक गुणनखंड है या नहीं। भाजक \(x+2\) है, तो \(a = -2\). हमें \(P(-2)\) का मान ज्ञात करना है। \(P(-2) = (-2)^3 + 3(-2)^2 + 5(-2) + 6\) \(P(-2) = -8 + 3(4) - 10 + 6\) \(P(-2) = -8 + 12 - 10 + 6\) \(P(-2) = 4 - 10 + 6\) \(P(-2) = -6 + 6 = 0\). चूँकि \(P(-2) = 0\) है, गुणनखंड प्रमेय के अनुसार, \(x+2\) बहुपद \(P(x)\) का एक गुणनखंड है।
गुणनखंड प्रमेय का उपयोग करके बहुपदों का गुणनखंडन
गुणनखंड प्रमेय का उपयोग त्रिघात बहुपदों या उच्च घात वाले बहुपदों का गुणनखंडन करने के लिए किया जा सकता है।
चरण:
- बहुपद \(P(x)\) के अचर पद के सभी संभावित गुणनखंडों (धनात्मक और ऋणात्मक) को ज्ञात करें। ये संभावित शून्यक हो सकते हैं।
- इनमें से प्रत्येक मान के लिए \(P(x)\) का मान ज्ञात करें। जिस मान के लिए \(P(x) = 0\) आता है, वह एक शून्यक होता है। यदि \(P(a) = 0\), तो \(x-a\) एक गुणनखंड है।
- एक गुणनखंड मिलने के बाद, \(P(x)\) को उस गुणनखंड से भाग दें (लंबे विभाजन या संश्लेषित विभाजन का उपयोग करके) भागफल ज्ञात करने के लिए।
- भागफल एक कम घात वाला बहुपद होगा, जिसे आगे गुणनखंडित किया जा सकता है (यदि संभव हो)।
उदाहरण: \(x^3 - 2x^2 - x + 2\) का गुणनखंडन कीजिए।
- अचर पद \(2\) के गुणनखंड हैं: \(\pm 1, \pm 2\).
- \(P(1) = (1)^3 - 2(1)^2 - 1 + 2 = 1 - 2 - 1 + 2 = 0\). अतः, \(x-1\) एक गुणनखंड है।
- \(P(-1) = (-1)^3 - 2(-1)^2 - (-1) + 2 = -1 - 2(1) + 1 + 2 = -1 - 2 + 1 + 2 = 0\). अतः, \(x+1\) एक गुणनखंड है।
- \(P(2) = (2)^3 - 2(2)^2 - 2 + 2 = 8 - 2(4) - 2 + 2 = 8 - 8 - 2 + 2 = 0\). अतः, \(x-2\) एक गुणनखंड है।
चूँकि हमें तीन गुणनखंड मिल गए हैं और यह एक त्रिघात बहुपद है, तो \(x^3 - 2x^2 - x + 2 = (x-1)(x+1)(x-2)\).
गुणनखंड प्रमेय (Factor Theorem): \(x-a\) बहुपद \(P(x)\) का एक गुणनखंड है यदि और केवल यदि \(P(a) = 0\) हो।
अक्सर छात्र \(x+a\) को \(x-a\) के रूप में गलत समझते हैं। यदि भाजक \(x+a\) है, तो \(x = -a\) रखना होगा।
बीजीय सर्वसमिकाएँ (Algebraic Identities)
बीजीय सर्वसमिकाएँ वे समानताएँ हैं जो चरों के सभी मानों के लिए सत्य होती हैं। इनका उपयोग बहुपदों के गुणनफल का विस्तार करने और बहुपदों का गुणनखंडन करने के लिए किया जाता है।
महत्वपूर्ण सर्वसमिकाएँ
- \((x+y)^2 = x^2 + 2xy + y^2\)
- उपयोग: दो पदों के योग का वर्ग।
- उदाहरण: \((2a+3b)^2 = (2a)^2 + 2(2a)(3b) + (3b)^2 = 4a^2 + 12ab + 9b^2\).
- \((x-y)^2 = x^2 - 2xy + y^2\)
- उपयोग: दो पदों के अंतर का वर्ग।
- उदाहरण: \((4x-5)^2 = (4x)^2 - 2(4x)(5) + (5)^2 = 16x^2 - 40x + 25\).
- \(x^2 - y^2 = (x+y)(x-y)\)
- उपयोग: दो वर्गों का अंतर।
- उदाहरण: \(9a^2 - 16b^2 = (3a)^2 - (4b)^2 = (3a+4b)(3a-4b)\).
- \((x+a)(x+b) = x^2 + (a+b)x + ab\)
- उपयोग: सामान्य रूप के द्विघात बहुपदों का गुणनखंडन।
- उदाहरण: \((x+3)(x+5) = x^2 + (3+5)x + (3)(5) = x^2 + 8x + 15\).
- \((x+y+z)^2 = x^2 + y^2 + z^2 + 2xy + 2yz + 2zx\)
- उपयोग: तीन पदों के योग का वर्ग।
- उदाहरण: \((a+2b+c)^2 = a^2 + (2b)^2 + c^2 + 2(a)(2b) + 2(2b)(c) + 2(c)(a) = a^2 + 4b^2 + c^2 + 4ab + 4bc + 2ca\).
- \((x+y)^3 = x^3 + y^3 + 3xy(x+y) = x^3 + y^3 + 3x^2y + 3xy^2\)
- उपयोग: दो पदों के योग का घन।
- उदाहरण: \((2a+1)^3 = (2a)^3 + 1^3 + 3(2a)(1)(2a+1) = 8a^3 + 1 + 6a(2a+1) = 8a^3 + 1 + 12a^2 + 6a\).
- \((x-y)^3 = x^3 - y^3 - 3xy(x-y) = x^3 - y^3 - 3x^2y + 3xy^2\)
- उपयोग: दो पदों के अंतर का घन।
- उदाहरण: \((3x-2y)^3 = (3x)^3 - (2y)^3 - 3(3x)(2y)(3x-2y) = 27x^3 - 8y^3 - 18xy(3x-2y) = 27x^3 - 8y^3 - 54x^2y + 36xy^2\).
- \(x^3 + y^3 = (x+y)(x^2 - xy + y^2)\)
- उपयोग: दो घनों का योग।
- उदाहरण: \(8a^3 + 27b^3 = (2a)^3 + (3b)^3 = (2a+3b)((2a)^2 - (2a)(3b) + (3b)^2) = (2a+3b)(4a^2 - 6ab + 9b^2)\).
- \(x^3 - y^3 = (x-y)(x^2 + xy + y^2)\)
- उपयोग: दो घनों का अंतर।
- उदाहरण: \(64x^3 - 125y^3 = (4x)^3 - (5y)^3 = (4x-5y)((4x)^2 + (4x)(5y) + (5y)^2) = (4x-5y)(16x^2 + 20xy + 25y^2)\).
- \(x^3 + y^3 + z^3 - 3xyz = (x+y+z)(x^2 + y^2 + z^2 - xy - yz - zx)\)
- उपयोग: तीन घनों का योग और गुणनफल।
- विशेष स्थिति: यदि \(x+y+z = 0\) है, तो \(x^3 + y^3 + z^3 = 3xyz\).
- उदाहरण: \((-12)^3 + 7^3 + 5^3\) का मान ज्ञात करें। यहाँ \(x=-12, y=7, z=5\). \(x+y+z = -12+7+5 = 0\). अतः, \((-12)^3 + 7^3 + 5^3 = 3(-12)(7)(5) = -1260\).
सभी सर्वसमिकाओं को याद रखना और उनका सही उपयोग करना गुणनखंडन और विस्तार के लिए महत्वपूर्ण है।
यदि \(x+y+z=0\) है, तो \(x^3+y^3+z^3 = 3xyz\) यह एक बहुत ही उपयोगी परिणाम है जो कई प्रश्नों को सरल बनाता है।