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AP · Class 9 · 🧮 Maths · Chapter 17

POLYNOMIALS

బహుపదుల నిర్వచనంబహుపదుల డిగ్రీబహుపదుల రకాలుబీజగణిత సర్వసమీకరణాలుబహుపదుల కారణాంకీకరణ

ఈ అధ్యాయం 'బహుపదులు' విద్యార్థులకు బీజగణిత వ్యక్తీకరణలు, బహుపదుల నిర్వచనం, వాటి డిగ్రీ మరియు వివిధ రకాల బహుపదులను పరిచయం చేస్తుంది. ఏకపది, ద్విపది, త్రిపది వంటి పదాల ఆధారంగా వర్గీకరణ, అలాగే రేఖీయ, వర్గ, ఘన మరియు ద్వివర్గ బహుపదులు డిగ్రీ ఆధారంగా వర్గీకరణను వివరిస్తుంది. అదనంగా, (a+b)² మరియు a³+b³ వంటి ముఖ్యమైన బీజగణిత సర్వసమీకరణాలు మరియు వాటి అనువర్తనాలను నేర్పుతుంది. బహుపదుల కారణాంకాలను కనుగొనే పద్ధతులు కూడా ఈ అధ్యాయంలో చర్చించబడ్డాయి, ఇది ఉన్నత స్థాయి గణిత భావనలకు పునాది వేస్తుంది.

बहुपद की मूल बातें (Basics of Polynomials)

बहुपद एक बीजगणितीय व्यंजक है जिसमें चर (variables) की घात हमेशा अऋणात्मक पूर्णांक (non-negative integers) होती है।

  • बहुपद का मानक रूप (Standard Form):
  • \(f(x) = a_n x^n + a_{n-1} x^{n-1} + \dots + a_1 x + a_0\)
  • यहाँ, \(a_0, a_1, \dots, a_n\) वास्तविक संख्याएँ (real numbers) हैं।
  • \(a_n \neq 0\) (अग्रणी गुणांक)।
  • बहुपद की घात (Degree of a Polynomial):
  • किसी बहुपद में चर की सबसे बड़ी घात को बहुपद की घात कहते हैं।
  • उदाहरण: \(5x^3 - 2x^2 + 7x - 1\) की घात 3 है।
  • गुणांक (Coefficients):
  • चर के साथ गुणा की गई संख्याएँ गुणांक कहलाती हैं।
  • उदाहरण: \(3x^2 - 5x + 8\) में \(x^2\) का गुणांक 3 है, \(x\) का गुणांक -5 है, और अचर पद 8 है।
  • अचर बहुपद (Constant Polynomial):
  • एक बहुपद जिसमें केवल एक अचर पद होता है (जैसे 5, -7)।
  • अचर बहुपद की घात 0 होती है।
  • उदाहरण: \(f(x) = 7\) की घात 0 है, क्योंकि इसे \(7x^0\) लिखा जा सकता है।
  • शून्य बहुपद (Zero Polynomial):
  • वह बहुपद जिसके सभी गुणांक शून्य हों, जैसे \(f(x) = 0\)।
  • शून्य बहुपद की घात अपरिभाषित (undefined) होती है।
ముఖ్యమైనది

याद रखें: \(x^{-2}\), \(\sqrt{x}\) (या \(x^{1/2}\)) या \(1/x\) (या \(x^{-1}\)) वाले व्यंजक बहुपद नहीं होते, क्योंकि इनमें चर की घात अऋणात्मक पूर्णांक नहीं होती।

बहुपद के प्रकार (Types of Polynomials)

बहुपदों को उनकी घात और पदों की संख्या के आधार पर वर्गीकृत किया जाता है।

घात के आधार पर (Based on Degree)

  • रैखिक बहुपद (Linear Polynomial):
  • घात 1 होती है।
  • सामान्य रूप: \(ax + b\), जहाँ \(a \neq 0\)।
  • उदाहरण: \(2x + 3\), \(y - 5\)
  • द्विघात बहुपद (Quadratic Polynomial):
  • घात 2 होती है।
  • सामान्य रूप: \(ax^2 + bx + c\), जहाँ \(a \neq 0\)।
  • उदाहरण: \(x^2 - 4x + 4\), \(3y^2 + 2\)
  • त्रिघात बहुपद (Cubic Polynomial):
  • घात 3 होती है।
  • सामान्य रूप: \(ax^3 + bx^2 + cx + d\), जहाँ \(a \neq 0\)।
  • उदाहरण: \(x^3 - 2x^2 + x - 1\), \(5z^3 + 8\)
  • चतुर्घात बहुपद (Biquadratic Polynomial):
  • घात 4 होती है।
  • सामान्य रूप: \(ax^4 + bx^3 + cx^2 + dx + e\), जहाँ \(a \neq 0\)।
  • उदाहरण: \(x^4 - 3x^2 + 2\)

पदों की संख्या के आधार पर (Based on Number of Terms)

  • एकपदी (Monomial):
  • केवल एक पद होता है।
  • उदाहरण: \(5x\), \(8y^2\), \(-3\)
  • द्विपदी (Binomial):
  • दो पद होते हैं।
  • उदाहरण: \(2x + 7\), \(y^3 - 4\)
  • त्रिपदी (Trinomial):
  • तीन पद होते हैं।
  • उदाहरण: \(x^2 + 3x - 5\), \(a^3 - 2a + 1\)
  • नोट: चार या अधिक पदों वाले बहुपद का कोई विशेष नाम नहीं होता, उन्हें केवल 'बहुपद' कहा जाता है।

बीजगणितीय सर्वसमिकाएँ (Algebraic Identities)

सर्वसमिका एक समानता है जो चर के सभी मानों के लिए सत्य होती है। ये व्यंजकों के सरलीकरण और गुणनखंडन में बहुत उपयोगी होती हैं।

महत्वपूर्ण सर्वसमिकाएँ (Important Identities)

  1. \((a + b)^2 = a^2 + 2ab + b^2\)
  2. \((a - b)^2 = a^2 - 2ab + b^2\)
  3. \(a^2 - b^2 = (a + b)(a - b)\)
  4. \((x + a)(x + b) = x^2 + (a + b)x + ab\)
  5. \((a + b + c)^2 = a^2 + b^2 + c^2 + 2ab + 2bc + 2ca\)
  6. \((a + b)^3 = a^3 + b^3 + 3ab(a + b) = a^3 + b^3 + 3a^2b + 3ab^2\)
  7. \((a - b)^3 = a^3 - b^3 - 3ab(a - b) = a^3 - b^3 - 3a^2b + 3ab^2\)
  8. \(a^3 + b^3 = (a + b)(a^2 - ab + b^2)\)
  9. \(a^3 - b^3 = (a - b)(a^2 + ab + b^2)\)
  10. \(a^3 + b^3 + c^3 - 3abc = (a + b + c)(a^2 + b^2 + c^2 - ab - bc - ca)\)

विशेष स्थिति (Special Case)

  • यदि \(a + b + c = 0\), तो \(a^3 + b^3 + c^3 = 3abc\)

व्युत्पन्न सर्वसमिकाएँ (Derived Identities) - मान ज्ञात करने के लिए

  • \(a^2 + b^2 = (a + b)^2 - 2ab\)
  • \(a^2 + b^2 = (a - b)^2 + 2ab\)
  • \(a + b = \sqrt{(a - b)^2 + 4ab}\)
  • \(a - b = \sqrt{(a + b)^2 - 4ab}\)
  • \(x^2 + \frac{1}{x^2} = (x + \frac{1}{x})^2 - 2\)
  • \(x^2 + \frac{1}{x^2} = (x - \frac{1}{x})^2 + 2\)
  • \(x^3 + \frac{1}{x^3} = (x + \frac{1}{x})^3 - 3(x + \frac{1}{x})\)
  • \(x^3 - \frac{1}{x^3} = (x - \frac{1}{x})^3 + 3(x - \frac{1}{x})\)

इन सर्वसमिकाओं को अच्छी तरह से याद कर लें और उनका उपयोग करना सीखें।

💡సూచన

परीक्षा में अक्सर सर्वसमिकाओं पर आधारित सीधे प्रश्न या उनके अनुप्रयोग वाले प्रश्न आते हैं। खासकर \((a+b+c)^2\) और \(a^3+b^3+c^3-3abc\) वाली सर्वसमिकाएँ महत्वपूर्ण हैं।

बहुपद का गुणनखंडन (Factorisation of Polynomials)

किसी बहुपद को दो या दो से अधिक बहुपदों के गुणनफल के रूप में व्यक्त करना उसका गुणनखंडन कहलाता है।

गुणनखंडन की विधियाँ (Methods of Factorisation)

  1. सर्वसमिकाओं का उपयोग करके (Using Identities):
  • \(a^2 - b^2 = (a + b)(a - b)\)
  • \(a^2 + 2ab + b^2 = (a + b)^2\)
  • \(a^2 - 2ab + b^2 = (a - b)^2\)
  • \(a^3 + b^3 = (a + b)(a^2 - ab + b^2)\)
  • \(a^3 - b^3 = (a - b)(a^2 + ab + b^2)\)
  • पूर्ण वर्ग बनाने की विधि (Making a perfect square): कभी-कभी व्यंजक में कुछ पद जोड़कर या घटाकर उसे पूर्ण वर्ग बनाया जा सकता है।
  • उदाहरण: \(x^4 + x^2y^2 + y^4 = (x^2 + y^2)^2 - (xy)^2 = (x^2 + y^2 + xy)(x^2 + y^2 - xy)\)
  1. मध्य पद को विभक्त करके (Splitting the Middle Term):
  • यह विधि द्विघात बहुपदों \(ax^2 + bx + c\) के गुणनखंडन के लिए उपयोग की जाती है।
  • चरण 1: दो संख्याएँ \(p\) और \(q\) ज्ञात करें, जिनका गुणनफल \(ac\) के बराबर हो और योग \(b\) के बराबर हो (अर्थात् \(pq = ac\) और \(p + q = b\))।
  • चरण 2: मध्य पद \(bx\) को \(px + qx\) के रूप में लिखें।
  • चरण 3: पदों को समूहित करें और उभयनिष्ठ गुणनखंड निकालें।
  1. गुणनखंड प्रमेय का उपयोग करके (Using Factor Theorem):
  • यदि \(p(x)\) एक बहुपद है और \(p(a) = 0\), तो \((x - a)\) बहुपद \(p(x)\) का एक गुणनखंड है।
  • इसका उपयोग त्रिघात या उच्च घात वाले बहुपदों के गुणनखंडन के लिए किया जाता है।
  • चरण 1: अचर पद के गुणनखंडों में से कुछ मान \(a\) को \(p(x)\) में रखकर जाँचें कि \(p(a) = 0\) है या नहीं।
  • चरण 2: यदि \(p(a) = 0\) है, तो \((x - a)\) एक गुणनखंड है।
  • चरण 3: बहुपद \(p(x)\) को \((x - a)\) से भाग दें। भागफल एक कम घात वाला बहुपद होगा, जिसका गुणनखंडन आगे किया जा सकता है (जैसे मध्य पद विभक्त करके)।

गुणनखंडन के महत्वपूर्ण बिंदु

  • हमेशा पहले उभयनिष्ठ गुणनखंड (common factor) निकालने का प्रयास करें।
  • विभिन्न विधियों का मिश्रण करके गुणनखंडन करना पड़ सकता है।
🚧తప్పుడు అభిప్రాయం

छात्र अक्सर \((a+b)^2\) और \(a^2+b^2\) में भ्रमित होते हैं। याद रखें, \(a^2+b^2\) का कोई सीधा गुणनखंड नहीं होता (वास्तविक संख्याओं में), जबकि \(a^2-b^2 = (a-b)(a+b)\) होता है।

शेषफल प्रमेय और गुणनखंड प्रमेय (Remainder and Factor Theorem)

ये प्रमेय बहुपदों के विभाजन और गुणनखंडन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

शेषफल प्रमेय (Remainder Theorem)

  • कथन: यदि \(p(x)\) घात 1 या 1 से अधिक का कोई बहुपद है और इसे एक रैखिक बहुपद \((x - a)\) से भाग दिया जाता है, तो शेषफल \(p(a)\) होता है।
  • उपयोग: बिना वास्तविक भाग किए शेषफल ज्ञात करने के लिए।
  • उदाहरण: यदि \(p(x) = x^2 + 3x + 5\) को \((x - 1)\) से भाग दिया जाए, तो शेषफल \(p(1) = (1)^2 + 3(1) + 5 = 1 + 3 + 5 = 9\) होगा।

गुणनखंड प्रमेय (Factor Theorem)

  • कथन:
  1. यदि \(p(a) = 0\) है, तो \((x - a)\) बहुपद \(p(x)\) का एक गुणनखंड होता है।
  2. यदि \((x - a)\) बहुपद \(p(x)\) का एक गुणनखंड है, तो \(p(a) = 0\) होता है।
  • उपयोग: यह जाँचने के लिए कि कोई रैखिक बहुपद दिए गए बहुपद का गुणनखंड है या नहीं, और बहुपदों का गुणनखंडन करने के लिए।
  • उदाहरण: यदि \(p(x) = x^2 - 4\) है, तो \(p(2) = 2^2 - 4 = 0\)। अतः, \((x - 2)\) बहुपद \(p(x)\) का एक गुणनखंड है।
గుర్తుంచుకోండి

शेषफल प्रमेय बताता है कि शेषफल क्या होगा, जबकि गुणनखंड प्रमेय बताता है कि कब शेषफल शून्य होगा (यानी, कब एक गुणनखंड मौजूद होगा)। ये दोनों प्रमेय एक-दूसरे से जुड़े हुए हैं।

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