ATOMS AND MOLECULES
ఈ అధ్యాయం పదార్థం యొక్క ప్రాథమిక నిర్మాణ విభాగాలు - పరమాణువులు మరియు అణువుల గురించి వివరిస్తుంది. రసాయన సంయోగ నియమాలు, ద్రవ్యరాశి నిత్యత్వ నియమం మరియు స్థిర నిష్పత్తుల నియమం వంటి ముఖ్యమైన భావనలను ఇది పరిచయం చేస్తుంది. జాన్ డాల్టన్ యొక్క పరమాణు సిద్ధాంతం, పరమాణు ద్రవ్యరాశి, అణువుల రకాలు మరియు రసాయన సూత్రాలను ఎలా వ్రాయాలో కూడా విద్యార్థులు నేర్చుకుంటారు. ఈ భావనలు రసాయన శాస్త్రం యొక్క పునాదిని ఏర్పరుస్తాయి మరియు భవిష్యత్ అధ్యయనాలకు చాలా ముఖ్యమైనవి.
रासायनिक संयोजन के नियम
रासायनिक अभिक्रियाओं के दौरान पदार्थों के संयोजन को नियंत्रित करने वाले दो प्रमुख नियम हैं:
1. द्रव्यमान संरक्षण का नियम (Law of Conservation of Mass)
- प्रतिपादन: एंटोनी एल. लेवोजियर (Antoine L. Lavoisier) द्वारा।
- कथन: किसी भी रासायनिक अभिक्रिया में, द्रव्यमान का न तो निर्माण होता है और न ही विनाश होता है।
- अर्थ: अभिक्रिया से पहले अभिकारकों का कुल द्रव्यमान, अभिक्रिया के बाद उत्पादों के कुल द्रव्यमान के बराबर होता है।
- उदाहरण: जब कार्बन (C) ऑक्सीजन (O₂) के साथ अभिक्रिया करके कार्बन डाइऑक्साइड (CO₂) बनाता है, तो कार्बन और ऑक्सीजन का कुल द्रव्यमान, कार्बन डाइऑक्साइड के द्रव्यमान के बराबर होता है।
- \(C + O_2 \rightarrow CO_2\)
- यदि 12g कार्बन 32g ऑक्सीजन से अभिक्रिया करता है, तो 44g कार्बन डाइऑक्साइड बनता है।
2. स्थिर अनुपात का नियम (Law of Constant Proportions)
- प्रतिपादन: जोसेफ एल. प्राउस्ट (Joseph L. Proust) द्वारा।
- कथन: किसी रासायनिक पदार्थ में, तत्व हमेशा द्रव्यमान के निश्चित अनुपात में मौजूद होते हैं, चाहे वह किसी भी स्रोत से प्राप्त किया गया हो या किसी भी विधि से बनाया गया हो।
- अर्थ: एक दिए गए यौगिक में, घटक तत्वों के द्रव्यमान का अनुपात हमेशा समान रहता है।
- उदाहरण:
- पानी (H₂O): हाइड्रोजन (H) और ऑक्सीजन (O) का द्रव्यमान अनुपात हमेशा 1:8 होता है।
- यदि 9g पानी का विघटन किया जाए, तो हमेशा 1g हाइड्रोजन और 8g ऑक्सीजन प्राप्त होगा।
- अमोनिया (NH₃): नाइट्रोजन (N) और हाइड्रोजन (H) का द्रव्यमान अनुपात हमेशा 14:3 होता है।
महत्व: ये नियम डाल्टन के परमाणु सिद्धांत की नींव बने।
द्रव्यमान संरक्षण का नियम: किसी रासायनिक अभिक्रिया में, द्रव्यमान का न तो निर्माण होता है और न ही विनाश होता है।
स्थिर अनुपात का नियम: किसी रासायनिक पदार्थ में, तत्व हमेशा द्रव्यमान के निश्चित अनुपात में मौजूद होते हैं।
डाल्टन का परमाणु सिद्धांत
जॉन डाल्टन ने 1808 में अपना परमाणु सिद्धांत प्रस्तुत किया, जिसने रासायनिक संयोजन के नियमों की व्याख्या की।
डाल्टन के परमाणु सिद्धांत के मुख्य अभिगृहीत (Postulates):
- सभी पदार्थ परमाणुओं नामक बहुत छोटे कणों से बने होते हैं, जो रासायनिक अभिक्रियाओं में भाग लेते हैं।
- परमाणु अविभाज्य कण होते हैं, जिन्हें रासायनिक अभिक्रिया में न तो बनाया जा सकता है और न ही नष्ट किया जा सकता है। (यह द्रव्यमान संरक्षण के नियम की व्याख्या करता है)
- एक दिए गए तत्व के सभी परमाणु द्रव्यमान और रासायनिक गुणों में समान होते हैं।
- विभिन्न तत्वों के परमाणुओं के द्रव्यमान और रासायनिक गुण भिन्न-भिन्न होते हैं।
- परमाणु छोटे पूर्ण संख्याओं के अनुपात में संयोजित होकर यौगिक बनाते हैं। (यह स्थिर अनुपात के नियम की व्याख्या करता है)
- किसी दिए गए यौगिक में परमाणुओं की सापेक्ष संख्या और प्रकार स्थिर होते हैं।
डाल्टन के सिद्धांत की सीमाएँ (Limitations):
- डाल्टन ने कहा कि परमाणु अविभाज्य हैं, लेकिन बाद में पता चला कि परमाणु इलेक्ट्रॉन, प्रोटॉन और न्यूट्रॉन जैसे उप-परमाणु कणों से बने होते हैं।
- एक ही तत्व के परमाणुओं के द्रव्यमान समान होते हैं, यह हमेशा सत्य नहीं होता है (समस्थानिकों की खोज)।
- विभिन्न तत्वों के परमाणुओं के द्रव्यमान भिन्न होते हैं, यह हमेशा सत्य नहीं होता है (समभारिकों की खोज)।
- परमाणु छोटे पूर्ण संख्याओं के अनुपात में संयोजित होते हैं, लेकिन कुछ जटिल कार्बनिक यौगिकों में यह अनुपात बहुत बड़ा हो सकता है।
महत्व: डाल्टन का सिद्धांत आधुनिक रसायन विज्ञान की आधारशिला बना, भले ही इसमें कुछ संशोधन हुए।
डाल्टन का परमाणु सिद्धांत द्रव्यमान संरक्षण के नियम और स्थिर अनुपात के नियम दोनों की व्याख्या करता है।
परमाणु क्या है?
परमाणु (Atom)
- परिभाषा: परमाणु किसी तत्व का सबसे छोटा कण है जो रासायनिक अभिक्रिया में भाग लेता है और स्वतंत्र रूप से अस्तित्व में नहीं रह सकता (कुछ अपवादों को छोड़कर, जैसे उत्कृष्ट गैसें)।
- आकार: परमाणु बहुत छोटे होते हैं। हम उन्हें नग्न आँखों से नहीं देख सकते।
- परमाणु त्रिज्या को नैनोमीटर (nm) में मापा जाता है।
- \(1 \text{ nm} = 10^{-9} \text{ m}\)
- \(1 \text{ m} = 10^9 \text{ nm}\)
- सापेक्ष आकार:
- हाइड्रोजन परमाणु: \(10^{-10}\) m
- पानी का अणु: \(10^{-9}\) m
- रेत का कण: \(10^{-4}\) m
- चींटी: \(10^{-3}\) m
- सेब: \(10^{-1}\) m
महत्व: परमाणु सभी पदार्थ के निर्माण खंड हैं।
परमाणु (Atom): किसी तत्व का सबसे छोटा कण जो रासायनिक अभिक्रिया में भाग लेता है और स्वतंत्र रूप से अस्तित्व में नहीं रह सकता।
तत्वों के आधुनिक प्रतीक
तत्वों के प्रतीकों का विकास
- डाल्टन के प्रतीक: जॉन डाल्टन ने तत्वों के लिए विशिष्ट प्रतीकों का उपयोग किया, जो एक निश्चित मात्रा, यानी उस तत्व के एक परमाणु का भी प्रतिनिधित्व करते थे।
- [IMAGE: TODO: डाल्टन द्वारा प्रस्तावित कुछ तत्वों के प्रतीक] (जैसे, हाइड्रोजन के लिए एक वृत्त के अंदर एक बिंदु, ऑक्सीजन के लिए एक खाली वृत्त, कार्बन के लिए एक काला वृत्त)।
- बर्जेलियस के सुझाव: बर्जेलियस ने सुझाव दिया कि तत्वों के प्रतीक उनके अंग्रेजी नाम के एक या दो अक्षरों से बनाए जाने चाहिए।
IUPAC द्वारा स्वीकृत आधुनिक प्रतीक
- IUPAC: इंटरनेशनल यूनियन ऑफ प्योर एंड एप्लाइड केमिस्ट्री (International Union of Pure and Applied Chemistry) एक अंतरराष्ट्रीय संगठन है जो तत्वों के नामों, प्रतीकों और इकाइयों को मंजूरी देता है।
- नियम:
- अधिकांश प्रतीक तत्व के अंग्रेजी नाम के पहले एक या दो अक्षर होते हैं।
- प्रतीक का पहला अक्षर हमेशा बड़ा (uppercase) होता है और दूसरा अक्षर हमेशा छोटा (lowercase) होता है।
- उदाहरण: हाइड्रोजन (H), एल्यूमीनियम (Al), कोबाल्ट (Co)
- कुछ प्रतीक नाम के पहले अक्षर और बाद में आने वाले अक्षर से बनते हैं।
- उदाहरण: क्लोरीन (Cl), जिंक (Zn)
- कुछ प्रतीक लैटिन, जर्मन या ग्रीक नामों से लिए गए हैं।
- उदाहरण: आयरन (Fe, लैटिन नाम फेरम से), सोडियम (Na, लैटिन नाम नैट्रियम से), पोटेशियम (K, लैटिन नाम कैलियम से)।
महत्व: प्रत्येक तत्व का एक अद्वितीय रासायनिक प्रतीक होता है जो दुनिया भर में सार्वभौमिक रूप से मान्य है।
प्रतीक का पहला अक्षर हमेशा बड़ा और दूसरा अक्षर हमेशा छोटा होता है। (जैसे: Co, CO नहीं)
परमाणु द्रव्यमान
परमाणु द्रव्यमान (Atomic Mass)
- डाल्टन के सिद्धांत का एक महत्वपूर्ण पहलू यह था कि प्रत्येक तत्व का एक अभिलाक्षणिक परमाणु द्रव्यमान होता है।
- व्यक्तिगत परमाणुओं का द्रव्यमान निर्धारित करना मुश्किल था, इसलिए वैज्ञानिकों ने सापेक्ष परमाणु द्रव्यमान का उपयोग किया।
सापेक्ष परमाणु द्रव्यमान (Relative Atomic Mass)
- प्रारंभिक संदर्भ: पहले, ऑक्सीजन के एक परमाणु के द्रव्यमान का 1/16वां भाग इकाई के रूप में लिया गया था।
- कारण: ऑक्सीजन कई तत्वों के साथ अभिक्रिया करके यौगिक बनाता है, और इस इकाई से अधिकांश तत्वों के द्रव्यमान पूर्ण संख्या में आते थे।
- वर्तमान संदर्भ (1961 से): कार्बन-12 समस्थानिक को परमाणु द्रव्यमान मापने के लिए मानक संदर्भ के रूप में चुना गया है।
- 1 परमाणु द्रव्यमान इकाई (atomic mass unit, u): कार्बन-12 परमाणु के द्रव्यमान के ठीक 1/12वें (1/12th) भाग के बराबर द्रव्यमान इकाई है।
- सभी तत्वों के सापेक्ष परमाणु द्रव्यमान कार्बन-12 परमाणु के सापेक्ष निर्धारित किए जाते हैं।
परमाणु द्रव्यमान इकाई (Atomic Mass Unit, u)
- परिभाषा: 1 परमाणु द्रव्यमान इकाई (u) कार्बन-12 परमाणु के द्रव्यमान के 1/12वें भाग के बराबर द्रव्यमान है।
- उदाहरण:
- हाइड्रोजन का परमाणु द्रव्यमान = 1 u
- कार्बन का परमाणु द्रव्यमान = 12 u
- ऑक्सीजन का परमाणु द्रव्यमान = 16 u
- क्लोरीन का परमाणु द्रव्यमान = 35.5 u
महत्व: सापेक्ष परमाणु द्रव्यमान की अवधारणा ने रासायनिक गणनाओं को संभव बनाया।
परमाणु द्रव्यमान इकाई (u): एक द्रव्यमान इकाई जो कार्बन-12 परमाणु के द्रव्यमान के ठीक 1/12वें भाग के बराबर होती है।
परमाणु कैसे अस्तित्व में रहते हैं?
- अधिकांश तत्वों के परमाणु स्वतंत्र रूप से अस्तित्व में नहीं रह पाते।
- परमाणु आपस में मिलकर अणु (molecules) या आयन (ions) बनाते हैं।
- ये अणु या आयन बड़ी संख्या में एकत्रित होकर वह पदार्थ बनाते हैं जिसे हम देख, महसूस या छू सकते हैं।
- अपवाद: कुछ उत्कृष्ट गैसें (जैसे आर्गन, हीलियम) के परमाणु स्वतंत्र रूप से अस्तित्व में रह सकते हैं।
अणु (Molecules)
अणु की परिभाषा
- अणु (Molecule): सामान्यतः दो या दो से अधिक परमाणुओं का एक समूह जो रासायनिक रूप से एक साथ बंधे होते हैं, यानी आकर्षक बलों द्वारा कसकर जुड़े होते हैं।
- स्वतंत्र अस्तित्व: अणु किसी तत्व या यौगिक का सबसे छोटा कण है जो स्वतंत्र अस्तित्व में सक्षम होता है और उस पदार्थ के सभी गुणों को दर्शाता है।
- निर्माण: एक ही तत्व के परमाणु या विभिन्न तत्वों के परमाणु मिलकर अणु बना सकते हैं।
तत्वों के अणु (Molecules of Elements)
- ये एक ही प्रकार के परमाणुओं से बने होते हैं।
- परमाणुकता (Atomicity): किसी अणु का निर्माण करने वाले परमाणुओं की संख्या को उसकी परमाणुकता कहते हैं।
- एकपरमाणुक (Monoatomic): केवल एक परमाणु से बने अणु।
- उदाहरण: आर्गन (Ar), हीलियम (He)
- द्विपरमाणुक (Diatomic): दो परमाणुओं से बने अणु।
- उदाहरण: ऑक्सीजन (O₂), हाइड्रोजन (H₂), नाइट्रोजन (N₂), क्लोरीन (Cl₂)
- त्रिपरमाणुक (Triatomic): तीन परमाणुओं से बने अणु।
- उदाहरण: ओजोन (O₃)
- चतुष्परमाणुक (Tetra-atomic): चार परमाणुओं से बने अणु।
- उदाहरण: फॉस्फोरस (P₄)
- बहुपरमाणुक (Poly-atomic): चार से अधिक परमाणुओं से बने अणु।
- उदाहरण: सल्फर (S₈)
- धातुएँ और कुछ अन्य तत्व: धातुएँ (जैसे लोहा, तांबा) और कुछ अन्य तत्व (जैसे कार्बन) सरल आणविक संरचना नहीं रखते, बल्कि बड़ी और अनिश्चित संख्या में परमाणुओं से बंधे होते हैं।
यौगिकों के अणु (Molecules of Compounds)
- ये विभिन्न तत्वों के परमाणुओं से बने होते हैं जो निश्चित अनुपात में एक साथ जुड़ते हैं।
- उदाहरण:
- पानी (H₂O): हाइड्रोजन और ऑक्सीजन के परमाणु 1:8 के द्रव्यमान अनुपात में संयोजित होते हैं।
- परमाणुओं की संख्या का अनुपात: H:O = 2:1 (क्योंकि H का परमाणु द्रव्यमान 1u, O का 16u है, तो 1g H और 8g O के लिए, H के 1/1 = 1 भाग और O के 8/16 = 1/2 भाग, सरल अनुपात 2:1 है)
- अमोनिया (NH₃): नाइट्रोजन और हाइड्रोजन के परमाणु 14:3 के द्रव्यमान अनुपात में संयोजित होते हैं।
- परमाणुओं की संख्या का अनुपात: N:H = 1:3
- कार्बन डाइऑक्साइड (CO₂): कार्बन और ऑक्सीजन के परमाणु 3:8 के द्रव्यमान अनुपात में संयोजित होते हैं।
- परमाणुओं की संख्या का अनुपात: C:O = 1:2
महत्व: अणु ही वह रूप है जिसमें अधिकांश पदार्थ प्रकृति में मौजूद होते हैं।
अणु (Molecule): दो या दो से अधिक परमाणुओं का समूह जो रासायनिक रूप से बंधे होते हैं और स्वतंत्र अस्तित्व में सक्षम होते हैं।
परमाणुकता (Atomicity): किसी अणु का निर्माण करने वाले परमाणुओं की संख्या।
आयन (Ions)
आयन की परिभाषा
- आयन (Ion): धातु और अधातु से बने यौगिकों में आवेशित स्पीशीज होते हैं। ये आवेशित स्पीशीज आयन कहलाते हैं।
- संरचना: आयन एक एकल आवेशित परमाणु या परमाणुओं का एक समूह हो सकता है जिस पर शुद्ध आवेश होता है।
- प्रकार:
- धनायन (Cation): धनावेशित आयन। ये तब बनते हैं जब परमाणु इलेक्ट्रॉन खोते हैं।
- उदाहरण: सोडियम आयन (Na⁺), मैग्नीशियम आयन (Mg²⁺)
- ऋणायन (Anion): ऋणावेशित आयन। ये तब बनते हैं जब परमाणु इलेक्ट्रॉन प्राप्त करते हैं।
- उदाहरण: क्लोराइड आयन (Cl⁻), ऑक्साइड आयन (O²⁻)
- बहुपरमाणुक आयन (Polyatomic Ion): परमाणुओं का एक समूह जिस पर शुद्ध आवेश होता है।
- उदाहरण: अमोनियम आयन (NH₄⁺), हाइड्रोक्साइड आयन (OH⁻), कार्बोनेट आयन (CO₃²⁻)
महत्व: आयनिक यौगिकों में, आयन ही घटक कण होते हैं।
आयन (Ion): एक आवेशित परमाणु या परमाणुओं का समूह।
संयोजकता (Valency): किसी तत्व की संयोजन शक्ति या क्षमता।
रासायनिक सूत्र लिखना
रासायनिक सूत्र (Chemical Formula)
- परिभाषा: किसी यौगिक का रासायनिक सूत्र उसकी संरचना का प्रतीकात्मक निरूपण होता है।
- आवश्यकता: रासायनिक सूत्र लिखने के लिए तत्वों के प्रतीकों और उनकी संयोजकता (valency) को जानना आवश्यक है।
संयोजकता (Valency)
- परिभाषा: किसी तत्व की संयोजन शक्ति या क्षमता को उसकी संयोजकता कहते हैं।
- यह बताती है कि एक तत्व के परमाणु दूसरे तत्व के परमाणुओं के साथ कैसे संयोजित होंगे।
- उदाहरण: ऑक्सीजन की संयोजकता 2 है, हाइड्रोजन की 1 है। पानी (H₂O) में, एक ऑक्सीजन परमाणु दो हाइड्रोजन परमाणुओं से जुड़ता है।
सरल यौगिकों के सूत्र लिखने के नियम (Criss-Cross Method)
- संकेत लिखें: पहले घटक तत्व का प्रतीक, फिर दूसरे का प्रतीक लिखें।
- संयोजकता लिखें: प्रत्येक प्रतीक के नीचे उसकी संयोजकता लिखें।
- संयोजकता का क्रॉस-ओवर करें: पहले तत्व की संयोजकता को दूसरे तत्व के प्रतीक के नीचे और दूसरे तत्व की संयोजकता को पहले तत्व के प्रतीक के नीचे लिखें।
- सरल करें (यदि आवश्यक हो): यदि संयोजकताएँ समान हों या किसी उभयनिष्ठ गुणनखंड से विभाजित हो सकें, तो उन्हें सरल करें।
- बहुपरमाणुक आयनों के लिए कोष्ठक: यदि बहुपरमाणुक आयन एक से अधिक संख्या में हों, तो आयन के सूत्र को कोष्ठक में रखकर संख्या को कोष्ठक के बाहर लिखें। यदि संख्या एक हो, तो कोष्ठक की आवश्यकता नहीं होती।
रासायनिक सूत्र लिखने के लिए दिशानिर्देश
- आवेशों का संतुलन: आयनों पर आवेश संतुलित होने चाहिए ताकि यौगिक उदासीन हो। सूत्र में आवेशों को इंगित नहीं किया जाता है।
- धातु-अधातु यौगिक: जब यौगिक में एक धातु और एक अधातु होती है, तो धातु का नाम या प्रतीक पहले लिखा जाता है।
- उदाहरण: कैल्शियम ऑक्साइड (CaO), सोडियम क्लोराइड (NaCl), आयरन सल्फाइड (FeS)।
- बहुपरमाणुक आयन: यदि बहुपरमाणुक आयन एक से अधिक संख्या में हों, तो आयन के सूत्र को कोष्ठक में रखकर संख्या को कोष्ठक के बाहर लिखें।
- उदाहरण: मैग्नीशियम हाइड्रोक्साइड (Mg(OH)₂)।
उदाहरण
- हाइड्रोजन क्लोराइड (Hydrogen Chloride):
- तत्व: H, Cl
- संयोजकता: 1, 1
- क्रॉस-ओवर: H₁Cl₁
- सूत्र: HCl
- हाइड्रोजन सल्फाइड (Hydrogen Sulphide):
- तत्व: H, S
- संयोजकता: 1, 2
- क्रॉस-ओवर: H₂S₁
- सूत्र: H₂S
- कार्बन टेट्राक्लोराइड (Carbon Tetrachloride):
- तत्व: C, Cl
- संयोजकता: 4, 1
- क्रॉस-ओवर: C₁Cl₄
- सूत्र: CCl₄
- मैग्नीशियम क्लोराइड (Magnesium Chloride):
- आयन: Mg²⁺, Cl⁻
- संयोजकता: 2, 1
- क्रॉस-ओवर: Mg₁Cl₂
- सूत्र: MgCl₂
- एल्यूमीनियम ऑक्साइड (Aluminium Oxide):
- आयन: Al³⁺, O²⁻
- संयोजकता: 3, 2
- क्रॉस-ओवर: Al₂O₃
- सूत्र: Al₂O₃
- कैल्शियम ऑक्साइड (Calcium Oxide):
- आयन: Ca²⁺, O²⁻
- संयोजकता: 2, 2
- सरल करें: 1, 1
- सूत्र: CaO
- सोडियम नाइट्रेट (Sodium Nitrate):
- आयन: Na⁺, NO₃⁻
- संयोजकता: 1, 1
- सूत्र: NaNO₃
- कैल्शियम हाइड्रोक्साइड (Calcium Hydroxide):
- आयन: Ca²⁺, OH⁻
- संयोजकता: 2, 1
- क्रॉस-ओवर: Ca₁(OH)₂
- सूत्र: Ca(OH)₂ (OH एक बहुपरमाणुक आयन है, इसलिए कोष्ठक का उपयोग किया गया)
- सोडियम कार्बोनेट (Sodium Carbonate):
- आयन: Na⁺, CO₃²⁻
- संयोजकता: 1, 2
- क्रॉस-ओवर: Na₂CO₃
- सूत्र: Na₂CO₃ (CO₃ एक बहुपरमाणुक आयन है, लेकिन इसकी संख्या एक है, इसलिए कोष्ठक की आवश्यकता नहीं)
- अमोनियम सल्फेट (Ammonium Sulphate):
- आयन: NH₄⁺, SO₄²⁻
- संयोजकता: 1, 2
- क्रॉस-ओवर: (NH₄)₂SO₄
- सूत्र: (NH₄)₂SO₄ (NH₄ और SO₄ दोनों बहुपरमाणुक आयन हैं, और दोनों की संख्या एक से अधिक है, इसलिए कोष्ठक का उपयोग किया गया)
रासायनिक सूत्र लिखते समय, संयोजकता को सही ढंग से क्रॉस-ओवर करना और बहुपरमाणुक आयनों के लिए कोष्ठक का उपयोग करना महत्वपूर्ण है।
आणविक द्रव्यमान और सूत्र इकाई द्रव्यमान
आणविक द्रव्यमान (Molecular Mass)
- परिभाषा: किसी पदार्थ का आणविक द्रव्यमान उसके एक अणु में उपस्थित सभी परमाणुओं के परमाणु द्रव्यमानों का योग होता है।
- यह परमाणु द्रव्यमान इकाइयों (u) में व्यक्त अणु का सापेक्ष द्रव्यमान है।
- गणना विधि: अणु में प्रत्येक तत्व के परमाणुओं की संख्या को उसके परमाणु द्रव्यमान से गुणा करें और फिर सभी का योग करें।
उदाहरण 1: पानी (H₂O) का आणविक द्रव्यमान ज्ञात करें।
- हाइड्रोजन का परमाणु द्रव्यमान = 1 u
- ऑक्सीजन का परमाणु द्रव्यमान = 16 u
- पानी में: 2 हाइड्रोजन परमाणु + 1 ऑक्सीजन परमाणु
- आणविक द्रव्यमान = \((2 \times 1 \text{ u}) + (1 \times 16 \text{ u}) = 2 \text{ u} + 16 \text{ u} = 18 \text{ u}\)
उदाहरण 2: नाइट्रिक अम्ल (HNO₃) का आणविक द्रव्यमान ज्ञात करें।
- हाइड्रोजन का परमाणु द्रव्यमान = 1 u
- नाइट्रोजन का परमाणु द्रव्यमान = 14 u
- ऑक्सीजन का परमाणु द्रव्यमान = 16 u
- नाइट्रिक अम्ल में: 1 हाइड्रोजन परमाणु + 1 नाइट्रोजन परमाणु + 3 ऑक्सीजन परमाणु
- आणविक द्रव्यमान = \((1 \times 1 \text{ u}) + (1 \times 14 \text{ u}) + (3 \times 16 \text{ u}) = 1 \text{ u} + 14 \text{ u} + 48 \text{ u} = 63 \text{ u}\)
सूत्र इकाई द्रव्यमान (Formula Unit Mass)
- परिभाषा: किसी पदार्थ का सूत्र इकाई द्रव्यमान उसके एक सूत्र इकाई में उपस्थित सभी परमाणुओं के परमाणु द्रव्यमानों का योग होता है।
- अंतर: आणविक द्रव्यमान और सूत्र इकाई द्रव्यमान की गणना समान तरीके से की जाती है। अंतर केवल इतना है कि 'सूत्र इकाई' शब्द का उपयोग उन पदार्थों के लिए किया जाता है जिनके घटक कण आयन होते हैं (जैसे आयनिक यौगिक)।
- उदाहरण: सोडियम क्लोराइड (NaCl) एक आयनिक यौगिक है, इसलिए हम इसके लिए 'सूत्र इकाई द्रव्यमान' का उपयोग करते हैं।
उदाहरण 3: सोडियम क्लोराइड (NaCl) का सूत्र इकाई द्रव्यमान ज्ञात करें।
- सोडियम का परमाणु द्रव्यमान = 23 u
- क्लोरीन का परमाणु द्रव्यमान = 35.5 u
- NaCl में: 1 सोडियम परमाणु + 1 क्लोरीन परमाणु
- सूत्र इकाई द्रव्यमान = \((1 \times 23 \text{ u}) + (1 \times 35.5 \text{ u}) = 23 \text{ u} + 35.5 \text{ u} = 58.5 \text{ u}\)
उदाहरण 4: कैल्शियम क्लोराइड (CaCl₂) का सूत्र इकाई द्रव्यमान ज्ञात करें।
- कैल्शियम का परमाणु द्रव्यमान = 40 u
- क्लोरीन का परमाणु द्रव्यमान = 35.5 u
- CaCl₂ में: 1 कैल्शियम परमाणु + 2 क्लोरीन परमाणु
- सूत्र इकाई द्रव्यमान = \((1 \times 40 \text{ u}) + (2 \times 35.5 \text{ u}) = 40 \text{ u} + 71 \text{ u} = 111 \text{ u}\)
महत्व: ये गणनाएँ पदार्थों की मात्रा को समझने और रासायनिक अभिक्रियाओं में उनके अनुपात को निर्धारित करने के लिए महत्वपूर्ण हैं।
आणविक द्रव्यमान: किसी अणु में सभी परमाणुओं के परमाणु द्रव्यमानों का योग।
सूत्र इकाई द्रव्यमान: आयनिक यौगिकों की एक सूत्र इकाई में सभी परमाणुओं के परमाणु द्रव्यमानों का योग।