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एक चर का द्विघात समीकरण
Chhattisgarh · Class 10 · 🧮 Maths · Chapter 3

एक चर का द्विघात समीकरण

द्विघात समीकरण का मानक रूपद्विघात समीकरण के मूलगुणनखंडन विधिपूर्ण वर्ग विधिश्रीधराचार्य सूत्रविभेदक और मूलों की प्रकृति

यह अध्याय छात्रों को एक चर वाले द्विघात समीकरणों से परिचित कराता है। इसमें द्विघात समीकरणों की पहचान करना, उन्हें गुणनखंडन विधि, पूर्ण वर्ग विधि और श्रीधराचार्य सूत्र का उपयोग करके हल करना सिखाया जाता है। इसके अतिरिक्त, अध्याय में द्विघात समीकरणों के मूलों की प्रकृति (वास्तविक, समान, असमान, काल्पनिक) और मूलों एवं गुणांकों के बीच संबंध का भी विस्तृत वर्णन किया गया है। यह वास्तविक जीवन की समस्याओं को द्विघात समीकरणों के रूप में व्यक्त करने और उन्हें हल करने के अनुप्रयोगों पर भी प्रकाश डालता है।

द्विघात समीकरण का परिचय और मानक रूप

एक चर का द्विघात समीकरण वह समीकरण है जिसमें चर की अधिकतम घात दो होती है। इसका मानक या व्यापक रूप \(ax^2 + bx + c = 0\) होता है, जहाँ:

  • \(a, b, c\) वास्तविक संख्याएँ हैं।
  • \(a \ne 0\) होना अनिवार्य है, क्योंकि यदि \(a=0\) हो जाए तो यह एक रैखिक समीकरण बन जाएगा।
  • \(x\) एक चर है।

उदाहरण:

  • \(x^2 - 2x = 0\)
  • \((x+1)(x+2) = 0 \Rightarrow x^2 + 3x + 2 = 0\)
  • \(x^2 - 9 = 0\)
  • \(3y^2 + 6y + 6 = 0\)

द्विघात समीकरण नहीं होने के कारण:

  • \(x^2 - 5\sqrt{x} + 3 = 0\): यहाँ \(\sqrt{x}\) में \(x\) की घात \(1/2\) है, जो पूर्णांक नहीं है। अतः यह बहुपद नहीं है।
  • \(x^3 + 2x^2 + 5 = 0\): यहाँ \(x\) की अधिकतम घात 3 है।
  • \(x^2 + y = 9\): यहाँ दो चर \(x\) और \(y\) हैं।

पहचानने के मुख्य बिंदु:

  • केवल एक चर होना चाहिए।
  • चर की अधिकतम घात 2 होनी चाहिए।
  • \(x^2\) वाला पद उपस्थित होना चाहिए (अर्थात \(a \ne 0\))।
📖परिभाषा

द्विघात समीकरण (Quadratic Equation): एक चर में वह समीकरण जिसमें चर की अधिकतम घात दो होती है, द्विघात समीकरण कहलाता है। इसका मानक रूप \(ax^2 + bx + c = 0\) है, जहाँ \(a, b, c\) वास्तविक संख्याएँ हैं और \(a \ne 0\)।

महत्त्वपूर्ण

किसी भी समीकरण को द्विघात समीकरण के रूप में पहचानने के लिए, उसे पहले \(ax^2 + bx + c = 0\) के मानक रूप में सरल करना आवश्यक है।

द्विघात समीकरण के मूल

द्विघात समीकरण के मूल (roots) चर के वे मान होते हैं जिनके लिए समीकरण संतुष्ट होता है, अर्थात समीकरण के दोनों पक्ष बराबर होते हैं। इन्हें समीकरण के हल भी कहते हैं।

  • यदि \(p(x)\) एक द्विघातीय बहुपद है, तो \(p(x)=0\) के मूल वही होते हैं जो बहुपद \(p(x)\) के शून्यक होते हैं।
  • एक द्विघात समीकरण के अधिकतम दो मूल हो सकते हैं।

मूलों की जाँच कैसे करें: किसी दिए गए मान को समीकरण का मूल है या नहीं, यह जानने के लिए उस मान को समीकरण में प्रतिस्थापित करें। यदि समीकरण का बायाँ पक्ष (LHS) दाएँ पक्ष (RHS) के बराबर आता है, तो वह मान समीकरण का मूल है।

उदाहरण: जाँचिए कि \(x=2\) समीकरण \(x^2 - 5x + 6 = 0\) का मूल है या नहीं।

हल: समीकरण का बायाँ पक्ष \(x^2 - 5x + 6\) है। \(x=2\) रखने पर: \((2)^2 - 5(2) + 6 = 4 - 10 + 6 = 0\) दायाँ पक्ष भी 0 है। चूंकि बायाँ पक्ष = दायाँ पक्ष, अतः \(x=2\) समीकरण का मूल है।

📖परिभाषा

मूल (Roots): चर के वे मान जो एक द्विघात समीकरण को संतुष्ट करते हैं, उस समीकरण के मूल कहलाते हैं।

याद रखें

एक द्विघात समीकरण के हमेशा दो मूल होते हैं, जो वास्तविक और भिन्न, वास्तविक और समान, या काल्पनिक हो सकते हैं।

द्विघात समीकरण को हल करने के तरीके

द्विघात समीकरणों को हल करने के मुख्य तीन तरीके हैं:

  1. गुणनखंड विधि (Factorization Method)
  2. पूर्ण वर्ग विधि (Completing the Square Method)
  3. सूत्र विधि (Quadratic Formula Method / श्रीधराचार्य सूत्र)

1. गुणनखंड विधि

इस विधि में, हम द्विघातीय बहुपद \(ax^2 + bx + c\) को दो रैखिक गुणनखंडों के गुणनफल के रूप में व्यक्त करते हैं। फिर, प्रत्येक गुणनखंड को शून्य के बराबर रखकर चर के मान ज्ञात करते हैं।

चरण:

  1. दिए गए समीकरण को \(ax^2 + bx + c = 0\) के मानक रूप में लिखें।
  2. मध्य पद \(bx\) को दो ऐसे पदों में तोड़ें जिनका योग \(bx\) हो और गुणनफल \(acx^2\) हो।
  3. पदों को समूहित करके उभयनिष्ठ गुणनखंड निकालें।
  4. प्रत्येक रैखिक गुणनखंड को शून्य के बराबर रखकर \(x\) के मान ज्ञात करें।

उदाहरण: \(x^2 - 5x + 6 = 0\) को हल करें।

हल:

  1. समीकरण मानक रूप में है।
  2. मध्य पद \(-5x\) को \(-2x - 3x\) में तोड़ें, क्योंकि \((-2x) + (-3x) = -5x\) और \((-2x)(-3x) = 6x^2\) (जो \(acx^2 = (1)(6)x^2\) के बराबर है)।

\(x^2 - 2x - 3x + 6 = 0\)

  1. समूहित करें और उभयनिष्ठ निकालें:

\(x(x - 2) - 3(x - 2) = 0\) \((x - 2)(x - 3) = 0\)

  1. प्रत्येक गुणनखंड को शून्य के बराबर रखें:

\(x - 2 = 0 \Rightarrow x = 2\) \(x - 3 = 0 \Rightarrow x = 3\) अतः, समीकरण के मूल 2 और 3 हैं।

💡सुझाव

गुणनखंड विधि सबसे सीधी विधि है जब गुणनखंड आसानी से मिल जाते हैं। यदि गुणनखंड आसानी से नहीं मिलते, तो पूर्ण वर्ग विधि या सूत्र विधि का उपयोग करें।

द्विघात समीकरण को पूर्ण वर्ग बनाकर हल करना

इस विधि में, हम द्विघात समीकरण को \((x+a)^2 = b^2\) या \((x-a)^2 = b^2\) के रूप में परिवर्तित करते हैं, ताकि वर्गमूल लेकर \(x\) का मान ज्ञात किया जा सके।

चरण:

  1. समीकरण को \(ax^2 + bx + c = 0\) के मानक रूप में लिखें।
  2. यदि \(a \ne 1\) है, तो पूरे समीकरण को \(a\) से भाग दें ताकि \(x^2\) का गुणांक 1 हो जाए।
  3. अचर पद \(c/a\) को समीकरण के दाएँ पक्ष में ले जाएँ।

\(x^2 + (b/a)x = -c/a\)

  1. \(x\) के गुणांक \((b/a)\) के आधे के वर्ग को दोनों पक्षों में जोड़ें। \((b/2a)^2\)

\(x^2 + (b/a)x + (b/2a)^2 = -c/a + (b/2a)^2\)

  1. बाएँ पक्ष को \((x + b/2a)^2\) के रूप में लिखें।

\((x + b/2a)^2 = \frac{b^2 - 4ac}{4a^2}\)

  1. दोनों पक्षों का वर्गमूल लें और \(x\) के मान ज्ञात करें।

\(x + b/2a = \pm \sqrt{\frac{b^2 - 4ac}{4a^2}} \Rightarrow x = -b/2a \pm \frac{\sqrt{b^2 - 4ac}}{2a}\)

उदाहरण: \(x^2 - 6x + 5 = 0\) को पूर्ण वर्ग विधि से हल करें।

हल:

  1. \(x^2 - 6x + 5 = 0\)
  2. \(x^2\) का गुणांक 1 है।
  3. अचर पद को दाएँ पक्ष में ले जाएँ:

\(x^2 - 6x = -5\)

  1. \(x\) का गुणांक \(-6\) है। इसका आधा \(-3\) है, और इसका वर्ग \((-3)^2 = 9\) है। दोनों पक्षों में 9 जोड़ें:

\(x^2 - 6x + 9 = -5 + 9\)

  1. बाएँ पक्ष को पूर्ण वर्ग के रूप में लिखें:

\((x - 3)^2 = 4\)

  1. दोनों पक्षों का वर्गमूल लें:

\(x - 3 = \pm \sqrt{4}\) \(x - 3 = \pm 2\)

  • \(x - 3 = 2 \Rightarrow x = 5\)
  • \(x - 3 = -2 \Rightarrow x = 1\)

अतः, समीकरण के मूल 5 और 1 हैं।

🧮सूत्र

पूर्ण वर्ग बनाने के लिए, \(x\) के गुणांक के आधे के वर्ग को जोड़ें और घटाएँ। यदि समीकरण \(ax^2 + bx + c = 0\) है, तो \((b/2a)^2\) जोड़ें।

श्रीधराचार्य सूत्र (द्विघात सूत्र)

पूर्ण वर्ग विधि से ही श्रीधराचार्य सूत्र की व्युत्पत्ति होती है, जो किसी भी द्विघात समीकरण को हल करने के लिए एक सीधा तरीका प्रदान करता है।

द्विघात समीकरण \(ax^2 + bx + c = 0\) के मूलों को ज्ञात करने का सूत्र है:

$$x = \frac{-b \pm \sqrt{b^2 - 4ac}}{2a}$$

चरण:

  1. दिए गए समीकरण को \(ax^2 + bx + c = 0\) के मानक रूप में लिखें।
  2. \(a, b, c\) के मानों की पहचान करें।
  3. इन मानों को श्रीधराचार्य सूत्र में प्रतिस्थापित करें।
  4. \(x\) के दो मानों की गणना करें (एक \(+\) चिह्न के साथ और एक \(-\) चिह्न के साथ)।

उदाहरण: \(2x^2 - 7x + 3 = 0\) को सूत्र विधि से हल करें।

हल:

  1. समीकरण मानक रूप में है।
  2. \(a = 2, b = -7, c = 3\)
  3. सूत्र में मान रखने पर:

\(x = \frac{-(-7) \pm \sqrt{(-7)^2 - 4(2)(3)}}{2(2)}\) \(x = \frac{7 \pm \sqrt{49 - 24}}{4}\) \(x = \frac{7 \pm \sqrt{25}}{4}\) \(x = \frac{7 \pm 5}{4}\)

  1. दो मान:
  • \(x = \frac{7 + 5}{4} = \frac{12}{4} = 3\)
  • \(x = \frac{7 - 5}{4} = \frac{2}{4} = \frac{1}{2}\)

अतः, समीकरण के मूल 3 और \(1/2\) हैं।

🧮सूत्र

श्रीधराचार्य सूत्र (Quadratic Formula): $$x = \frac{-b \pm \sqrt{b^2 - 4ac}}{2a}$$ यह किसी भी द्विघात समीकरण \(ax^2 + bx + c = 0\) के मूल ज्ञात करने के लिए सार्वभौमिक सूत्र है।

महत्त्वपूर्ण

श्रीधराचार्य सूत्र का उपयोग तब भी किया जा सकता है जब गुणनखंडन विधि या पूर्ण वर्ग विधि कठिन या संभव न हो।

द्विघात समीकरण के विभेदक (विविक्तकर)

श्रीधराचार्य सूत्र में वर्गमूल के अंदर की राशि \(b^2 - 4ac\) को विभेदक (Discriminant) कहते हैं और इसे \(D\) से दर्शाया जाता है।

$$D = b^2 - 4ac$$

विभेदक का मान हमें द्विघात समीकरण के मूलों की प्रकृति के बारे में बताता है, बिना वास्तव में मूलों की गणना किए।

विभेदक की गणना के उदाहरण:

  • समीकरण: \(4x^2 - 4x + 1 = 0\)

यहाँ \(a=4, b=-4, c=1\) \(D = (-4)^2 - 4(4)(1) = 16 - 16 = 0\)

  • समीकरण: \(2x^2 + 5x + 5 = 0\)

यहाँ \(a=2, b=5, c=5\) \(D = (5)^2 - 4(2)(5) = 25 - 40 = -15\)

  • समीकरण: \(3x^2 - 2\sqrt{8}x + 2 = 0\)

यहाँ \(a=3, b=-2\sqrt{8}, c=2\) \(D = (-2\sqrt{8})^2 - 4(3)(2) = (4 \times 8) - 24 = 32 - 24 = 8\)

📖परिभाषा

विभेदक (Discriminant): एक द्विघात समीकरण \(ax^2 + bx + c = 0\) के लिए, \(b^2 - 4ac\) को विभेदक कहते हैं और इसे \(D\) से निरूपित करते हैं।

वर्ग समीकरण के मूलों की प्रकृति

विभेदक \(D = b^2 - 4ac\) के मान के आधार पर मूलों की प्रकृति तीन प्रकार की हो सकती है:

  1. स्थिति 1: यदि \(D > 0\) (धनात्मक)
  • मूल वास्तविक और असमान (भिन्न) होते हैं।
  • \(x = \frac{-b \pm \sqrt{D}}{2a}\) में \(\sqrt{D}\) एक वास्तविक संख्या होगी, जिससे \(x\) के दो अलग-अलग वास्तविक मान मिलेंगे।
  • उदाहरण: \(x^2 - 5x + 6 = 0\) के लिए \(D = 1 > 0\), अतः मूल वास्तविक और असमान (2, 3) हैं।
  1. स्थिति 2: यदि \(D = 0\)
  • मूल वास्तविक और समान होते हैं।
  • \(x = \frac{-b \pm \sqrt{0}}{2a} = \frac{-b}{2a}\) में \(\sqrt{D}=0\) होगा, जिससे \(x\) का केवल एक मान \(-b/2a\) मिलेगा, जो दो बार गिना जाता है।
  • उदाहरण: \(x^2 - 4x + 4 = 0\) के लिए \(D = 0\), अतः मूल वास्तविक और समान (2, 2) हैं।
  1. स्थिति 3: यदि \(D < 0\) (ऋणात्मक)
  • मूल काल्पनिक (अवास्तविक) और असमान होते हैं।
  • \(x = \frac{-b \pm \sqrt{D}}{2a}\) में \(\sqrt{D}\) एक काल्पनिक संख्या होगी (किसी ऋणात्मक संख्या का वर्गमूल), जिससे \(x\) के दो अलग-अलग काल्पनिक मान मिलेंगे।
  • उदाहरण: \(4x^2 - x + 1 = 0\) के लिए \(D = -15 < 0\), अतः मूल काल्पनिक और असमान हैं।

सारांश तालिका:

| विभेदक (D) का मान | मूलों की प्रकृति | |:------------------|:-----------------| | \(D > 0\) | वास्तविक और असमान | | \(D = 0\) | वास्तविक और समान | | \(D < 0\) | काल्पनिक और असमान |

महत्त्वपूर्ण

मूलों की प्रकृति का निर्धारण करने के लिए केवल विभेदक \(D\) की गणना करना पर्याप्त है। मूलों को वास्तव में ज्ञात करने की आवश्यकता नहीं है।

द्विघात समीकरण के अचर गुणांक पता करना

यदि हमें द्विघात समीकरण के मूलों की प्रकृति दी गई हो (जैसे वास्तविक और समान), तो हम समीकरण में किसी अज्ञात अचर गुणांक (जैसे \(k\)) का मान ज्ञात कर सकते हैं।

चरण:

  1. दिए गए समीकरण को \(ax^2 + bx + c = 0\) के मानक रूप में लिखें।
  2. \(a, b, c\) के मानों की पहचान करें, जिसमें अज्ञात गुणांक भी शामिल हो सकता है।
  3. मूलों की दी गई प्रकृति के अनुसार विभेदक \(D\) के लिए उपयुक्त शर्त लागू करें:
  • यदि मूल वास्तविक और समान हैं, तो \(D = 0\) रखें।
  • यदि मूल वास्तविक और असमान हैं, तो \(D > 0\) रखें।
  • यदि मूल काल्पनिक और असमान हैं, तो \(D < 0\) रखें।
  1. परिणामी समीकरण या असमिका को हल करके अज्ञात गुणांक का मान ज्ञात करें।

उदाहरण: द्विघात समीकरण \(9x^2 + 3kx + 4 = 0\) में \(k\) का मान ज्ञात कीजिए, यदि वर्ग समीकरण के मूल समान हैं।

हल:

  1. समीकरण मानक रूप में है।
  2. \(a = 9, b = 3k, c = 4\)
  3. मूल समान हैं, अतः \(D = 0\)।

\(D = b^2 - 4ac = 0\) \((3k)^2 - 4(9)(4) = 0\) \(9k^2 - 144 = 0\)

  1. \(k\) के लिए हल करें:

\(9k^2 = 144\) \(k^2 = \frac{144}{9}\) \(k^2 = 16\) \(k = \pm \sqrt{16}\) \(k = \pm 4\) अतः, \(k\) का मान \(4\) या \(-4\) होगा।

🚧ग़लत धारणा

अक्सर छात्र \(k\) का केवल धनात्मक मान लेते हैं। याद रखें कि \(k^2 = 16\) का अर्थ है \(k = +4\) और \(k = -4\) दोनों।

द्विघात समीकरण के मूल एवं गुणांकों में संबंध

यदि द्विघात समीकरण \(ax^2 + bx + c = 0\) के मूल \(\alpha\) और \(\beta\) हों, तो मूलों और गुणांकों के बीच निम्नलिखित संबंध होते हैं:

  1. मूलों का योगफल (Sum of Roots):

\(\alpha + \beta = -\frac{b}{a}\)

  1. मूलों का गुणनफल (Product of Roots):

\(\alpha \beta = \frac{c}{a}\)

व्युत्पत्ति: हम जानते हैं कि यदि \(\alpha\) और \(\beta\) मूल हैं, तो समीकरण को \((x - \alpha)(x - \beta) = 0\) के रूप में लिखा जा सकता है। \((x - \alpha)(x - \beta) = x^2 - \beta x - \alpha x + \alpha \beta = 0\) \(x^2 - (\alpha + \beta)x + \alpha \beta = 0\) ...(1)

दिए गए समीकरण \(ax^2 + bx + c = 0\) को \(a\) से भाग देने पर: \(x^2 + \frac{b}{a}x + \frac{c}{a} = 0\) ...(2)

समीकरण (1) और (2) की तुलना करने पर: \(-(\alpha + \beta) = \frac{b}{a} \Rightarrow \alpha + \beta = -\frac{b}{a}\) \(\alpha \beta = \frac{c}{a}\)

उदाहरण: \(x^2 - 5x - 24 = 0\) के मूलों का योगफल एवं गुणनफल ज्ञात कीजिए।

हल: समीकरण की तुलना \(ax^2 + bx + c = 0\) से करने पर: \(a = 1, b = -5, c = -24\)

  • मूलों का योगफल \(= -\frac{b}{a} = -\frac{(-5)}{1} = 5\)
  • मूलों का गुणनफल \(= \frac{c}{a} = \frac{-24}{1} = -24\)
🧮सूत्र

मूलों और गुणांकों के संबंध: यदि \(ax^2 + bx + c = 0\) के मूल \(\alpha, \beta\) हैं, तो:

  • योगफल: \(\alpha + \beta = -b/a\)
  • गुणनफल: \(\alpha \beta = c/a\)

मूल ज्ञात होने पर द्विघात समीकरण बनाना

यदि हमें किसी द्विघात समीकरण के मूल \(\alpha\) और \(\beta\) ज्ञात हों, तो हम उस समीकरण को निम्नलिखित सूत्र का उपयोग करके बना सकते हैं:

$$x^2 - (\text{मूलों का योगफल})x + (\text{मूलों का गुणनफल}) = 0$$

या

$$x^2 - (\alpha + \beta)x + \alpha \beta = 0$$

उदाहरण: वह द्विघात समीकरण ज्ञात कीजिए जिसके मूल 3 और -8 हैं।

हल: दिए गए मूल \(\alpha = 3\) और \(\beta = -8\) हैं।

  1. मूलों का योगफल \(= \alpha + \beta = 3 + (-8) = -5\)
  2. मूलों का गुणनफल \(= \alpha \beta = 3 \times (-8) = -24\)

सूत्र में मान रखने पर: \(x^2 - ( -5 )x + ( -24 ) = 0\) \(x^2 + 5x - 24 = 0\)

अतः, आवश्यक द्विघात समीकरण \(x^2 + 5x - 24 = 0\) है।

🧮सूत्र

मूलों से समीकरण बनाना: यदि मूल \(\alpha\) और \(\beta\) ज्ञात हों, तो समीकरण है: \(x^2 - (\alpha + \beta)x + \alpha \beta = 0\)

द्विघात समीकरण के अनुप्रयोग

वास्तविक जीवन की कई समस्याओं को द्विघात समीकरणों के रूप में व्यक्त किया जा सकता है और फिर उन्हें हल करके समस्या का समाधान किया जा सकता है। इसमें आमतौर पर निम्नलिखित चरण शामिल होते हैं:

  1. समस्या को समझना: दी गई जानकारी और क्या ज्ञात करना है, इसे स्पष्ट रूप से समझें।
  2. चरों को परिभाषित करना: अज्ञात राशियों को चर (जैसे \(x\)) के रूप में मानें।
  3. समीकरण बनाना: दी गई शर्तों का उपयोग करके एक द्विघात समीकरण स्थापित करें।
  4. समीकरण को हल करना: गुणनखंड विधि, पूर्ण वर्ग विधि या सूत्र विधि का उपयोग करके द्विघात समीकरण को हल करें।
  5. समाधान की व्याख्या करना: प्राप्त मूलों की जाँच करें कि क्या वे समस्या के संदर्भ में मान्य हैं (उदाहरण के लिए, लंबाई या संख्या ऋणात्मक नहीं हो सकती)।

उदाहरण: एक आयताकार बगीचे का क्षेत्रफल 800 वर्गमीटर है। यदि इसकी लंबाई इसकी चौड़ाई से दुगुनी हो, तो बगीचे की लंबाई और चौड़ाई ज्ञात कीजिए।

हल:

  1. चर परिभाषित करें:

माना बगीचे की चौड़ाई \(= x\) मीटर। तब बगीचे की लंबाई \(= 2x\) मीटर।

  1. समीकरण बनाना:

आयताकार बगीचे का क्षेत्रफल \(= \text{लंबाई} \times \text{चौड़ाई}\) \(800 = (2x)(x)\) \(800 = 2x^2\) \(x^2 = 400\) \(x^2 - 400 = 0\)

  1. समीकरण को हल करना:

\(x^2 - 20^2 = 0\) \((x - 20)(x + 20) = 0\) \(x - 20 = 0 \Rightarrow x = 20\) \(x + 20 = 0 \Rightarrow x = -20\)

  1. समाधान की व्याख्या करना:

चौड़ाई ऋणात्मक नहीं हो सकती, इसलिए \(x = -20\) अमान्य है। अतः, चौड़ाई \(x = 20\) मीटर। लंबाई \(= 2x = 2 \times 20 = 40\) मीटर।

बगीचे की चौड़ाई 20 मीटर और लंबाई 40 मीटर है।

💡सुझाव

शब्द समस्याओं को हल करते समय, हमेशा प्राप्त मूलों को वास्तविक जीवन के संदर्भ में जांचें। कुछ मूल अमान्य हो सकते हैं (जैसे ऋणात्मक लंबाई, व्यक्तियों की संख्या का भिन्न होना)।

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