त्रिकोणमितीय समीकरण एवं सर्वसमिकाएँ
यह अध्याय त्रिकोणमितीय अनुपातों (sin, cos, tan, cot, sec, cosec) के बीच संबंधों का विस्तृत अध्ययन प्रस्तुत करता है। छात्र sin²θ + cos²θ = 1, 1 + tan²θ = sec²θ और 1 + cot²θ = cosec²θ जैसी महत्वपूर्ण सर्वसमिकाओं को सीखते हैं। अध्याय में त्रिकोणमितीय समीकरणों को हल करने और पूरक कोणों के त्रिकोणमितीय अनुपातों का उपयोग करने पर भी ध्यान केंद्रित किया गया है, जो छात्रों को त्रिकोणमिति की गहरी समझ विकसित करने में मदद करता है।
त्रिकोणमितीय अनुपातों की मूल अवधारणा
कक्षा 9 में पढ़े गए त्रिकोणमितीय अनुपातों का पुनरावलोकन:
- साइन (sin): लंब / कर्ण
- कोसाइन (cos): आधार / कर्ण
- टैनजेंट (tan): लंब / आधार
- कोसेकेंट (cosec): कर्ण / लंब (sin का व्युत्क्रम)
- सेकेंट (sec): कर्ण / आधार (cos का व्युत्क्रम)
- कोटैंजेंट (cot): आधार / लंब (tan का व्युत्क्रम)
इन अनुपातों को केवल न्यून कोणों ( \(0^\circ\) से \(90^\circ\) के बीच) के लिए ही लागू किया जाता है।
महत्वपूर्ण संबंध:
- \(\tan \theta = \frac{\sin \theta}{\cos \theta}\)
- \(\cot \theta = \frac{\cos \theta}{\sin \theta}\)
- \(\sin \theta \cdot \text{cosec } \theta = 1\)
- \(\cos \theta \cdot \sec \theta = 1\)
- \(\tan \theta \cdot \cot \theta = 1\)
किसी भी समकोण त्रिभुज में, एक न्यून कोण के लिए ये अनुपात स्थिर रहते हैं, चाहे त्रिभुज का आकार कुछ भी हो।
याद रखने का तरीका:
- लाल/कका (LAL/KKA): लंब, आधार, लंब / कर्ण, कर्ण, आधार
- \(\sin \theta = \text{L/K}\)
- \(\cos \theta = \text{A/K}\)
- \(\tan \theta = \text{L/A}\)
उदाहरण: यदि \(\sin A = \frac{3}{5}\) है, तो अन्य त्रिकोणमितीय अनुपात ज्ञात करें।
- पाइथागोरस प्रमेय से आधार ज्ञात करें: \(आधार = \sqrt{कर्ण^2 - लंब^2} = \sqrt{5^2 - 3^2} = \sqrt{25-9} = \sqrt{16} = 4\)
- अब अन्य अनुपात ज्ञात करें:
- \(\cos A = \frac{आधार}{कर्ण} = \frac{4}{5}\)
- \(\tan A = \frac{लंब}{आधार} = \frac{3}{4}\)
- \(\text{cosec } A = \frac{कर्ण}{लंब} = \frac{5}{3}\)
- \(\sec A = \frac{कर्ण}{आधार} = \frac{5}{4}\)
- \(\cot A = \frac{आधार}{लंब} = \frac{4}{3}\)
त्रिकोणमितीय सर्वसमिका: sin²θ + cos²θ = 1
यह त्रिकोणमिति की सबसे मूलभूत सर्वसमिका है।
व्युत्पत्ति:
- एक समकोण त्रिभुज ABC में, जहाँ \(\angle B = 90^\circ\) है।
- पाइथागोरस प्रमेय के अनुसार: \(AB^2 + BC^2 = AC^2\)
- दोनों पक्षों को \(AC^2\) से भाग देने पर:
\(\frac{AB^2}{AC^2} + \frac{BC^2}{AC^2} = \frac{AC^2}{AC^2}\) \(\left(\frac{AB}{AC}\right)^2 + \left(\frac{BC}{AC}\right)^2 = 1\)
- यदि \(\angle C = \theta\) है, तो \(\cos \theta = \frac{BC}{AC}\) और \(\sin \theta = \frac{AB}{AC}\)
- अतः, \((\sin \theta)^2 + (\cos \theta)^2 = 1\)
- या \(\sin^2 \theta + \cos^2 \theta = 1\)
उपयोग:
- यह सर्वसमिका \(\theta\) के सभी मानों के लिए सत्य है जहाँ \(0^\circ \le \theta \le 90^\circ\) है।
- इसका उपयोग \(\sin \theta\) को \(\cos \theta\) के पदों में या \(\cos \theta\) को \(\sin \theta\) के पदों में व्यक्त करने के लिए किया जाता है।
- \(\sin^2 \theta = 1 - \cos^2 \theta\)
- \(\cos^2 \theta = 1 - \sin^2 \theta\)
अन्य त्रिकोणमितीय सर्वसमिकाएँ
त्रिकोणमिति की दो अन्य महत्वपूर्ण सर्वसमिकाएँ हैं:
- \(1 + \tan^2 \theta = \sec^2 \theta\)
- व्युत्पत्ति:
- पाइथागोरस प्रमेय: \(AB^2 + BC^2 = AC^2\)
- दोनों पक्षों को \(BC^2\) से भाग देने पर:
\(\frac{AB^2}{BC^2} + \frac{BC^2}{BC^2} = \frac{AC^2}{BC^2}\) \(\left(\frac{AB}{BC}\right)^2 + 1 = \left(\frac{AC}{BC}\right)^2\)
- यदि \(\angle C = \theta\) है, तो \(\tan \theta = \frac{AB}{BC}\) और \(\sec \theta = \frac{AC}{BC}\)
- अतः, \(\tan^2 \theta + 1 = \sec^2 \theta\)
- शर्तें: यह सर्वसमिका \(\theta\) के उन सभी मानों के लिए सत्य है जहाँ \(0^\circ \le \theta < 90^\circ\) है। \(\theta = 90^\circ\) पर \(\tan \theta\) और \(\sec \theta\) अपरिभाषित होते हैं।
- उपयोग: \(\tan \theta\) और \(\sec \theta\) के बीच संबंध स्थापित करने के लिए।
- \(1 + \cot^2 \theta = \text{cosec}^2 \theta\)
- व्युत्पत्ति:
- पाइथागोरस प्रमेय: \(AB^2 + BC^2 = AC^2\)
- दोनों पक्षों को \(AB^2\) से भाग देने पर:
\(\frac{AB^2}{AB^2} + \frac{BC^2}{AB^2} = \frac{AC^2}{AB^2}\) \(1 + \left(\frac{BC}{AB}\right)^2 = \left(\frac{AC}{AB}\right)^2\)
- यदि \(\angle C = \theta\) है, तो \(\cot \theta = \frac{BC}{AB}\) और \(\text{cosec } \theta = \frac{AC}{AB}\)
- अतः, \(1 + \cot^2 \theta = \text{cosec}^2 \theta\)
- शर्तें: यह सर्वसमिका \(\theta\) के उन सभी मानों के लिए सत्य है जहाँ \(0^\circ < \theta \le 90^\circ\) है। \(\theta = 0^\circ\) पर \(\cot \theta\) और \(\text{cosec } \theta\) अपरिभाषित होते हैं।
- उपयोग: \(\cot \theta\) और \(\text{cosec } \theta\) के बीच संबंध स्थापित करने के लिए।
त्रिकोणमितीय अनुपातों को एक-दूसरे में बदलना
किसी एक त्रिकोणमितीय अनुपात का मान ज्ञात होने पर, अन्य सभी त्रिकोणमितीय अनुपातों को ज्ञात किया जा सकता है। इसके लिए मुख्य रूप से पाइथागोरस प्रमेय और मूलभूत सर्वसमिकाओं का उपयोग किया जाता है।
विधि 1: समकोण त्रिभुज बनाकर
- दिए गए अनुपात को लंब, आधार या कर्ण के रूप में व्यक्त करें।
- पाइथागोरस प्रमेय का उपयोग करके तीसरी भुजा ज्ञात करें।
- अन्य सभी अनुपातों को परिभाषित करें।
उदाहरण: यदि \(\sin A = \frac{3}{5}\) है, तो \(\sec A\) को \(\sin A\) के पदों में व्यक्त करें।
- \(\sin A = \frac{3}{5}\) (लंब = 3, कर्ण = 5)
- \(आधार = \sqrt{5^2 - 3^2} = 4\)
- \(\sec A = \frac{कर्ण}{आधार} = \frac{5}{4}\)
विधि 2: सर्वसमिकाओं का उपयोग करके
- \(\cos A\) को \(\sin A\) के पदों में:
- \(\sin^2 A + \cos^2 A = 1\)
- \(\cos^2 A = 1 - \sin^2 A\)
- \(\cos A = \sqrt{1 - \sin^2 A}\)
- \(\tan A\) को \(\sin A\) के पदों में:
- \(\tan A = \frac{\sin A}{\cos A}\)
- \(\tan A = \frac{\sin A}{\sqrt{1 - \sin^2 A}}\)
- \(\sec A\) को \(\sin A\) के पदों में:
- \(\sec A = \frac{1}{\cos A}\)
- \(\sec A = \frac{1}{\sqrt{1 - \sin^2 A}}\)
यह विधि तब अधिक उपयोगी होती है जब हमें किसी व्यंजक को सरल करना हो या एक अनुपात को दूसरे अनुपात में बदलना हो, बिना किसी विशिष्ट मान के।
त्रिकोणमितीय सर्वसमिकाओं को सिद्ध करना
त्रिकोणमितीय सर्वसमिकाओं को सिद्ध करने के लिए निम्नलिखित रणनीतियों का पालन करें:
- एक पक्ष से शुरू करें: आमतौर पर, अधिक जटिल पक्ष (LHS या RHS) से शुरू करें और उसे दूसरे पक्ष के बराबर सिद्ध करें।
- सरलतम रूप में बदलें: सभी त्रिकोणमितीय अनुपातों को \(\sin \theta\) और \(\cos \theta\) के पदों में बदलने का प्रयास करें।
- \(\tan \theta = \frac{\sin \theta}{\cos \theta}\)
- \(\cot \theta = \frac{\cos \theta}{\sin \theta}\)
- \(\sec \theta = \frac{1}{\cos \theta}\)
- \(\text{cosec } \theta = \frac{1}{\sin \theta}\)
- बीजगणितीय सर्वसमिकाओं का उपयोग करें:
- \((a+b)^2 = a^2 + b^2 + 2ab\)
- \((a-b)^2 = a^2 + b^2 - 2ab\)
- \(a^2 - b^2 = (a-b)(a+b)\)
- \((a+b)^3 = a^3 + b^3 + 3ab(a+b)\)
- \((a-b)^3 = a^3 - b^3 - 3ab(a-b)\)
- मुख्य त्रिकोणमितीय सर्वसमिकाओं का उपयोग करें:
- \(\sin^2 \theta + \cos^2 \theta = 1\)
- \(1 + \tan^2 \theta = \sec^2 \theta\)
- \(1 + \cot^2 \theta = \text{cosec}^2 \theta\)
- हर का परिमेयकरण करें: यदि हर में \((1 \pm \sin \theta)\) या \((1 \pm \cos \theta)\) जैसे पद हों, तो उनके संयुग्मी से गुणा करके परिमेयकरण करें।
- ल.स.प. लें: भिन्नों को जोड़ने या घटाने के लिए लघुत्तम समापवर्त्य (LCM) लें।
महत्वपूर्ण सुझाव:
- दोनों पक्षों को एक साथ बदलने से बचें, जब तक कि आप दोनों को एक ही मध्यवर्ती रूप में न बदल रहे हों।
- अभ्यास ही कुंजी है। विभिन्न प्रकार के प्रश्नों को हल करने का अभ्यास करें।
उदाहरण: सिद्ध कीजिए कि \(\frac{\cos A}{1 - \tan A} + \frac{\sin A}{1 - \cot A} = \sin A + \cos A\)
- बायाँ पक्ष (LHS): \(\frac{\cos A}{1 - \frac{\sin A}{\cos A}} + \frac{\sin A}{1 - \frac{\cos A}{\sin A}}\)
- \(\Rightarrow \frac{\cos A}{\frac{\cos A - \sin A}{\cos A}} + \frac{\sin A}{\frac{\sin A - \cos A}{\sin A}}\)
- \(\Rightarrow \frac{\cos^2 A}{\cos A - \sin A} + \frac{\sin^2 A}{\sin A - \cos A}\)
- \(\Rightarrow \frac{\cos^2 A}{\cos A - \sin A} - \frac{\sin^2 A}{\cos A - \sin A}\) (हर को समान बनाने के लिए \((\sin A - \cos A)\) से \(-1\) उभयनिष्ठ लिया)
- \(\Rightarrow \frac{\cos^2 A - \sin^2 A}{\cos A - \sin A}\)
- \(\Rightarrow \frac{(\cos A - \sin A)(\cos A + \sin A)}{\cos A - \sin A}\) (\(a^2 - b^2 = (a-b)(a+b)\) का उपयोग करके)
- \(\Rightarrow \cos A + \sin A\)
- दायाँ पक्ष (RHS): \(\sin A + \cos A\)
- अतः, LHS = RHS, सिद्ध हुआ।
त्रिकोणमितीय अनुपातों से नए संबंध बनाना
कभी-कभी हमें दिए गए प्रतिबंधों (शर्तों) की सहायता से कुछ संबंधों को सिद्ध करना होता है या नए संबंध बनाने होते हैं। इसमें बीजगणितीय हेरफेर और त्रिकोणमितीय सर्वसमिकाओं का संयोजन शामिल होता है।
रणनीतियाँ:
- दिए गए समीकरणों का वर्ग करें: यदि \(\sin \theta + \cos \theta = k\) जैसा कोई संबंध दिया गया है, तो दोनों पक्षों का वर्ग करने से \(\sin^2 \theta + \cos^2 \theta + 2 \sin \theta \cos \theta = k^2\) प्राप्त होता है, जिससे \(1 + 2 \sin \theta \cos \theta = k^2\) हो जाता है।
- चरों को विलोपित करें: यदि \(x = a \cos \theta\) और \(y = b \sin \theta\) जैसे समीकरण दिए गए हैं, तो \(\theta\) को विलोपित करके \(x\) और \(y\) के बीच संबंध ज्ञात किया जा सकता है।
- \(\frac{x}{a} = \cos \theta\)
- \(\frac{y}{b} = \sin \theta\)
- \(\left(\frac{x}{a}\right)^2 + \left(\frac{y}{b}\right)^2 = \cos^2 \theta + \sin^2 \theta = 1\)
- अतः, \(\frac{x^2}{a^2} + \frac{y^2}{b^2} = 1\)
- व्यंजकों को सरल करें: दिए गए व्यंजकों को \(\sin \theta\) और \(\cos \theta\) के पदों में बदलकर या सर्वसमिकाओं का उपयोग करके सरल करें।
उदाहरण: यदि \(\tan \theta + \sin \theta = m\) और \(\tan \theta - \sin \theta = n\) हो, तो सिद्ध कीजिए कि \(m^2 - n^2 = 4\sqrt{mn}\)
- LHS: \(m^2 - n^2 = (\tan \theta + \sin \theta)^2 - (\tan \theta - \sin \theta)^2\)
- \( = (\tan^2 \theta + \sin^2 \theta + 2 \tan \theta \sin \theta) - (\tan^2 \theta + \sin^2 \theta - 2 \tan \theta \sin \theta)\)
- \( = 4 \tan \theta \sin \theta\)
- RHS: \(4\sqrt{mn} = 4\sqrt{(\tan \theta + \sin \theta)(\tan \theta - \sin \theta)}\)
- \( = 4\sqrt{\tan^2 \theta - \sin^2 \theta}\)
- \( = 4\sqrt{\frac{\sin^2 \theta}{\cos^2 \theta} - \sin^2 \theta}\)
- \( = 4\sqrt{\sin^2 \theta \left(\frac{1}{\cos^2 \theta} - 1\right)}\)
- \( = 4\sqrt{\sin^2 \theta \left(\frac{1 - \cos^2 \theta}{\cos^2 \theta}\right)}\)
- \( = 4\sqrt{\sin^2 \theta \left(\frac{\sin^2 \theta}{\cos^2 \theta}\right)}\)
- \( = 4\sqrt{\tan^2 \theta \sin^2 \theta}\)
- \( = 4 |\tan \theta \sin \theta|\)
- चूंकि \(\theta\) न्यून कोण है, \(\tan \theta\) और \(\sin \theta\) धनात्मक होंगे, अतः \(4 \tan \theta \sin \theta\)
- LHS = RHS, सिद्ध हुआ।
सर्वसमिका और त्रिकोणमितीय समीकरण में अंतर
त्रिकोणमिति में, 'सर्वसमिका' और 'समीकरण' दो अलग-अलग अवधारणाएँ हैं:
- त्रिकोणमितीय सर्वसमिका (Trigonometric Identity):
- एक ऐसा संबंध जो कोण के चर के सभी अनुमेय मानों के लिए सत्य होता है।
- उदाहरण: \(\sin^2 \theta + \cos^2 \theta = 1\) यह \(\theta\) के किसी भी मान के लिए सत्य है।
- उदाहरण: \(1 + \tan^2 \theta = \sec^2 \theta\) यह \(\theta\) के उन सभी मानों के लिए सत्य है जहाँ \(\tan \theta\) और \(\sec \theta\) परिभाषित हैं (यानी \(\theta \ne 90^\circ, 270^\circ, \dots\) पर)।
- त्रिकोणमितीय समीकरण (Trigonometric Equation):
- एक ऐसा संबंध जो कोण के चर के केवल कुछ विशेष मानों के लिए सत्य होता है।
- इन विशेष मानों को समीकरण का 'हल' कहा जाता है।
- उदाहरण: \(\sin \theta + \cos \theta = 1\)
- यदि \(\theta = 0^\circ\), तो \(\sin 0^\circ + \cos 0^\circ = 0 + 1 = 1\) (सत्य)
- यदि \(\theta = 30^\circ\), तो \(\sin 30^\circ + \cos 30^\circ = \frac{1}{2} + \frac{\sqrt{3}}{2} = \frac{1 + \sqrt{3}}{2} \ne 1\) (असत्य)
- अतः, \(\sin \theta + \cos \theta = 1\) एक सर्वसमिका नहीं है, बल्कि एक त्रिकोणमितीय समीकरण है जिसका हल \(\theta = 0^\circ\) और \(\theta = 90^\circ\) (न्यून कोणों के लिए) हैं।
मुख्य अंतर: | विशेषता | त्रिकोणमितीय सर्वसमिका | त्रिकोणमितीय समीकरण | |:--------------|:-------------------------------------------------------|:---------------------------------------------------| | सत्यता | चर के सभी अनुमेय मानों के लिए सत्य | चर के केवल कुछ विशेष मानों के लिए सत्य | | उद्देश्य | व्यंजकों को सरल करना, संबंध स्थापित करना | चर के उन मानों को ज्ञात करना जिनके लिए संबंध सत्य है | | उदाहरण | \(\sin^2 \theta + \cos^2 \theta = 1\) | \(\sin \theta = \frac{1}{2}\) |
त्रिकोणमितीय समीकरणों को हल करने का अर्थ है \(\theta\) के उन मानों को ज्ञात करना जिनके लिए समीकरण संतुष्ट होता है।
त्रिकोणमितीय समीकरणों को हल करना
त्रिकोणमितीय समीकरणों को हल करने के लिए, हमें \(\theta\) के उन मानों को ज्ञात करना होता है जो समीकरण को संतुष्ट करते हैं। इसके लिए निम्नलिखित चरणों का पालन करें:
- समीकरण को सरल करें:
- सभी त्रिकोणमितीय अनुपातों को \(\sin \theta\) और \(\cos \theta\) के पदों में बदलने का प्रयास करें।
- त्रिकोणमितीय सर्वसमिकाओं का उपयोग करके समीकरण को सरल करें।
- यदि संभव हो, तो समीकरण को एक ही त्रिकोणमितीय अनुपात में बदलें।
- गुणनखंड करें या द्विघात समीकरण में बदलें:
- यदि समीकरण \(\sin \theta\) या \(\cos \theta\) में द्विघात है, तो इसे गुणनखंडित करें या द्विघात सूत्र का उपयोग करें।
- उदाहरण: \(2 \cos^2 x + \cos x - 1 = 0\)
- मान लीजिए \(y = \cos x\), तो \(2y^2 + y - 1 = 0\)
- \((2y-1)(y+1) = 0\)
- \(2 \cos x - 1 = 0 \Rightarrow \cos x = \frac{1}{2}\)
- \(\cos x + 1 = 0 \Rightarrow \cos x = -1\)
- मान ज्ञात करें: मानक कोणों के लिए त्रिकोणमितीय अनुपातों के मानों का उपयोग करके \(\theta\) का मान ज्ञात करें।
- यदि \(\cos x = \frac{1}{2}\), तो \(x = 60^\circ\) (न्यून कोण के लिए)।
- यदि \(\cos x = -1\), तो \(x = 180^\circ\) (जो \(0^\circ \le x \le 90^\circ\) की शर्त को पूरा नहीं करता)।
- शर्तों की जाँच करें: दिए गए कोण की सीमा (जैसे \(0^\circ \le \theta \le 90^\circ\)) के भीतर ही हल ज्ञात करें।
उदाहरण: \(\sqrt{3} \tan \theta - 2 \sin \theta = 0\) को हल कीजिए।
- \(\sqrt{3} \frac{\sin \theta}{\cos \theta} - 2 \sin \theta = 0\)
- \(\sin \theta \left(\frac{\sqrt{3}}{\cos \theta} - 2\right) = 0\)
- दो स्थितियाँ संभव हैं:
- \(\sin \theta = 0\)
- \(\theta = 0^\circ\) (न्यून कोण के लिए)
- \(\frac{\sqrt{3}}{\cos \theta} - 2 = 0\)
- \(\frac{\sqrt{3}}{\cos \theta} = 2\)
- \(\cos \theta = \frac{\sqrt{3}}{2}\)
- \(\theta = 30^\circ\)
- अतः, हल \(\theta = 0^\circ, 30^\circ\) हैं।
पूरक कोणों के त्रिकोणमितीय अनुपात
दो कोणों को पूरक कोण कहा जाता है यदि उनका योग \(90^\circ\) हो। यदि एक न्यून कोण \(\theta\) है, तो उसका पूरक कोण \((90^\circ - \theta)\) होगा।
पूरक कोणों के लिए त्रिकोणमितीय संबंध:
- \(\sin (90^\circ - \theta) = \cos \theta\)
- \(\cos (90^\circ - \theta) = \sin \theta\)
- \(\tan (90^\circ - \theta) = \cot \theta\)
- \(\cot (90^\circ - \theta) = \tan \theta\)
- \(\sec (90^\circ - \theta) = \text{cosec } \theta\)
- \(\text{cosec } (90^\circ - \theta) = \sec \theta\)
व्युत्पत्ति:
- एक समकोण त्रिभुज ABC में, जहाँ \(\angle B = 90^\circ\) है।
- यदि \(\angle C = \theta\), तो \(\angle A = 90^\circ - \theta\) होगा।
- \(\sin \theta = \frac{AB}{AC}\)
- \(\cos (90^\circ - \theta) = \frac{AB}{AC}\) (कोण A के लिए आधार AB और कर्ण AC है)
- अतः, \(\sin \theta = \cos (90^\circ - \theta)\)
- इसी प्रकार अन्य संबंध भी सिद्ध किए जा सकते हैं।
महत्वपूर्ण तथ्य:
- ये संबंध \(\theta\) के उन सभी मानों के लिए सत्य हैं जहाँ \(0^\circ \le \theta \le 90^\circ\) और संबंधित त्रिकोणमितीय अनुपात परिभाषित हैं।
- इन संबंधों का उपयोग उन कोणों के त्रिकोणमितीय मान ज्ञात करने के लिए किया जाता है जिनके मान सीधे सारणी में नहीं दिए गए होते हैं, जैसे \(31^\circ, 59^\circ\) आदि।
पूरक कोणों के अनुपातों का अनुप्रयोग
पूरक कोणों के त्रिकोणमितीय अनुपातों का उपयोग करके हम जटिल दिखने वाले व्यंजकों को सरल कर सकते हैं और बिना सारणी का उपयोग किए मान ज्ञात कर सकते हैं।
उपयोग के क्षेत्र:
- व्यंजकों का मान ज्ञात करना: जब व्यंजक में ऐसे कोण हों जिनका योग \(90^\circ\) हो।
- उदाहरण: \(\frac{\sin 31^\circ}{2 \cos 59^\circ}\)
- \(\cos 59^\circ = \cos (90^\circ - 31^\circ) = \sin 31^\circ\)
- अतः, \(\frac{\sin 31^\circ}{2 \sin 31^\circ} = \frac{1}{2}\)
- सर्वसमिकाओं को सिद्ध करना:
- उदाहरण: \(\sin (90^\circ - \theta) \sec \theta + \cos (90^\circ - \theta) \text{cosec } \theta = 2\)
- LHS = \(\cos \theta \sec \theta + \sin \theta \text{cosec } \theta\)
- LHS = \(\cos \theta \cdot \frac{1}{\cos \theta} + \sin \theta \cdot \frac{1}{\sin \theta}\)
- LHS = \(1 + 1 = 2\) = RHS
- त्रिकोणमितीय समीकरणों को हल करना: जब समीकरण में पूरक कोणों के अनुपात शामिल हों।
उदाहरण: \(\tan 7^\circ \tan 23^\circ \tan 60^\circ \tan 67^\circ \tan 83^\circ\) का मान ज्ञात कीजिए।
- \(\tan 7^\circ = \tan (90^\circ - 83^\circ) = \cot 83^\circ\)
- \(\tan 23^\circ = \tan (90^\circ - 67^\circ) = \cot 67^\circ\)
- व्यंजक = \(\cot 83^\circ \cot 67^\circ \tan 60^\circ \tan 67^\circ \tan 83^\circ\)
- व्यंजक = \((\cot 83^\circ \tan 83^\circ) (\cot 67^\circ \tan 67^\circ) \tan 60^\circ\)
- चूंकि \(\cot \theta \tan \theta = 1\)
- व्यंजक = \(1 \cdot 1 \cdot \tan 60^\circ = \sqrt{3}\)
पूरक कोणों से संबंधित समीकरण हल करना
पूरक कोणों के संबंधों का उपयोग करके हम उन समीकरणों को हल कर सकते हैं जिनमें \(\theta\) और \((90^\circ - \theta)\) दोनों शामिल होते हैं।
रणनीतियाँ:
- एक ही अनुपात में बदलें: समीकरण के एक पक्ष को दूसरे पक्ष के समान त्रिकोणमितीय अनुपात में बदलने के लिए पूरक कोण संबंधों का उपयोग करें।
- उदाहरण: यदि \(\sin A = \cos B\), तो \(\sin A = \sin (90^\circ - B)\)
- इससे \(A = 90^\circ - B\) प्राप्त होता है, अर्थात \(A + B = 90^\circ\)
- कोणों की तुलना करें: एक बार जब दोनों पक्ष एक ही त्रिकोणमितीय अनुपात में हों, तो कोणों की तुलना करें।
उदाहरण: यदि \(\cot 3A = \tan (A - 22^\circ)\), जहाँ \(3A\) एक न्यून कोण है, तो \(A\) का मान ज्ञात कीजिए।
- हम जानते हैं कि \(\cot \theta = \tan (90^\circ - \theta)\)
- अतः, \(\cot 3A = \tan (90^\circ - 3A)\)
- समीकरण बन जाता है: \(\tan (90^\circ - 3A) = \tan (A - 22^\circ)\)
- कोणों की तुलना करने पर (क्योंकि \(3A\) न्यून कोण है, \((90^\circ - 3A)\) भी न्यून कोण होगा, और \((A - 22^\circ)\) भी न्यून कोण होगा):
- \(90^\circ - 3A = A - 22^\circ\)
- \(90^\circ + 22^\circ = A + 3A\)
- \(112^\circ = 4A\)
- \(A = \frac{112^\circ}{4} = 28^\circ\)
त्रिभुज के अंतः कोणों से संबंधित प्रश्न:
- यदि A, B, C त्रिभुज के अंतः कोण हैं, तो \(A + B + C = 180^\circ\)
- इससे \(A + B = 180^\circ - C\) या \(\frac{A+B}{2} = 90^\circ - \frac{C}{2}\) जैसे संबंध प्राप्त होते हैं।
- उदाहरण: सिद्ध कीजिए कि \(\sin \left(\frac{A+B}{2}\right) = \cos \left(\frac{C}{2}\right)\)
- LHS = \(\sin \left(\frac{180^\circ - C}{2}\right)\)
- LHS = \(\sin \left(90^\circ - \frac{C}{2}\right)\)
- LHS = \(\cos \left(\frac{C}{2}\right)\) = RHS