सममिति
यह अध्याय छात्रों को सममिति की अवधारणा से परिचित कराता है, जो हमारे दैनिक जीवन में विभिन्न आकृतियों और वस्तुओं में पाई जाती है। छात्र सममित आकृतियों को पहचानना सीखते हैं, सममिति अक्षों को खींचना और समझना सीखते हैं। इसमें अंग्रेजी और हिंदी अक्षरों में सममिति की पहचान करना, रंगोली पैटर्न और कागज़ की कटिंग में सममिति देखना शामिल है। अध्याय त्रिविमीय आकृतियों जैसे घन, घनाभ, गोला, बेलन और शंकु के फलकों, किनारों और शीर्षों की पहचान करने का भी परिचय देता है। यह छात्रों को आसपास की दुनिया में गणितीय पैटर्न को देखने और समझने में मदद करता है।
सममिति (SYMMETRY)
सममिति हमारे चारों ओर प्रकृति और मानव निर्मित वस्तुओं में पाई जाने वाली एक बुनियादी ज्यामितीय अवधारणा है।
- परिभाषा: एक आकृति को सममित कहा जाता है यदि उसे किसी रेखा के अनुदिश मोड़ने पर उसके दोनों भाग एक-दूसरे को पूरी तरह से ढक लें।
- संतुलित अनुपात: सममित आकृतियाँ संतुलित और सुडौल दिखती हैं।
- उदाहरण:
- तितली के पंख [IMAGE: figures_for_recognizing_symmetry_fig851]
- फूलों की पंखुड़ियाँ [IMAGE: figures_for_recognizing_symmetry_fig851]
- इमारतों की संरचनाएँ [IMAGE: gopuram_and_line_of_symmetry_figbookopeningpositions]
- कुछ अक्षर जैसे 'A', 'M', 'O' [IMAGE: cg_c6_maths_ch18_t4_scene1]
सममिति वस्तुओं को सुंदर और आकर्षक बनाती है।
सममिति: किसी आकृति का वह गुण जिसके कारण उसे एक रेखा के अनुदिश मोड़ने पर उसके दोनों भाग एक-दूसरे के ठीक ऊपर आ जाते हैं।
सममिति अक्ष (Axis of symmetry)
सममिति अक्ष वह काल्पनिक या वास्तविक रेखा होती है जिसके अनुदिश किसी आकृति को मोड़ने पर उसके दोनों भाग एक-दूसरे को पूरी तरह ढक लेते हैं।
- यह रेखा आकृति को दो दर्पण-सममित भागों में विभाजित करती है।
- पहचान:
- कागज को मोड़कर: यदि मोड़ने पर दोनों हिस्से बिल्कुल एक जैसे बैठ जाएँ। [IMAGE: symmetry_through_paper_folding_figa]
- दर्पण का उपयोग करके: यदि दर्पण को सममिति अक्ष पर रखने पर आकृति का एक भाग दर्पण में दूसरे भाग के प्रतिबिंब को पूरी तरह ढक ले। [IMAGE: reflection_in_a_mirror_fig8]
विभिन्न आकृतियों में सममिति अक्ष:
| आकृति | सममिति अक्षों की संख्या | उदाहरण
सममिति अक्ष: वह रेखा जिसके अनुदिश किसी आकृति को मोड़ने पर उसके दोनों भाग एक-दूसरे को पूरी तरह ढक लेते हैं। इसे दर्पण रेखा भी कहते हैं।
किसी भी आकृति में सममिति अक्षों की संख्या ज्ञात करने के लिए, उसे विभिन्न तरीकों से मोड़कर देखें कि कितने मोड़ों पर वह अपने आप को पूरी तरह ढक लेती है।
सममित आकृतियाँ पहचानिए
सममित आकृतियों की पहचान करने के लिए, हमें यह देखना होगा कि क्या उनमें कम से कम एक सममिति अक्ष है।
- पहचान के चरण:
- आकृति को ध्यान से देखें।
- एक काल्पनिक रेखा खींचने का प्रयास करें जिसके अनुदिश आकृति को मोड़ने पर दोनों भाग एक-दूसरे को ढक लें।
- यदि ऐसी एक या अधिक रेखाएँ मिलती हैं, तो आकृति सममित है।
- यदि कोई ऐसी रेखा नहीं मिलती, तो आकृति असममित है।
उदाहरण:
- सममित आकृतियाँ: वर्ग, आयत, समबाहु त्रिभुज, वृत्त, हृदय [IMAGE: recognize_symmetrical_figures_fig27]
- असममित आकृतियाँ: विषमबाहु त्रिभुज, 'F' अक्षर, अर्धचंद्र (कुछ स्थितियों में) [IMAGE: recognize_symmetrical_figures_fig834]
असममित आकृति को सममित बनाना:
- कुछ असममित आकृतियों में अतिरिक्त भाग जोड़कर उन्हें सममित बनाया जा सकता है। उदाहरण के लिए, एक अधूरे चित्र को सममिति अक्ष के दूसरी ओर पूरा करके। [IMAGE: completing_figures_with_symmetry_fig844]
सममित आकृति में, सममिति अक्ष आकृति के आधे भाग को दूसरे आधे भाग का दर्पण प्रतिबिंब बनाता है।
कौन से अक्षर सममित हैं ?
अंग्रेजी और हिंदी वर्णमाला के कई अक्षरों में सममिति होती है। इन्हें कागज काटकर या मोड़कर पहचाना जा सकता है।
अंग्रेजी अक्षर:
- एक सममिति अक्ष वाले:
- ऊर्ध्वाधर अक्ष: A, M, T, U, V, W, Y [IMAGE: cg_c6_maths_ch18_t4_scene1]
- क्षैतिज अक्ष: B, C, D, E, K
- दो सममिति अक्ष वाले: H, I, O, X
- कोई सममिति अक्ष नहीं: F, G, J, L, N, P, Q, R, S, Z
हिंदी अक्षर:
- कई हिंदी अक्षरों में भी सममिति होती है। उदाहरण के लिए, 'ट' में क्षैतिज सममिति होती है।
- कुछ अक्षर जैसे 'क' में कोई स्पष्ट सममिति नहीं होती। [IMAGE: cg_c6_maths_ch18_t4_scene3]
क्रियाकलाप 3 से निष्कर्ष:
- अक्षरों को काटकर और मोड़कर सममिति की जाँच करना एक प्रभावी तरीका है।
- 'O' अक्षर में अनंत सममिति अक्ष होते हैं (यदि इसे एक वृत्त माना जाए)।
परीक्षा में अक्सर अक्षरों या संख्याओं में सममिति अक्षों की संख्या पूछी जाती है। प्रत्येक अक्षर को ध्यान से देखें और सभी संभावित सममिति अक्षों का पता लगाएँ।
कागज पर स्याही के धब्बे से सममिति
यह क्रियाकलाप सममिति पैटर्न बनाने का एक रचनात्मक तरीका सिखाता है।
विधि:
- एक कागज लें और उसे दो बराबर भागों में मोड़ें।
- कागज के एक आधे भाग पर स्याही या रंग की कुछ बूँदें डालें।
- दूसरे आधे भाग को पहले भाग पर रखकर दबाएँ।
- कागज खोलने पर आपको एक सममित आकृति मिलेगी। [IMAGE: symmetric_inkblot_figure_fig4]
- इस विधि से बनी आकृति में मोड़ने वाली रेखा ही सममिति अक्ष होती है।
- यह दर्शाता है कि सममिति को प्राकृतिक रूप से या कलात्मक रूप से बनाया जा सकता है।
स्याही धब्बा क्रियाकलाप दर्पण प्रतिबिंब के सिद्धांत पर आधारित है, जहाँ मोड़ रेखा एक दर्पण का कार्य करती है।
दैनिक जीवन में सममिति
हमारे दैनिक जीवन में सममित वस्तुओं और डिजाइनों की भरमार है।
- कक्षा में:
- श्याम पट्ट
- मेज की ऊपरी सतह
- आपकी कॉपी
- खिड़कियाँ, दरवाजे
- घर में:
- दीवार पर बने चित्र या सजावट [IMAGE: cg_c6_maths_ch18_t7_scene1]
- फर्नीचर
- बर्तन
- प्रकृति में:
- पेड़ की पत्तियाँ [IMAGE: figures_for_recognizing_symmetry_fig851]
- फूल
- कुछ फल
- कला और वास्तुकला में:
- रंगोली पैटर्न [IMAGE: symmetrical_rangoli_pattern_fig839]
- मेहंदी डिजाइन [IMAGE: mehandi_design_fig814]
- मंदिर और अन्य ऐतिहासिक इमारतें (जैसे ताजमहल) [IMAGE: symmetry_in_taj_mahal_figclassificationofangles]
- अन्य उदाहरण:
- वाहनों (बस, ट्रक, कार) में भी अक्सर सममिति होती है।
- खेलों के मैदान (जैसे फुटबॉल मैदान) और बोर्ड (जैसे शतरंज बोर्ड)।
सममिति वस्तुओं को सौंदर्य और संतुलन प्रदान करती है।
सममिति केवल ज्यामितीय आकृतियों तक ही सीमित नहीं है, यह हमारे दैनिक जीवन के हर पहलू में पाई जाती है।
रंगोली (Rangoli)
रंगोली भारतीय कला का एक रूप है जो सममिति का उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत करती है।
- पैटर्न: रंगोली में अक्सर वृत्ताकार, आयताकार या तारे के आकार के पैटर्न होते हैं। [IMAGE: rangoli_pattern_fig9]
- सममिति अक्ष: कई रंगोली डिजाइनों में एक से अधिक सममिति अक्ष होते हैं।
- कुछ में 2, 4, 6 या अधिक सममिति अक्ष हो सकते हैं।
- वृत्ताकार रंगोली में अनंत सममिति अक्ष हो सकते हैं।
- सेट स्क्वायर से आकृतियाँ:
- 90°, 60°, 30° वाले दो सेट स्क्वायर को मिलाकर पतंग जैसी आकृति बनाई जा सकती है। इस आकृति में एक सममिति रेखा होती है। [IMAGE: cg_c6_maths_ch18_t7_scene3]
- 90°, 45°, 45° वाले दो सेट स्क्वायर को मिलाकर वर्ग या आयत जैसी आकृति बनाई जा सकती है, जिसमें दो या चार सममिति रेखाएँ हो सकती हैं।
क्रियाकलाप 7 से निष्कर्ष:
- रंगोली में सममिति का उपयोग उसे आकर्षक और संतुलित बनाता है।
- विभिन्न ज्यामितीय उपकरणों का उपयोग करके भी सममित आकृतियाँ बनाई जा सकती हैं।
नियमित बहुभुजों में भुजाओं की संख्या के बराबर सममिति अक्ष होते हैं। उदाहरण के लिए, एक नियमित षट्भुज में 6 सममिति अक्ष होते हैं। [IMAGE: hexagon_and_its_lines_of_symmetry_figscissors]
आयत और सममिति
आयत एक चतुर्भुज है जिसमें चार समकोण और विपरीत भुजाएँ बराबर होती हैं।
- सममिति अक्ष:
- एक आयत में दो सममिति अक्ष होते हैं। [IMAGE: axes_of_symmetry_in_a_rectangle_fig6]
- ये अक्ष आयत की लंबाई और चौड़ाई के मध्यबिंदुओं से होकर गुजरते हैं।
- महत्वपूर्ण: आयत के विकर्ण सममिति अक्ष नहीं होते हैं। यदि आप आयत को विकर्ण के अनुदिश मोड़ते हैं, तो दोनों भाग एक-दूसरे को पूरी तरह नहीं ढकेंगे।
क्रियाकलाप 8 (पोस्टकार्ड):
- पोस्टकार्ड को लंबाई की ओर से मोड़ने पर (क्षैतिज अक्ष) दोनों भाग एक-दूसरे को ढक लेते हैं। यह एक सममिति रेखा है।
- पोस्टकार्ड को चौड़ाई की ओर से मोड़ने पर (ऊर्ध्वाधर अक्ष) भी दोनों भाग एक-दूसरे को ढक लेते हैं। यह दूसरी सममिति रेखा है।
एक वर्ग में चार सममिति अक्ष होते हैं।
छात्र अक्सर आयत के विकर्णों को सममिति अक्ष मान लेते हैं। याद रखें, विकर्ण सममिति अक्ष नहीं होते क्योंकि उन पर मोड़ने पर आकृति के भाग एक-दूसरे को पूरी तरह नहीं ढकते।
दर्पण प्रतिबिंब और सममिति
दर्पण प्रतिबिंब और सममिति घनिष्ठ रूप से संबंधित हैं। सममिति अक्ष को एक दर्पण के रूप में देखा जा सकता है।
- दर्पण रेखा: जब किसी आकृति को सममिति अक्ष पर मोड़ा जाता है, तो एक भाग दूसरे