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समीकरण
Chhattisgarh · Class 7 · 🧮 Maths · Chapter 4

समीकरण

चर राशिव्यंजकसमीकरणसमीकरण का हलपक्षांतरणएक चर वाले समीकरण

अध्याय 'समीकरण' छात्रों को चर राशियों, व्यंजकों और समीकरणों की मूल अवधारणाओं से परिचित कराता है। यह एक चर वाले रैखिक समीकरणों को हल करने के विभिन्न तरीकों पर केंद्रित है, जिसमें पक्षांतरण नियम और दैनिक जीवन की समस्याओं को हल करने में समीकरणों के अनुप्रयोग शामिल हैं। यह अध्याय छात्रों को बीजगणितीय सोच विकसित करने में मदद करता है, जो गणित की आगे की पढ़ाई के लिए महत्वपूर्ण है।

चर, अचर और व्यंजक

गणित में, हम अक्सर अज्ञात राशियों का उपयोग करते हैं जिन्हें हमें खोजना होता है। इन अज्ञात राशियों को व्यक्त करने के लिए हम अक्षरों का उपयोग करते हैं।

  • चर (Variable):
  • वह राशि जिसका मान निश्चित नहीं होता है और बदल सकता है।
  • इन्हें आमतौर पर अंग्रेजी वर्णमाला के छोटे अक्षरों जैसे \(x, y, z, a, b, c\) आदि से दर्शाया जाता है।
  • उदाहरण: \(x+5=10\) में \(x\) एक चर है।
  • अचर (Constant):
  • वह राशि जिसका मान निश्चित होता है और कभी नहीं बदलता।
  • ये संख्याएँ होती हैं।
  • उदाहरण: \(x+5=10\) में \(5\) और \(10\) अचर हैं।
  • बीजीय व्यंजक (Algebraic Expression):
  • चर और अचर राशियों को गणितीय संक्रियाओं (जोड़, घटाव, गुणा, भाग) से जोड़ने पर प्राप्त पद।
  • इनमें समानता \((=)\) का चिन्ह नहीं होता।
  • उदाहरण: \(2x+5\), \(3y-7\), \(x/2+4\).

याद रखें: व्यंजक में बराबर का चिन्ह नहीं होता।

📖परिभाषा

चर (Variable): वह राशि जिसका मान निश्चित नहीं होता और बदल सकता है।

📖परिभाषा

अचर (Constant): वह राशि जिसका मान निश्चित होता है और कभी नहीं बदलता।

समीकरण क्या है?

समीकरण का अवधारणा मानचित्र
समीकरण का अवधारणा मानचित्र
समीकरण का परिचय
समीकरण का परिचय

जब दो बीजीय व्यंजकों के बीच समानता (=) का चिन्ह होता है, तो उसे समीकरण (Equation) कहते हैं।

  • समीकरण की पहचान:
  • इसमें हमेशा एक समानता (=) का चिन्ह होता है।
  • समानता के चिन्ह के बाईं ओर के व्यंजक को बायाँ पक्ष (LHS - Left Hand Side) कहते हैं।
  • समानता के चिन्ह के दाईं ओर के व्यंजक को दायाँ पक्ष (RHS - Right Hand Side) कहते हैं।
  • दोनों पक्ष हमेशा बराबर होते हैं।
  • उदाहरण:
  • \(2x + 5 = 11\) (यह एक समीकरण है)
  • \(3y - 7 > 2\) (यह एक समीकरण नहीं है, क्योंकि इसमें \(>\) का चिन्ह है, \(=\) का नहीं)
  • \(x - 2 < -5\) (यह भी समीकरण नहीं है, क्योंकि इसमें \(<\) का चिन्ह है)
  • \(x = 0\) (यह एक समीकरण है)
  • एक चर वाले समीकरण (Equation in One Variable):
  • वह समीकरण जिसमें केवल एक ही अज्ञात राशि (चर) होती है।
  • कक्षा 7 में हम मुख्य रूप से एक चर वाले समीकरणों का अध्ययन करते हैं।
  • उदाहरण: \(3x + 2 = 8\), \(y - 5 = 12\)
  • बहु-चर वाले समीकरण:
  • यदि समीकरण में दो या दो से अधिक चर हों, तो उसे क्रमशः दो चर वाले, तीन चर वाले समीकरण कहते हैं।
  • उदाहरण: \(x+y=3\) (दो चर वाला समीकरण), \(x=2y+z+2\) (तीन चर वाला समीकरण)

| विशेषता | व्यंजक (Expression) | समीकरण (Equation) | |---|---|---| | समानता चिन्ह | नहीं होता | होता है (=) | | पक्ष | केवल एक पक्ष | दो पक्ष (बायाँ पक्ष = दायाँ पक्ष) | | उदाहरण | \(3x+5\), \(y-2\) | \(3x+5=9\), \(y-2=5\) | | हल | मान ज्ञात नहीं किया जा सकता | चर का मान ज्ञात किया जा सकता है |

महत्त्वपूर्ण

समीकरण एक तराजू के समान होता है। दोनों पलड़ों में बराबर वजन होने पर ही तराजू संतुलित रहता है। इसी प्रकार, समीकरण के दोनों पक्ष हमेशा बराबर होते हैं।

एक चर वाले समीकरणों का हल

समीकरण को हल करने का अर्थ है चर का वह मान ज्ञात करना जो समीकरण को संतुष्ट करता है (यानी बायाँ पक्ष = दायाँ पक्ष)। इस मान को समीकरण का हल (Solution) या मूल (Root) कहते हैं।

समीकरणों को हल करने के लिए हम निम्नलिखित मूलभूत नियमों का उपयोग करते हैं:

  1. जोड़ का नियम: समीकरण के दोनों पक्षों में एक ही संख्या जोड़ने पर समीकरण के मान में कोई परिवर्तन नहीं होता।
  • यदि \(a = b\), तो \(a+c = b+c\)
  1. घटाव का नियम: समीकरण के दोनों पक्षों में एक ही संख्या घटाने पर समीकरण के मान में कोई परिवर्तन नहीं होता।
  • यदि \(a = b\), तो \(a-c = b-c\)
  1. गुणा का नियम: समीकरण के दोनों पक्षों में एक ही शून्येत्तर संख्या से गुणा करने पर समीकरण के मान में कोई परिवर्तन नहीं होता।
  • यदि \(a = b\), तो \(a \times c = b \times c\) (जहाँ \(c \neq 0\))
  1. भाग का नियम: समीकरण के दोनों पक्षों में एक ही शून्येत्तर संख्या से भाग देने पर समीकरण के मान में कोई परिवर्तन नहीं होता।
  • यदि \(a = b\), तो \(a/c = b/c\) (जहाँ \(c \neq 0\))

इन नियमों का उपयोग करके हम चर को एक पक्ष में अकेला करते हैं।

पक्षान्तरण विधि (Transposition Method)

यह समीकरणों को हल करने की एक सरल और तेज विधि है, जो उपरोक्त नियमों पर आधारित है।

  • जब किसी पद को समीकरण के एक पक्ष से दूसरे पक्ष में ले जाया जाता है, तो उसका चिन्ह बदल जाता है
  • जोड़ (+) वाला पद घटाव (-) में बदल जाता है।
  • घटाव (-) वाला पद जोड़ (+) में बदल जाता है।
  • गुणा (\(\times\)) वाला पद भाग (\(/\)) में बदल जाता है।
  • भाग (\(/\)) वाला पद गुणा (\(\times\)) में बदल जाता है।

उदाहरण: \(3x + 2 = 17\)

  1. \(2\) को दाएँ पक्ष में ले जाने पर: \(3x = 17 - 2\) (चिन्ह बदला \(+2\) से \(-2\))
  2. सरल करने पर: \(3x = 15\)
  3. \(3\) को दाएँ पक्ष में ले जाने पर: \(x = 15/3\) (गुणा से भाग में बदला)
  4. हल: \(x = 5\)

हल की जाँच (Verification of Solution):

  • समीकरण के हल को मूल समीकरण में प्रतिस्थापित करके जाँच की जाती है।
  • यदि बायाँ पक्ष = दायाँ पक्ष आता है, तो हल सही है।

उदाहरण: \(x=5\) के लिए \(3x+2=17\) की जाँच करें।

  • बायाँ पक्ष = \(3(5) + 2 = 15 + 2 = 17\)
  • दायाँ पक्ष = \(17\)
  • चूंकि बायाँ पक्ष = दायाँ पक्ष, अतः \(x=5\) सही हल है।
💡सुझाव

परीक्षा में समीकरण हल करते समय हल की जाँच करना न भूलें। यह आपके उत्तर की पुष्टि करता है और आपको पूरे अंक दिलाने में मदद करता है।

🚧ग़लत धारणा

पक्षान्तरण करते समय चिन्ह बदलना भूलना एक आम गलती है। हमेशा याद रखें: जोड़ \(\leftrightarrow\) घटाव, गुणा \(\leftrightarrow\) भाग।

दैनिक जीवन की समस्याओं को हल करने में समीकरण का उपयोग

गणित में समीकरणों का सबसे महत्वपूर्ण उपयोग वास्तविक जीवन की समस्याओं को हल करना है। इन समस्याओं को हल करने के चरण इस प्रकार हैं:

  1. समस्या को समझना: प्रश्न को ध्यान से पढ़ें और समझें कि क्या दिया गया है और क्या ज्ञात करना है।
  2. चर मानना: अज्ञात राशि को एक चर (जैसे \(x\)) के रूप में मानें।
  3. समीकरण बनाना: दी गई शर्तों के अनुसार चर और अचर का उपयोग करके एक बीजीय समीकरण बनाएं।
  4. समीकरण हल करना: पक्षान्तरण विधि या अन्य उपयुक्त विधि का उपयोग करके समीकरण को हल करें और चर का मान ज्ञात करें।
  5. उत्तर की जाँच: प्राप्त हल को मूल समस्या में रखकर देखें कि क्या वह सभी शर्तों को पूरा करता है।

उदाहरण: "किसी संख्या के 7 गुने में 3 जोड़ने से उसका मान 31 हो जाता है, संख्या ज्ञात कीजिए।"

  • चरण 1 (समझना): एक अज्ञात संख्या है। उसका 7 गुना, फिर उसमें 3 जोड़ना, परिणाम 31 है। संख्या ज्ञात करनी है।
  • चरण 2 (चर मानना): माना वह संख्या \(x\) है।
  • चरण 3 (समीकरण बनाना):
  • संख्या का 7 गुना = \(7x\)
  • 7 गुने में 3 जोड़ने पर = \(7x + 3\)
  • परिणाम 31 है, तो समीकरण: \(7x + 3 = 31\)
  • चरण 4 (समीकरण हल करना):
  • \(7x = 31 - 3\)
  • \(7x = 28\)
  • \(x = 28/7\)
  • \(x = 4\)
  • चरण 5 (उत्तर की जाँच): संख्या 4 है। 4 का 7 गुना = 28। 28 में 3 जोड़ने पर = 31। यह सही है।

विभिन्न प्रकार की समस्याएं:

  • संख्याओं पर आधारित समस्याएं (क्रमागत संख्याएँ, भिन्न)
  • आयु संबंधी समस्याएं
  • ज्यामितीय आकृतियों (आयत, त्रिभुज) के परिमाप/क्षेत्रफल संबंधी समस्याएं
  • अनुपात संबंधी समस्याएं
याद रखें

समस्याओं को हल करने में सबसे महत्वपूर्ण चरण सही समीकरण बनाना है। यदि समीकरण गलत बना, तो हल भी गलत होगा।

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