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त्रिभुजों की रचना
Chhattisgarh · Class 7 · 🧮 Maths · Chapter 7

त्रिभुजों की रचना

समांतर रेखाओं की रचनातीन भुजाओं से त्रिभुज की रचनादो भुजाओं और एक कोण से त्रिभुज की रचनाएक भुजा और दो कोणों से त्रिभुज की रचनात्रिभुज असमानता गुण

अध्याय 'त्रिभुजों की रचना' छात्रों को ज्यामितीय आकृतियों, विशेष रूप से त्रिभुजों और समांतर रेखाओं की रचना के सिद्धांतों से परिचित कराता है। छात्र विभिन्न मापों (जैसे तीन भुजाएँ, दो भुजाएँ और एक कोण, एक भुजा और दो कोण) के साथ त्रिभुज बनाना सीखते हैं। यह अध्याय सेट स्क्वायर और परकार का उपयोग करके रेखाखंडों, कोणों और समांतर रेखाओं की रचना के चरणों पर भी प्रकाश डालता है, जो ज्यामितीय कौशल के लिए एक मजबूत आधार प्रदान करता है।

समांतर रेखा की रचना

समांतर रेखाएँ और उनकी रचना का सिद्धांत
समांतर रेखाएँ और उनकी रचना का सिद्धांत

पिछली कक्षाओं में आपने विभिन्न ज्यामितीय रचनाएँ सीखी हैं, जैसे रेखाखंड पर लंब खींचना, रेखाखंड का समद्विभाजन करना, कोण बनाना और कोणों का समद्विभाजन करना। इस खंड में हम एक दी गई रेखा के समांतर, उस रेखा के बाहर स्थित किसी बिंदु से होकर जाने वाली रेखा की रचना करना सीखेंगे।

समांतर रेखाएँ क्या हैं?

  • परिभाषा: समांतर रेखाएँ वे रेखाएँ होती हैं जो एक ही तल में स्थित होती हैं और एक-दूसरे को कभी नहीं काटतीं, चाहे उन्हें कितना भी आगे बढ़ाया जाए।
  • विशेषता: इन रेखाओं के बीच की लंबवत दूरी हमेशा समान रहती है।
  • आधारभूत सिद्धांत: समांतर रेखाओं की रचना एकांतर अंतः कोणों या संगत कोणों के गुणों पर आधारित होती है।

रचना के चरण (एकांतर अंतः कोण विधि)

एक रेखा m के समांतर, m के बाहर स्थित बिंदु P से होकर जाने वाली रेखा n की रचना।

  1. रेखा और बिंदु: एक रेखा m खींचिए और इसके बाहर एक बिंदु P लीजिए।
  2. संयोजन रेखा: रेखा m पर एक बिंदु A लीजिए और A तथा P को मिलाइए। यह रेखाखंड AP एक तिर्यक रेखा का कार्य करेगा।
  3. पहला चाप: बिंदु A को केंद्र मानकर और कोई सुविधाजनक त्रिज्या लेकर, रेखा m को बिंदु X पर और रेखाखंड AP को बिंदु Y पर काटता हुआ एक चाप खींचिए।
  4. दूसरा चाप: अब, बिंदु P को केंद्र मानकर और चरण 3 वाली ही त्रिज्या लेकर, रेखाखंड AP को बिंदु R पर काटता हुआ एक चाप GH खींचिए।
  5. चाप की चौड़ाई मापना: परकार के नुकीले सिरे को X पर रखिए और इसे इस प्रकार फैलाइए कि पेंसिल की नोक Y पर रहे। यह दूरी XY है, जो कोण PAY के एकांतर अंतः कोण की माप है।
  6. तीसरा चाप: बिंदु R को केंद्र मानकर और परकार का फैलाव चरण 5 वाला ही रखते हुए एक चाप खींचिए, जो चाप GH को बिंदु S पर काटे।
  7. समांतर रेखा खींचना: अब S और P को मिलाकर एक रेखा n खींचिए। यह रेखा n अभीष्ट समांतर रेखा है जो रेखा m के समांतर है और बिंदु P से होकर जाती है।

यह रचना एकांतर अंतः कोणों के गुण पर आधारित है: यदि एकांतर अंतः कोण बराबर हों, तो रेखाएँ समांतर होती हैं।

[IMAGE: cg_c7_maths_ch07_t1_scene2]

महत्त्वपूर्ण

याद रखें: ज्यामितीय रचनाओं में हमेशा पेंसिल, परकार, रूलर और चाँदे का उपयोग करें। सटीकता बहुत महत्वपूर्ण है।

📖परिभाषा

तिर्यक रेखा (Transversal): वह रेखा जो दो या दो से अधिक रेखाओं को भिन्न-भिन्न बिंदुओं पर काटती है।

त्रिभुज रचना की शर्तें

त्रिभुज बनाने की चुनौतियाँ और आवश्यक शर्तें
त्रिभुज बनाने की चुनौतियाँ और आवश्यक शर्तें

एक त्रिभुज एक बंद आकृति है जिसमें तीन भुजाएँ और तीन शीर्ष होते हैं। त्रिभुज के तीनों आंतरिक कोणों का योग हमेशा 180° होता है। त्रिभुज की रचना के लिए कुछ विशिष्ट शर्तों का पालन करना आवश्यक है ताकि एक अद्वितीय त्रिभुज बन सके।

त्रिभुज असमिका (Triangle Inequality)

  • नियम: त्रिभुज की किन्हीं भी दो भुजाओं की लंबाइयों का योग हमेशा तीसरी भुजा की लंबाई से अधिक होना चाहिए।
  • उदाहरण: यदि भुजाएँ a, b, c हों, तो:
  • a + b > c
  • b + c > a
  • c + a > b
  • महत्व: यदि यह शर्त पूरी नहीं होती है, तो त्रिभुज की रचना संभव नहीं है।

त्रिभुज रचना के लिए आवश्यक न्यूनतम जानकारी

एक अद्वितीय त्रिभुज की रचना के लिए हमें कम से कम तीन स्वतंत्र माप की आवश्यकता होती है, जिनमें से कम से कम एक भुजा की लंबाई होनी चाहिए। ये माप निम्नलिखित कसौटियों के रूप में दिए जा सकते हैं:

  1. SSS (भुजा-भुजा-भुजा): जब त्रिभुज की तीनों भुजाओं की लंबाई दी गई हो।
  2. SAS (भुजा-कोण-भुजा): जब त्रिभुज की दो भुजाओं की लंबाई और उनके बीच का अंतर्विष्ट कोण दिया गया हो।
  3. ASA (कोण-भुजा-कोण): जब त्रिभुज के दो कोण और उनके बीच की अंतर्विष्ट भुजा की लंबाई दी गई हो।
  4. RHS (समकोण-कर्ण-भुजा): जब एक समकोण त्रिभुज में कर्ण और एक भुजा की लंबाई दी गई हो। (यह कक्षा 7 में विस्तृत रूप से नहीं है, लेकिन जानकारी के लिए महत्वपूर्ण है।)

त्रिभुज रचना में आने वाली चुनौतियाँ

  • केवल दो भुजाएँ: यदि केवल दो भुजाओं की लंबाई दी गई हो, तो अनंत त्रिभुज बन सकते हैं। तीसरी भुजा की लंबाई या उनके बीच का कोण आवश्यक है।
  • त्रिभुज असमिका का उल्लंघन: यदि दी गई भुजाएँ त्रिभुज असमिका का पालन नहीं करतीं, तो त्रिभुज की रचना असंभव है।
  • गैर-अंतर्विष्ट कोण: SAS कसौटी में कोण का दोनों दी गई भुजाओं के बीच होना आवश्यक है। यदि कोण बीच का नहीं है, तो एक से अधिक त्रिभुज बन सकते हैं या कोई त्रिभुज नहीं भी बन सकता है।

[IMAGE: cg_c7_maths_ch07_t2_scene2]

महत्त्वपूर्ण

त्रिभुज के तीनों कोणों का योग 180° होता है। यह गुण ASA कसौटी में बहुत उपयोगी होता है, खासकर जब दी गई भुजा अंतर्विष्ट न हो।

🚧ग़लत धारणा

छात्र अक्सर त्रिभुज असमिका की जाँच करना भूल जाते हैं, जिससे असंभव त्रिभुज बनाने का प्रयास करते हैं। हमेशा जाँचें a+b>c

SSS कसौटी से त्रिभुज की रचना

SSS कसौटी का परिचय
SSS कसौटी का परिचय
आधार भुजा खींचना
आधार भुजा खींचना
पहले चाप की रचना
पहले चाप की रचना
दूसरे चाप की रचना और प्रतिच्छेदन बिंदु
दूसरे चाप की रचना और प्रतिच्छेदन बिंदु
त्रिभुज को पूरा करना
त्रिभुज को पूरा करना

जब किसी त्रिभुज की तीनों भुजाओं की लंबाई दी गई हो, तो हम SSS (भुजा-भुजा-भुजा) कसौटी का उपयोग करके एक अद्वितीय त्रिभुज की रचना कर सकते हैं। यह कसौटी त्रिभुजों की सर्वांगसमता को भी सिद्ध करती है।

SSS कसौटी से त्रिभुज की रचना के चरण

मान लीजिए हमें एक त्रिभुज ABC की रचना करनी है जिसकी भुजाएँ AB = 3 सेमी, BC = 5 सेमी और AC = 4 सेमी हैं।

  1. कच्चा चित्र: सबसे पहले, प्रश्न को ध्यान में रखते हुए एक कच्चा चित्र (rough sketch) बनाइए। इस पर दी गई भुजाओं की लंबाई अंकित कीजिए। यह आपको रचना की योजना बनाने में मदद करेगा। [IMAGE: cg_c7_maths_ch07_t3_scene1]
  1. आधार भुजा खींचना: तीनों भुजाओं में से किसी एक को आधार मानकर रूलर की सहायता से उस लंबाई का एक रेखाखंड खींचिए। आमतौर पर सबसे लंबी भुजा को आधार लेना सुविधाजनक होता है।
  • उदाहरण के लिए, BC = 5 सेमी का एक रेखाखंड खींचिए। [IMAGE: cg_c7_maths_ch07_t3_scene2]
  1. पहला चाप: अब, परकार का उपयोग करके दूसरी भुजा की लंबाई मापिए। परकार की नोक को आधार रेखाखंड के एक सिरे पर रखिए और उस लंबाई का एक चाप खींचिए।
  • उदाहरण के लिए, परकार को AB = 3 सेमी खोलिए। परकार की नोक को बिंदु B पर रखिए और एक चाप खींचिए। [IMAGE: cg_c7_maths_ch07_t3_scene3]
  1. दूसरा चाप और प्रतिच्छेदन बिंदु: परकार का उपयोग करके तीसरी भुजा की लंबाई मापिए। परकार की नोक को आधार रेखाखंड के दूसरे सिरे पर रखिए और उस लंबाई का एक और चाप खींचिए। यह दूसरा चाप पहले चाप को एक बिंदु पर काटेगा। यह प्रतिच्छेदन बिंदु त्रिभुज का तीसरा शीर्ष होगा।
  • उदाहरण के लिए, परकार को AC = 4 सेमी खोलिए। परकार की नोक को बिंदु C पर रखिए और पहले वाले चाप को काटता हुआ एक और चाप खींचिए। इस प्रतिच्छेदन बिंदु को A नाम दीजिए। [IMAGE: cg_c7_maths_ch07_t3_scene4]
  1. त्रिभुज को पूरा करना: प्रतिच्छेदन बिंदु (A) को आधार रेखाखंड के दोनों सिरों (B और C) से रूलर की सहायता से मिलाइए। इस प्रकार, त्रिभुज ABC की रचना पूरी हो जाएगी। [IMAGE: cg_c7_maths_ch07_t3_scene5]

महत्वपूर्ण जाँच

  • रचना शुरू करने से पहले, हमेशा त्रिभुज असमिका की जाँच करें। उदाहरण के लिए, 3 + 4 > 5 (7 > 5), 3 + 5 > 4 (8 > 4), 4 + 5 > 3 (9 > 3)। सभी शर्तें पूरी होती हैं, इसलिए त्रिभुज बनाना संभव है।
💡सुझाव

रचना के प्रत्येक चरण को स्पष्ट रूप से लिखें और प्रत्येक चरण के लिए उपयोग किए गए उपकरणों का उल्लेख करें। यह बोर्ड परीक्षाओं में पूरे अंक प्राप्त करने में मदद करता है।

याद रखें

परकार का उपयोग करते समय, त्रिज्या को बदलने से बचें जब तक कि आवश्यक न हो, ताकि सटीकता बनी रहे।

SAS कसौटी से त्रिभुज की रचना

SAS कसौटी का परिचय
SAS कसौटी का परिचय
SAS कसौटी से त्रिभुज की रचना के चरण
SAS कसौटी से त्रिभुज की रचना के चरण

जब किसी त्रिभुज की दो भुजाओं की लंबाई और उनके बीच का अंतर्विष्ट कोण (included angle) दिया गया हो, तो हम SAS (भुजा-कोण-भुजा) कसौटी का उपयोग करके एक अद्वितीय त्रिभुज की रचना कर सकते हैं।

SAS कसौटी से त्रिभुज की रचना के चरण

मान लीजिए हमें एक त्रिभुज ABC की रचना करनी है जिसमें AB = 5 सेमी, BC = 6 सेमी और ∠B = 60°

  1. कच्चा चित्र: सबसे पहले, प्रश्न को ध्यान में रखते हुए एक कच्चा चित्र बनाइए और दी गई जानकारी को अंकित कीजिए। [IMAGE: cg_c7_maths_ch07_t4_scene2]
  1. आधार भुजा खींचना: दी गई दो भुजाओं में से किसी एक को आधार मानकर रूलर की सहायता से उस लंबाई का एक रेखाखंड खींचिए।
  • उदाहरण के लिए, BC = 6 सेमी का एक रेखाखंड खींचिए।
  1. कोण बनाना: आधार रेखाखंड के उस सिरे पर, जहाँ दिया गया कोण बनता है, चाँदे या परकार की सहायता से दिए गए कोण का निर्माण कीजिए।
  • उदाहरण के लिए, बिंदु B पर ∠DBC = 60° का कोण बनाइए। किरण BD खींचिए।
  1. दूसरी भुजा का चाप: परकार का उपयोग करके दूसरी दी गई भुजा की लंबाई मापिए। परकार की नोक को कोण बनाने वाले शीर्ष पर रखिए और कोण बनाने वाली किरण पर उस लंबाई का एक चाप लगाइए। यह चाप का प्रतिच्छेदन बिंदु त्रिभुज का तीसरा शीर्ष होगा।
  • उदाहरण के लिए, परकार को AB = 5 सेमी खोलिए। परकार की नोक को बिंदु B पर रखिए और किरण BD पर एक चाप लगाइए। इस प्रतिच्छेदन बिंदु को A नाम दीजिए।
  1. त्रिभुज को पूरा करना: तीसरे शीर्ष (A) को आधार रेखाखंड के दूसरे सिरे (C) से रूलर की सहायता से मिलाइए। इस प्रकार, त्रिभुज ABC की रचना पूरी हो जाएगी।

महत्वपूर्ण बिंदु

  • कोण का अंतर्विष्ट होना (included angle) बहुत महत्वपूर्ण है। यदि कोण दोनों दी गई भुजाओं के बीच में नहीं है, तो यह SAS कसौटी नहीं है और रचना अद्वितीय नहीं हो सकती।
  • यदि दी गई भुजाएँ AB और AC हों और कोण ∠B दिया हो, तो यह SAS नहीं है। इस स्थिति में, रचना अधिक जटिल हो सकती है और एक से अधिक त्रिभुज बन सकते हैं (अस्पष्ट स्थिति)।

[IMAGE: cg_c7_maths_ch07_t4_scene3]

🚧ग़लत धारणा

छात्र अक्सर अंतर्विष्ट कोण के बजाय किसी अन्य कोण का उपयोग कर देते हैं। हमेशा सुनिश्चित करें कि दिया गया कोण दोनों भुजाओं के बीच में हो।

💡सुझाव

कोण बनाने के लिए परकार का उपयोग करना अधिक सटीक होता है, खासकर 60°, 90°, 120° जैसे विशिष्ट कोणों के लिए। अन्य कोणों के लिए चाँदे का उपयोग किया जा सकता है।

ASA कसौटी से त्रिभुज की रचना

ASA कसौटी क्या है?
ASA कसौटी क्या है?
रचना का पहला चरण: भुजा खींचना
रचना का पहला चरण: भुजा खींचना
रचना का दूसरा चरण: पहला कोण बनाना
रचना का दूसरा चरण: पहला कोण बनाना
रचना का तीसरा चरण: दूसरा कोण बनाना
रचना का तीसरा चरण: दूसरा कोण बनाना
रचना का अंतिम चरण: त्रिभुज को पूरा करना
रचना का अंतिम चरण: त्रिभुज को पूरा करना

जब किसी त्रिभुज के दो कोण और उनके बीच की अंतर्विष्ट भुजा (included side) की लंबाई दी गई हो, तो हम ASA (कोण-भुजा-कोण) कसौटी का उपयोग करके एक अद्वितीय त्रिभुज की रचना कर सकते हैं।

ASA कसौटी से त्रिभुज की रचना के चरण

मान लीजिए हमें एक त्रिभुज ABC की रचना करनी है जिसमें BC = 6.5 सेमी, ∠B = 60° और ∠C = 45°

  1. कच्चा चित्र: सबसे पहले, प्रश्न को ध्यान में रखते हुए एक कच्चा चित्र बनाइए और दी गई जानकारी को अंकित कीजिए। [IMAGE: cg_c7_maths_ch07_t5_scene1]
  1. आधार भुजा खींचना: दी गई अंतर्विष्ट भुजा की लंबाई के बराबर एक रेखाखंड खींचिए।
  • उदाहरण के लिए, रूलर की सहायता से BC = 6.5 सेमी का एक रेखाखंड खींचिए। [IMAGE: cg_c7_maths_ch07_t5_scene2]
  1. पहला कोण बनाना: आधार रेखाखंड के एक सिरे पर चाँदे या परकार की सहायता से दिए गए पहले कोण का निर्माण कीजिए।
  • उदाहरण के लिए, बिंदु B पर ∠CBD = 60° का कोण बनाइए। किरण BD खींचिए। [IMAGE: cg_c7_maths_ch07_t5_scene3]
  1. दूसरा कोण बनाना: आधार रेखाखंड के दूसरे सिरे पर चाँदे या परकार की सहायता से दिए गए दूसरे कोण का निर्माण कीजिए।
  • उदाहरण के लिए, बिंदु C पर ∠BCE = 45° का कोण बनाइए। किरण CE खींचिए। [IMAGE: cg_c7_maths_ch07_t5_scene4]
  1. त्रिभुज को पूरा करना: दोनों किरणें (BD और CE) जिस बिंदु पर एक-दूसरे को काटती हैं, वही बिंदु त्रिभुज का तीसरा शीर्ष (A) होगा। इस प्रकार, त्रिभुज ABC की रचना पूरी हो जाएगी। [IMAGE: cg_c7_maths_ch07_t5_scene5]

जब भुजा अंतर्विष्ट न हो

कभी-कभी प्रश्न में दो कोण और एक भुजा दी जाती है, लेकिन वह भुजा कोणों के बीच की नहीं होती। ऐसी स्थिति में, हम त्रिभुज के कोण योग गुण का उपयोग करके तीसरे कोण का मान ज्ञात कर सकते हैं, जिससे हमें अंतर्विष्ट भुजा और दो अंतर्विष्ट कोण मिल जाते हैं।

  • उदाहरण: यदि BC = 6.5 सेमी, ∠C = 60° और ∠A = 75° दिया हो।
  • हमें ∠B का मान चाहिए।
  • त्रिभुज के कोण योग गुण से: ∠A + ∠B + ∠C = 180°
  • 75° + ∠B + 60° = 180°
  • 135° + ∠B = 180°
  • ∠B = 180° - 135° = 45°
  • अब हमारे पास BC = 6.5 सेमी (अंतर्विष्ट भुजा), ∠B = 45° और ∠C = 60° है। अब हम उपरोक्त चरणों का पालन करके त्रिभुज की रचना कर सकते हैं।
महत्त्वपूर्ण

कोण योग गुण (Angle Sum Property): त्रिभुज के तीनों आंतरिक कोणों का योग हमेशा 180° होता है। यह गुण तब बहुत उपयोगी होता है जब दी गई भुजा अंतर्विष्ट न हो।

याद रखें

रचना करते समय, किरणें पर्याप्त लंबी खींचें ताकि वे एक-दूसरे को काट सकें। यदि किरणें छोटी होंगी, तो प्रतिच्छेदन बिंदु नहीं मिलेगा।

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