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परिमेय संख्याओं का दशमलव निरूपण एवं संक्रियाएँ
Chhattisgarh · Class 7 · 🧮 Maths · Chapter 11

परिमेय संख्याओं का दशमलव निरूपण एवं संक्रियाएँ

सांत और असांत दशमलवदशमलव से परिमेय संख्यादशमलव संख्याओं का गुणादशमलव संख्याओं का भागऋणात्मक परिमेय संख्याओं का दशमलव निरूपण

यह अध्याय छात्रों को परिमेय संख्याओं को दशमलव रूप में व्यक्त करना सिखाता है, जिसमें सांत और असांत दशमलव की अवधारणाएँ शामिल हैं। यह दशमलव संख्याओं को परिमेय संख्याओं में बदलने की प्रक्रिया भी बताता है। इसके अतिरिक्त, अध्याय में दशमलव संख्याओं के गुणा और भाग जैसी संक्रियाओं का विस्तृत वर्णन किया गया है, जो छात्रों को वास्तविक जीवन की समस्याओं को हल करने में मदद करेगा।

परिमेय संख्याओं का दशमलव निरूपण

परिमेय संख्याएँ क्या हैं?
परिमेय संख्याएँ क्या हैं?
भाग क्रिया द्वारा दशमलव निरूपण
भाग क्रिया द्वारा दशमलव निरूपण
उदाहरण: 2/5 का दशमलव निरूपण
उदाहरण: 2/5 का दशमलव निरूपण
उदाहरण: 13/4 का दशमलव निरूपण
उदाहरण: 13/4 का दशमलव निरूपण

परिमेय संख्याएँ वे संख्याएँ होती हैं जिन्हें \(p/q\) के रूप में व्यक्त किया जा सकता है, जहाँ \(p\) और \(q\) पूर्णांक होते हैं और \(q \neq 0\) होता है।

  • दशमलव निरूपण की विधि: किसी भी परिमेय संख्या \(p/q\) को दशमलव रूप में बदलने के लिए, अंश (\(p\)) को हर (\(q\)) से भाग दिया जाता है।
  • भागफल: यह भागफल ही उस परिमेय संख्या का दशमलव निरूपण होता है।
  • उदाहरण:
  • \(2/5\) का दशमलव निरूपण: \(2 \div 5 = 0.4\)
  • \(13/4\) का दशमलव निरूपण: \(13 \div 4 = 3.25\)
  • \(20/3\) का दशमलव निरूपण: \(20 \div 3 = 6.666...\)

महत्वपूर्ण बिंदु:

  • दशमलव निरूपण एक संख्या को समझने और तुलना करने का एक आसान तरीका प्रदान करता है।
  • यह दर्शाता है कि संख्या एक पूर्ण इकाई के कितने भाग को दर्शाती है।
याद रखें

किसी भी परिमेय संख्या को दशमलव रूप में बदलने के लिए अंश को हर से भाग दिया जाता है।

सांत और असांत दशमलव

सांत दशमलव क्या होते हैं?
सांत दशमलव क्या होते हैं?
असांत दशमलव क्या होते हैं?
असांत दशमलव क्या होते हैं?

परिमेय संख्याओं के दशमलव निरूपण को दो मुख्य प्रकारों में वर्गीकृत किया जा सकता है:

  1. सांत दशमलव (Terminating Decimals):
  • जब किसी परिमेय संख्या को दशमलव रूप में बदला जाता है और भाग की प्रक्रिया कुछ निश्चित चरणों के बाद समाप्त हो जाती है, यानी शेषफल शून्य हो जाता है, तो उसे सांत दशमलव कहते हैं।
  • उदाहरण:
  • \(3/8 = 0.375\)
  • \(15/4 = 3.75\)
  • \(1/2 = 0.5\)
  1. असांत दशमलव (Non-Terminating Decimals):
  • जब किसी परिमेय संख्या को दशमलव रूप में बदला जाता है और भाग की प्रक्रिया कभी समाप्त नहीं होती, यानी शेषफल कभी शून्य नहीं आता, तो उसे असांत दशमलव कहते हैं।
  • असांत दशमलव में भागफल में अंकों का एक निश्चित पैटर्न या समूह बार-बार दोहराता रहता है। इन्हें असांत आवर्ती दशमलव भी कहते हैं।
  • उदाहरण:
  • \(1/6 = 0.1666...\)
  • \(1/7 = 0.14285714...\)
  • \(2/9 = 0.222...\)
  • \(2/11 = 0.1818...\)

पहचान का सारांश:

  • सांत: भागफल रुक जाता है, शेषफल \(0\) आता है।
  • असांत: भागफल नहीं रुकता, अंकों का पैटर्न दोहराता है।
महत्त्वपूर्ण

सांत दशमलव में भागफल सीमित होता है, जबकि असांत आवर्ती दशमलव में अंकों का एक समूह बार-बार दोहराता है।

असांत आवर्ती दशमलव और उनका निरूपण

असांत आवर्ती दशमलव क्या हैं?
असांत आवर्ती दशमलव क्या हैं?
असांत आवर्ती दशमलव को कैसे दर्शाएँ?
असांत आवर्ती दशमलव को कैसे दर्शाएँ?

असांत आवर्ती दशमलव वे दशमलव संख्याएँ होती हैं जिनमें दशमलव बिंदु के बाद अंकों का एक निश्चित समूह या एक अंक अनंत बार दोहराया जाता है। भाग की प्रक्रिया कभी समाप्त नहीं होती, लेकिन एक पैटर्न में अंकों की पुनरावृत्ति होती रहती है।

  • निरूपण का तरीका: असांत आवर्ती दशमलव संख्याओं को संक्षिप्त रूप में दर्शाने के लिए, दशमलव के बाद जो अंक या अंकों का समूह दोहराया जाता है, उसके ऊपर एक क्षैतिज रेखा (बार) लगा दी जाती है।
  • एक अंक की पुनरावृत्ति: यदि एक अंक दोहराया जाता है, तो उस अंक के ऊपर बार लगाते हैं।
  • जैसे: \(0.333... = 0.\bar{3}\)
  • जैसे: \(0.1666... = 0.1\bar{6}\) (केवल 6 दोहराया जा रहा है)
  • अंकों के समूह की पुनरावृत्ति: यदि एक से अधिक अंक दोहराए जाते हैं, तो उन सभी अंकों के ऊपर बार लगाया जाता है।
  • जैसे: \(0.14285714... = 0.\overline{142857}\)
  • जैसे: \(0.1818... = 0.\overline{18}\)
  • उदाहरण:
  • \(1/6 = 0.1666... = 0.1\bar{6}\)
  • \(1/7 = 0.14285714... = 0.\overline{142857}\)
  • \(2/9 = 0.222... = 0.\bar{2}\)
  • \(2/11 = 0.1818... = 0.\overline{18}\)

यह बार का चिन्ह दर्शाता है कि रेखा के नीचे के अंक अनंत बार दोहराए जा रहे हैं और यह एक संक्षिप्त तरीका है।

याद रखें

असांत आवर्ती दशमलव को दर्शाने के लिए दोहराए जाने वाले अंकों के ऊपर 'बार' (—) का चिन्ह लगाया जाता है।

सांत और असांत दशमलव की पहचान (हर के अभाज्य गुणनखंड से)

दशमलव निरूपण के प्रकार
दशमलव निरूपण के प्रकार
सांत दशमलव की पहचान
सांत दशमलव की पहचान
असांत आवर्ती दशमलव की पहचान
असांत आवर्ती दशमलव की पहचान
हर के अभाज्य गुणनखंड और दशमलव का प्रकार
हर के अभाज्य गुणनखंड और दशमलव का प्रकार

किसी परिमेय संख्या का दशमलव निरूपण सांत होगा या असांत आवर्ती, यह उसके हर के अभाज्य गुणनखंडों पर निर्भर करता है।

  • पहचान का नियम:
  1. परिमेय संख्या को सरलतम रूप में लाएँ: सबसे पहले दी गई परिमेय संख्या \(p/q\) को उसके सरलतम रूप में व्यक्त करें, ताकि अंश और हर में कोई उभयनिष्ठ गुणनखंड न हो।
  2. हर के अभाज्य गुणनखंड करें: अब हर (\(q\)) के अभाज्य गुणनखंड ज्ञात करें।
  • सांत दशमलव की पहचान:
  • यदि किसी भिन्न के हर (सरलतम रूप में) के अभाज्य गुणनखंड केवल 2 या 5 या दोनों के रूप में हों, तो उसका दशमलव निरूपण सांत होता है।
  • उदाहरण:
  • \(5/2\): हर \(2\) है, जो \(2^1\) के रूप में है। अतः सांत।
  • \(24/25\): हर \(25 = 5^2\) है, जो \(5^n\) के रूप में है। अतः सांत।
  • \(3/10\): हर \(10 = 2 \times 5\) है, जो \(2^m \times 5^n\) के रूप में है। अतः सांत।
  • \(4/125\): हर \(125 = 5 \times 5 \times 5 = 5^3\) है। अतः सांत।
  • \(11/8\): हर \(8 = 2 \times 2 \times 2 = 2^3\) है। अतः सांत।
  • \(13/100\): हर \(100 = 2^2 \times 5^2\) है। अतः सांत।
  • असांत आवर्ती दशमलव की पहचान:
  • यदि किसी भिन्न के हर (सरलतम रूप में) के अभाज्य गुणनखंड में 2 या 5 के अतिरिक्त कोई अन्य अभाज्य संख्या भी शामिल हो, तो उसका दशमलव निरूपण असांत आवर्ती होता है।
  • उदाहरण:
  • \(1/6\): हर \(6 = 2 \times 3\) है। इसमें \(3\) भी है। अतः असांत आवर्ती।
  • \(1/7\): हर \(7\) है। इसमें \(7\) भी है। अतः असांत आवर्ती।
  • \(2/9\): हर \(9 = 3^2\) है। इसमें \(3\) भी है। अतः असांत आवर्ती।
  • \(5/18\): हर \(18 = 2 \times 3 \times 3 = 2 \times 3^2\) है। इसमें \(3\) भी है। अतः असांत आवर्ती।

निष्कर्ष: हर के अभाज्य गुणनखंडों को देखकर ही हम बता सकते हैं कि दशमलव निरूपण सांत होगा या असांत आवर्ती, बिना भाग किए।

💡सुझाव

परीक्षा में अक्सर बिना भाग किए सांत या असांत दशमलव की पहचान करने वाले प्रश्न पूछे जाते हैं। हर के अभाज्य गुणनखंड विधि का उपयोग करें।

ऋणात्मक परिमेय संख्याओं का दशमलव निरूपण

ऋणात्मक परिमेय संख्याओं का दशमलव निरूपण
ऋणात्मक परिमेय संख्याओं का दशमलव निरूपण
ऋण चिन्ह लगाना
ऋण चिन्ह लगाना

ऋणात्मक परिमेय संख्याओं को दशमलव रूप में व्यक्त करना धनात्मक परिमेय संख्याओं के समान ही होता है, बस अंत में ऋण चिन्ह लगाया जाता है।

  • चरण 1: ऋण चिन्ह को अनदेखा करें। सबसे पहले, संख्या के ऋणात्मक चिन्ह को अनदेखा करते हुए, उस परिमेय संख्या का दशमलव निरूपण ज्ञात करें। यह प्रक्रिया वैसी ही है जैसे हम किसी धनात्मक परिमेय संख्या को दशमलव में बदलते हैं।
  • उदाहरण के लिए, यदि \(-23/3\) का दशमलव निरूपण करना है, तो पहले \(23/3\) का दशमलव निरूपण करें।
  • चरण 2: ऋण चिन्ह लगाएँ। जब आप बिना ऋण चिन्ह वाली परिमेय संख्या का दशमलव रूप प्राप्त कर लेते हैं, तो अंतिम चरण में उस दशमलव संख्या के ठीक सामने ऋण का चिन्ह (\(-\)) लगा दें।
  • \(23/3 = 7.666... = 7.\bar{6}\)
  • अतः, \(-23/3 = -7.666... = -7.\bar{6}\)

सारांश:

  1. संख्या के धनात्मक रूप का दशमलव निरूपण करें।
  2. प्राप्त दशमलव संख्या के सामने ऋण चिन्ह लगा दें।
🚧ग़लत धारणा

ऋणात्मक संख्याओं का दशमलव निरूपण करते समय ऋण चिन्ह लगाना न भूलें। प्रक्रिया धनात्मक संख्या के समान ही है, बस अंत में ऋण चिन्ह जोड़ना होता है।

सांत दशमलव संख्याओं को परिमेय संख्या में बदलना

दशमलव और परिमेय संख्या का परिचय
दशमलव और परिमेय संख्या का परिचय
सांत दशमलव को परिमेय संख्या में बदलने का नियम
सांत दशमलव को परिमेय संख्या में बदलने का नियम
उदाहरणों से समझें प्रक्रिया
उदाहरणों से समझें प्रक्रिया

सांत दशमलव संख्याओं को \(p/q\) के रूप में परिमेय संख्या में बदलना एक सीधी प्रक्रिया है।

  • नियम और चरण:
  1. दशमलव बिंदु हटाएँ: दशमलव बिंदु को हटाकर पूरी संख्या को अंश के रूप में लिखें।
  2. हर निर्धारित करें: हर में \(1\) के बाद उतने शून्य लगाएँ जितने दशमलव बिंदु के बाद अंक होते हैं।
  • यदि दशमलव के बाद एक अंक है, तो हर में \(10\) आएगा।
  • यदि दशमलव के बाद दो अंक हैं, तो हर में \(100\) आएगा।
  • यदि दशमलव के बाद तीन अंक हैं, तो हर में \(1000\) आएगा।
  1. सरलतम रूप में बदलें: अंत में, यदि संभव हो तो प्राप्त भिन्न को उसके सरलतम रूप में बदलें (अंश और हर को उनके सबसे बड़े उभयनिष्ठ गुणनखंड से भाग देकर)।
  • उदाहरण:
  • 0.25 को परिमेय संख्या में बदलना:
  1. दशमलव हटाकर संख्या: \(25\)
  2. दशमलव के बाद \(2\) अंक हैं, तो हर \(100\)
  3. भिन्न: \(25/100\)
  4. सरलतम रूप: \(25 \div 25 = 1\), \(100 \div 25 = 4\). अतः \(1/4\)
  • 2.6 को परिमेय संख्या में बदलना:
  1. दशमलव हटाकर संख्या: \(26\)
  2. दशमलव के बाद \(1\) अंक है, तो हर \(10\)
  3. भिन्न: \(26/10\)
  4. सरलतम रूप: \(26 \div 2 = 13\), \(10 \div 2 = 5\). अतः \(13/5\)
  • 0.317 को परिमेय संख्या में बदलना:
  1. दशमलव हटाकर संख्या: \(317\)
  2. दशमलव के बाद \(3\) अंक हैं, तो हर \(1000\)
  3. भिन्न: \(317/1000\) (यह पहले से ही सरलतम रूप में है)

असांत आवर्ती दशमलव को परिमेय संख्या में बदलना: यह प्रक्रिया थोड़ी जटिल है और इसमें समीकरणों का उपयोग होता है।

  • चरण:
  1. दी गई दशमलव संख्या को \(x\) मानें।
  2. दशमलव के बाद पुनरावृत्ति वाले अंकों को गिनें।
  3. \(x\) को \(10^n\) से गुणा करें, जहाँ \(n\) पुनरावृत्ति वाले अंकों की संख्या है।
  4. यदि पुनरावृत्ति से पहले कोई अंक है, तो उसे दशमलव के बाईं ओर लाने के लिए \(x\) को \(10^m\) से गुणा करें।
  5. दो समीकरणों को घटाकर \(x\) का मान ज्ञात करें।
  • उदाहरण: \(0.\bar{4}\) को परिमेय संख्या में बदलना:
  1. माना \(x = 0.444...\) (समीकरण 1)
  2. एक अंक (4) दोहराया जा रहा है, इसलिए \(10\) से गुणा करें।
  3. \(10x = 4.444...\) (समीकरण 2)
  4. समीकरण 2 में से समीकरण 1 को घटाने पर:

\(10x - x = 4.444... - 0.444...\) \(9x = 4\) \(x = 4/9\)

  • उदाहरण: \(0.\overline{15}\) को परिमेय संख्या में बदलना:
  1. माना \(x = 0.151515...\) (समीकरण 1)
  2. दो अंक (15) दोहराए जा रहे हैं, इसलिए \(100\) से गुणा करें।
  3. \(100x = 15.151515...\) (समीकरण 2)
  4. समीकरण 2 में से समीकरण 1 को घटाने पर:

\(100x - x = 15.151515... - 0.151515...\) \(99x = 15\) \(x = 15/99 = 5/33\)

  • उदाहरण: \(3.2\bar{16}\) को परिमेय संख्या में बदलना:
  1. माना \(x = 3.2161616...\) (समीकरण 1)
  2. दशमलव के बाद बिना पुनरावृत्ति वाला अंक \(2\) है। इसे दशमलव के बाईं ओर लाने के लिए \(10\) से गुणा करें:

\(10x = 32.161616...\) (समीकरण 2)

  1. अब पुनरावृत्ति वाले अंक \(16\) हैं (दो अंक)। इसलिए समीकरण 2 को \(100\) से गुणा करें:

\(1000x = 3216.161616...\) (समीकरण 3)

  1. समीकरण 3 में से समीकरण 2 को घटाने पर:

\(1000x - 10x = 3216.161616... - 32.161616...\) \(990x = 3184\) \(x = 3184/990 = 1592/495\)

महत्त्वपूर्ण

सांत दशमलव को परिमेय संख्या में बदलने के लिए दशमलव के बाद के अंकों की संख्या के आधार पर \(10, 100, 1000\) आदि से गुणा/भाग करते हैं। असांत आवर्ती दशमलव के लिए समीकरण विधि का उपयोग किया जाता है।

दशमलव संख्याओं का गुणा

दशमलव गुणा की मूल अवधारणा
दशमलव गुणा की मूल अवधारणा
दशमलव बिंदु की स्थिति
दशमलव बिंदु की स्थिति

दशमलव संख्याओं का गुणा करने के लिए, हम उन्हें पहले पूर्णांकों की तरह गुणा करते हैं और फिर दशमलव बिंदु की सही स्थिति निर्धारित करते हैं।

  • चरण-दर-चरण विधि:
  1. दशमलव बिंदु हटाएँ: गुणा की जाने वाली संख्याओं से दशमलव बिंदु हटा दें और उन्हें सामान्य पूर्णांकों की तरह मानें।
  2. पूर्णांकों का गुणा करें: इन पूर्णांकों का गुणा करें।
  3. दशमलव स्थानों की गणना करें: गुणा की जाने वाली दोनों संख्याओं में दशमलव बिंदु के बाद के अंकों की कुल संख्या गिनें।
  4. दशमलव बिंदु लगाएँ: गुणनफल में, दशमलव बिंदु को दाहिनी ओर से गिनकर उतनी ही संख्या में अंकों के बाद लगाएँ।
  5. शून्य जोड़ें (यदि आवश्यक हो): यदि गुणनफल में अंकों की संख्या कम हो, तो बाईं ओर शून्य जोड़कर अंकों की संख्या पूरी करें।
  • उदाहरण:
  • \(0.2 \times 0.3\) का मान ज्ञात करें:
  1. दशमलव हटाएँ: \(2\) और \(3\)
  2. गुणा करें: \(2 \times 3 = 6\)
  3. दशमलव स्थान: \(0.2\) में एक, \(0.3\) में एक। कुल \(1+1=2\) दशमलव स्थान।
  4. दशमलव लगाएँ: \(0.06\) (6 के बाईं ओर एक शून्य जोड़कर दो स्थान पूरे किए)
  • \(0.31 \times 0.04\) का मान ज्ञात करें:
  1. दशमलव हटाएँ: \(31\) और \(4\)
  2. गुणा करें: \(31 \times 4 = 124\)
  3. दशमलव स्थान: \(0.31\) में दो, \(0.04\) में दो। कुल \(2+2=4\) दशमलव स्थान।
  4. दशमलव लगाएँ: \(0.0124\) (124 के बाईं ओर एक शून्य जोड़कर चार स्थान पूरे किए)
  • \(0.015 \times 0.3 \times 0.02\) का मान ज्ञात करें:
  1. दशमलव हटाएँ: \(15, 3, 2\)
  2. गुणा करें: \(15 \times 3 \times 2 = 90\)
  3. दशमलव स्थान: \(0.015\) में तीन, \(0.3\) में एक, \(0.02\) में दो। कुल \(3+1+2=6\) दशमलव स्थान।
  4. दशमलव लगाएँ: \(0.000090\) या \(0.00009\) (90 के बाईं ओर चार शून्य जोड़कर छह स्थान पूरे किए)

वैकल्पिक विधि (भिन्न में बदलकर):

  • दशमलव संख्याओं को पहले भिन्न में बदलें, गुणा करें, और फिर परिणामी भिन्न को वापस दशमलव में बदलें।
  • \(0.2 \times 0.3 = (2/10) \times (3/10) = 6/100 = 0.06\)
  • यह विधि अवधारणा को समझने में मदद करती है, लेकिन सीधे गुणा करना अधिक कुशल है।
💡सुझाव

दशमलव गुणा में सबसे महत्वपूर्ण चरण दशमलव बिंदु की सही स्थिति निर्धारित करना है। दोनों संख्याओं के दशमलव स्थानों को जोड़ना न भूलें।

दशमलव संख्याओं का भाग

दशमलव संख्याओं का विभाजन
दशमलव संख्याओं का विभाजन
गुणन और भाग का संबंध
गुणन और भाग का संबंध
भागफल में दशमलव का स्थान
भागफल में दशमलव का स्थान

दशमलव संख्याओं का भाग भी पूर्णांकों के विभाजन के समान ही होता है, लेकिन इसमें दशमलव बिंदु को सही जगह पर लगाना महत्वपूर्ण है।

  • नियम और चरण (जब भाजक दशमलव संख्या हो):
  1. भाजक को पूर्णांक बनाएँ: भाजक (जिससे भाग दिया जा रहा है) को एक पूर्ण संख्या में बदलने के लिए उसे \(10, 100, 1000\) आदि की घात से गुणा करें। यह गुणा भाजक में दशमलव बिंदु को दाहिनी ओर ले जाकर किया जाता है।
  2. भाज्य को भी गुणा करें: भाज्य (जिसमें भाग दिया जा रहा है) को भी उसी \(10\) की घात से गुणा करें जिससे भाजक को गुणा किया गया था।
  3. सामान्य भाग करें: अब संशोधित भाज्य को संशोधित भाजक से सामान्य तरीके से भाग दें।
  4. दशमलव बिंदु लगाएँ: भागफल में दशमलव बिंदु को उसी स्थान पर लगाएँ जहाँ वह संशोधित भाज्य में था।
  • उदाहरण: \(3.15 \div 0.02\) हल करें:
  1. भाजक \(0.02\) को पूर्णांक बनाने के लिए \(100\) से गुणा करें: \(0.02 \times 100 = 2\)
  2. भाज्य \(3.15\) को भी \(100\) से गुणा करें: \(3.15 \times 100 = 315\)
  3. अब \(315 \div 2\) करें:

\(315 \div 2 = 157.5\)

  1. अतः, \(3.15 \div 0.02 = 157.5\)
  • उदाहरण: \(0.3942 \div 1.8\) का मान ज्ञात करें:
  1. भाजक \(1.8\) को पूर्णांक बनाने के लिए \(10\) से गुणा करें: \(1.8 \times 10 = 18\)
  2. भाज्य \(0.3942\) को भी \(10\) से गुणा करें: \(0.3942 \times 10 = 3.942\)
  3. अब \(3.942 \div 18\) करें:

` 0.219 _______ 18)3.942 -0 ___ 39 -36 ___ 34 -18 ___ 162 -162 ____ 0 `

  1. अतः, \(0.3942 \div 1.8 = 0.219\)
  • जब भाजक पूर्णांक हो:
  • यदि भाजक पहले से ही एक पूर्णांक है, तो सीधे भाग करें और भागफल में दशमलव बिंदु को भाज्य के दशमलव बिंदु के ठीक ऊपर लगाएँ।
  • उदाहरण: \(25.2025 \div 25\) का मान ज्ञात करें:

` 1.0081 _______ 25)25.2025 -25 ___ 02

  • 0

___ 20

  • 0

___ 202 -200 ____ 25 -25 ____ 0 ` अतः, \(25.2025 \div 25 = 1.0081\)

गुणा और भाग का संबंध:

  • गुणा और भाग एक दूसरे की व्युत्क्रम संक्रियाएँ (inverse operations) हैं।
  • यदि \(x \times y = P\), तो \(P \div y = x\) और \(P \div x = y\)।
  • यह सिद्धांत दशमलव संख्याओं के भाग को समझने में भी मदद करता है।
याद रखें

दशमलव भाग में, भाजक को पूर्णांक बनाना पहला और सबसे महत्वपूर्ण कदम है। भाजक और भाज्य दोनों को समान \(10\) की घात से गुणा करना सुनिश्चित करें।

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