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चतुर्भुज
Chhattisgarh · Class 7 · 🧮 Maths · Chapter 13

चतुर्भुज

चतुर्भुज की परिभाषाचतुर्भुज के अंग (शीर्ष, भुजाएँ, कोण, विकर्ण)संलग्न और सम्मुख भुजाएँ व कोणचतुर्भुज के अंतःकोणों का योगसमांतर चतुर्भुज और उसके प्रकारआयत, वर्ग, समचतुर्भुज

यह अध्याय छात्रों को चतुर्भुज की मूल अवधारणाओं से परिचित कराता है। इसमें चतुर्भुज की परिभाषा, उसके शीर्ष, भुजाएँ, कोण, विकर्ण, अंतःभाग और बाह्यभाग जैसे महत्वपूर्ण अंग शामिल हैं। अध्याय में संलग्न और सम्मुख भुजाओं व कोणों की पहचान करना सिखाया गया है। इसके अतिरिक्त, चतुर्भुज के चारों अंतःकोणों का योग 360° होता है, इस महत्वपूर्ण गुण को समझाया गया है। विभिन्न प्रकार के चतुर्भुजों जैसे समांतर चतुर्भुज, आयत, समचतुर्भुज, वर्ग और समलंब चतुर्भुज की विशेषताओं का भी विस्तृत वर्णन किया गया है। यह अध्याय ज्यामिति की नींव बनाने में महत्वपूर्ण है।

चतुर्भुज की पहचान और परिभाषा

हमारे दैनिक जीवन में चतुर्भुज के उदाहरण।
हमारे दैनिक जीवन में चतुर्भुज के उदाहरण।
बंद और खुली आकृतियों में अंतर।
बंद और खुली आकृतियों में अंतर।

चतुर्भुज एक मूलभूत ज्यामितीय आकृति है।

  • परिभाषा: चार भुजाओं से घिरी हुई एक बंद आकृति, जिसके आंतरिक भाग में चार कोण बनते हैं, चतुर्भुज कहलाती है।
  • मुख्य विशेषताएँ:
  • चार भुजाएँ होती हैं।
  • चार शीर्ष होते हैं।
  • चार आंतरिक कोण होते हैं।
  • यह एक बंद आकृति होनी चाहिए। यदि आकृति खुली है, तो वह चतुर्भुज नहीं है।
  • उदाहरण: पतंग, फुटबॉल का मैदान, कबड्डी का मैदान, किताब का पन्ना, खिड़की, दरवाजा, मेज का ऊपरी भाग।

महत्वपूर्ण बिंदु:

  • केवल चार भुजाएँ होने से कोई आकृति चतुर्भुज नहीं बन जाती। आकृति का बंद होना अनिवार्य है।
  • चतुर्भुज एक समतल आकृति होती है।
📖परिभाषा

चतुर्भुज: चार रेखाखंडों से बनी एक बंद समतल आकृति।

याद रखें

चतुर्भुज के लिए बंद आकृति होना सबसे महत्वपूर्ण शर्त है।

चतुर्भुज के अंग

चतुर्भुज ABCD के शीर्ष और भुजाएँ।
चतुर्भुज ABCD के शीर्ष और भुजाएँ।
चतुर्भुज ABCD के अंतः कोण।
चतुर्भुज ABCD के अंतः कोण।

एक चतुर्भुज के मुख्य अंग निम्नलिखित हैं:

  • शीर्ष (Vertices):
  • ये वे बिंदु होते हैं जहाँ दो भुजाएँ मिलती हैं।
  • एक चतुर्भुज में चार शीर्ष होते हैं।
  • इन्हें प्रायः अंग्रेजी वर्णमाला के बड़े अक्षरों जैसे A, B, C, D से दर्शाया जाता है।
  • उदाहरण: चतुर्भुज ABCD में, A, B, C, D शीर्ष हैं।
  • भुजाएँ (Sides):
  • ये शीर्षों को जोड़ने वाले रेखाखंड होते हैं।
  • एक चतुर्भुज में चार भुजाएँ होती हैं।
  • उदाहरण: चतुर्भुज ABCD में, AB, BC, CD और DA इसकी चार भुजाएँ हैं।
  • अंतः कोण (Interior Angles):
  • प्रत्येक शीर्ष पर दो संलग्न भुजाओं के बीच एक कोण बनता है।
  • एक चतुर्भुज में चार अंतः कोण होते हैं।
  • इन्हें शीर्षों के नाम से (जैसे ∠A, ∠B, ∠C, ∠D) या तीन अक्षरों का उपयोग करके (जैसे ∠BAD, ∠ABC, ∠BCD, ∠CDA) दर्शाया जाता है।
  • ये कोण चतुर्भुज के आंतरिक भाग में स्थित होते हैं।
  • विकर्ण (Diagonals):
  • ये सम्मुख शीर्षों को जोड़ने वाले रेखाखंड होते हैं।
  • एक चतुर्भुज में दो विकर्ण होते हैं।
  • उदाहरण: चतुर्भुज ABCD में, AC और BD विकर्ण हैं।
महत्त्वपूर्ण

एक चतुर्भुज में हमेशा 4 शीर्ष, 4 भुजाएँ और 4 कोण होते हैं।

चतुर्भुज का अन्तःभाग और बाह्यभाग

चतुर्भुज का अन्तःभाग।
चतुर्भुज का अन्तःभाग।

एक चतुर्भुज एक समतल को तीन भागों में विभाजित करता है:

  1. चतुर्भुज का अन्तःभाग (Interior Region):
  • यह तल का वह भाग है जो चतुर्भुज की भुजाओं से घिरा हुआ होता है।
  • इसमें वे सभी बिंदु शामिल होते हैं जो चतुर्भुज की सीमाओं के अंदर स्थित होते हैं।
  • उदाहरण: कबड्डी के मैदान के अंदर के खिलाड़ी।
  1. चतुर्भुज का बाह्यभाग (Exterior Region):
  • यह तल का वह भाग है जो चतुर्भुज के बाहर स्थित होता है।
  • इसमें वे सभी बिंदु शामिल होते हैं जो चतुर्भुज की सीमाओं के बाहर होते हैं।
  • उदाहरण: कबड्डी के मैदान के बाहर के खिलाड़ी।
  1. चतुर्भुज की परिसीमा (Boundary of the Quadrilateral):
  • यह स्वयं चतुर्भुज की भुजाएँ और शीर्ष होते हैं।
  • ये बिंदु न तो पूरी तरह से आंतरिक होते हैं और न ही पूरी तरह से बाहरी।
  • चतुर्भुजीय क्षेत्र (Quadrilateral Region):
  • चतुर्भुज का अन्तःभाग और चतुर्भुज की परिसीमा मिलकर चतुर्भुजीय क्षेत्र बनाते हैं।
📖परिभाषा

अन्तःभाग: चतुर्भुज के अंदर का क्षेत्र। बाह्यभाग: चतुर्भुज के बाहर का क्षेत्र।

चतुर्भुज की संलग्न और सम्मुख भुजाएँ

संलग्न भुजाएँ: PQ और QR शीर्ष Q पर मिलती हैं।
संलग्न भुजाएँ: PQ और QR शीर्ष Q पर मिलती हैं।
सम्मुख भुजाएँ: PQ और RS एक-दूसरे के सामने हैं।
सम्मुख भुजाएँ: PQ और RS एक-दूसरे के सामने हैं।

चतुर्भुज की भुजाओं को उनके संबंध के आधार पर दो प्रकार से वर्गीकृत किया जा सकता है:

  1. संलग्न भुजाएँ (Adjacent Sides):
  • चतुर्भुज की वे भुजाएँ जो एक ही शीर्ष पर मिलती हैं, संलग्न भुजाएँ कहलाती हैं।
  • ये भुजाएँ एक उभयनिष्ठ शीर्ष साझा करती हैं।
  • एक चतुर्भुज में संलग्न भुजाओं के चार युग्म होते हैं।
  • उदाहरण: चतुर्भुज ABCD में,
  • (AB, BC) शीर्ष B पर संलग्न हैं।
  • (BC, CD) शीर्ष C पर संलग्न हैं।
  • (CD, DA) शीर्ष D पर संलग्न हैं।
  • (DA, AB) शीर्ष A पर संलग्न हैं।
  1. सम्मुख भुजाएँ (Opposite Sides):
  • चतुर्भुज की वे भुजाएँ जो एक-दूसरे के ठीक सामने होती हैं और किसी भी शीर्ष पर नहीं मिलतीं, सम्मुख भुजाएँ कहलाती हैं।
  • ये भुजाएँ कोई उभयनिष्ठ शीर्ष साझा नहीं करतीं।
  • एक चतुर्भुज में सम्मुख भुजाओं के दो युग्म होते हैं।
  • उदाहरण: चतुर्भुज ABCD में,
  • (AB, CD) सम्मुख भुजाएँ हैं।
  • (BC, DA) सम्मुख भुजाएँ हैं।
💡सुझाव

संलग्न भुजाएँ हमेशा एक शीर्ष साझा करती हैं, जबकि सम्मुख भुजाएँ कभी नहीं। यह अंतर याद रखना महत्वपूर्ण है।

चतुर्भुज के संलग्न और सम्मुख कोण

संलग्न कोण: ∠A और ∠B भुजा AB को साझा करते हैं।
संलग्न कोण: ∠A और ∠B भुजा AB को साझा करते हैं।
सम्मुख कोण: ∠B और ∠D एक-दूसरे के सामने हैं।
सम्मुख कोण: ∠B और ∠D एक-दूसरे के सामने हैं।

चतुर्भुज के कोणों को उनके संबंध के आधार पर भी दो प्रकार से वर्गीकृत किया जा सकता है:

  1. संलग्न कोण (Adjacent Angles):
  • एक चतुर्भुज में ऐसे दो कोणों को संलग्न कोण कहा जाता है जिनकी एक भुजा उभयनिष्ठ होती है।
  • इसका मतलब है कि वे एक ही भुजा को साझा करते हैं।
  • एक चतुर्भुज में संलग्न कोणों के चार युग्म होते हैं।
  • उदाहरण: चतुर्भुज ABCD में,
  • (∠A, ∠B) भुजा AB को साझा करते हैं।
  • (∠B, ∠C) भुजा BC को साझा करते हैं।
  • (∠C, ∠D) भुजा CD को साझा करते हैं।
  • (∠D, ∠A) भुजा DA को साझा करते हैं।
  1. सम्मुख कोण (Opposite Angles):
  • एक चतुर्भुज में ऐसे दो कोण जो संलग्न कोण नहीं होते, सम्मुख कोण कहलाते हैं।
  • सरल शब्दों में, ये कोण एक-दूसरे के ठीक सामने होते हैं और कोई भी भुजा साझा नहीं करते।
  • एक चतुर्भुज में सम्मुख कोणों के दो युग्म होते हैं।
  • उदाहरण: चतुर्भुज ABCD में,
  • (∠A, ∠C) सम्मुख कोण हैं।
  • (∠B, ∠D) सम्मुख कोण हैं।
🚧ग़लत धारणा

छात्र अक्सर संलग्न भुजाओं और संलग्न कोणों को भ्रमित करते हैं। याद रखें, संलग्न भुजाएँ एक शीर्ष साझा करती हैं, जबकि संलग्न कोण एक भुजा साझा करते हैं।

चतुर्भुज के विकर्ण और अन्तःकोणों का योग

चतुर्भुज ABCD में विकर्ण AC।
चतुर्भुज ABCD में विकर्ण AC।
विकर्ण चतुर्भुज को दो त्रिभुजों में विभाजित करता है।
विकर्ण चतुर्भुज को दो त्रिभुजों में विभाजित करता है।
त्रिभुज के कोणों का योग 180° होता है।
त्रिभुज के कोणों का योग 180° होता है।
चतुर्भुज के अन्तःकोणों का योग 360° होता है।
चतुर्भुज के अन्तःकोणों का योग 360° होता है।

विकर्ण (Diagonals)

  • परिभाषा: एक चतुर्भुज में, विकर्ण वह रेखाखंड होता है जो दो सम्मुख (आमने-सामने के) शीर्षों को जोड़ता है।
  • एक चतुर्भुज में दो विकर्ण होते हैं।
  • उदाहरण: चतुर्भुज ABCD में, AC और BD दो विकर्ण हैं।
  • महत्व: विकर्ण चतुर्भुज को दो त्रिभुजों में विभाजित करते हैं।

चतुर्भुज के अन्तःकोणों का योग

  • त्रिभुज का गुणधर्म: हम जानते हैं कि किसी भी त्रिभुज के तीनों अन्तःकोणों का योग हमेशा \(180^\circ\) होता है।
  • चतुर्भुज का गुणधर्म: एक चतुर्भुज को एक विकर्ण द्वारा दो त्रिभुजों में विभाजित किया जा सकता है।
  • उदाहरण: चतुर्भुज ABCD में, विकर्ण AC खींचने पर, यह त्रिभुज \(\triangle ABC\) और त्रिभुज \(\triangle ADC\) में बंट जाता है।
  • चतुर्भुज ABCD के सभी कोणों का योग \(= \triangle ABC\) के सभी कोणों का योग \(+ \triangle ADC\) के सभी कोणों का योग\)
  • \(= 180^\circ + 180^\circ\)
  • \(= 360^\circ\)
  • निष्कर्ष: अतः, चतुर्भुज के चारों अन्तःकोणों का योग हमेशा \(360^\circ\) होता है

उदाहरण समस्याएँ

  • उदाहरण 1: यदि किसी चतुर्भुज के तीन कोण दिए गए हों, तो चौथा कोण ज्ञात करना।
  • माना तीन कोण \(A, B, C\) हैं और चौथा कोण \(D\) है।
  • \(A + B + C + D = 360^\circ\)
  • \(D = 360^\circ - (A + B + C)\)
  • उदाहरण 2: यदि कोणों का अनुपात दिया गया हो।
  • माना कोण \(x, 2x, 3x, 4x\) के अनुपात में हैं।
  • \(x + 2x + 3x + 4x = 360^\circ\)
  • \(10x = 360^\circ\)
  • \(x = 36^\circ\)
  • तो कोण \(36^\circ, 72^\circ, 108^\circ, 144^\circ\) होंगे।
🧮सूत्र

चतुर्भुज के कोणों का योग: \(\angle A + \angle B + \angle C + \angle D = 360^\circ\)

💡सुझाव

यह गुणधर्म सभी प्रकार के चतुर्भुजों पर लागू होता है, चाहे वह नियमित हो या अनियमित।

चतुर्भुज के प्रकार

समान्तर चतुर्भुज की पहचान।
समान्तर चतुर्भुज की पहचान।
आयत की पहचान।
आयत की पहचान।
समचतुर्भुज की पहचान।
समचतुर्भुज की पहचान।
वर्ग की पहचान।
वर्ग की पहचान।
समलम्ब चतुर्भुज की पहचान।
समलम्ब चतुर्भुज की पहचान।

भुजाओं की लंबाई, कोणों के माप और भुजाओं के समानांतर होने के आधार पर चतुर्भुज कई प्रकार के होते हैं।

  1. समान्तर चतुर्भुज (Parallelogram):
  • वह चतुर्भुज जिसकी सम्मुख भुजाओं के दोनों जोड़े समान्तर और बराबर होते हैं।
  • सम्मुख कोण भी बराबर होते हैं।
  • विकर्ण एक-दूसरे को समद्विभाजित करते हैं।
  1. आयत (Rectangle):
  • एक विशेष प्रकार का समान्तर चतुर्भुज जिसमें प्रत्येक कोण \(90^\circ\) का होता है।
  • सम्मुख भुजाएँ समान्तर और बराबर होती हैं।
  • विकर्ण बराबर होते हैं और एक-दूसरे को समद्विभाजित करते हैं।
  1. समचतुर्भुज (Rhombus):
  • एक विशेष प्रकार का समान्तर चतुर्भुज जिसकी सभी चारों भुजाएँ बराबर लंबाई की होती हैं।
  • सम्मुख कोण बराबर होते हैं।
  • विकर्ण एक-दूसरे को समकोण पर समद्विभाजित करते हैं।
  1. वर्ग (Square):
  • एक विशेष प्रकार का समचतुर्भुज (और आयत) जिसकी सभी भुजाएँ बराबर होती हैं और प्रत्येक कोण \(90^\circ\) का होता है।
  • यह सबसे नियमित चतुर्भुज है।
  • विकर्ण बराबर होते हैं, एक-दूसरे को समकोण पर समद्विभाजित करते हैं।
  1. समलम्ब चतुर्भुज (Trapezium):
  • वह चतुर्भुज जिसकी सम्मुख भुजाओं का केवल एक जोड़ा समान्तर होता है।
  • अन्य दो भुजाएँ असमांतर होती हैं।
  1. विषमबाहु चतुर्भुज (Irregular Quadrilateral):
  • वह चतुर्भुज जिसकी कोई भी भुजा समान्तर या बराबर नहीं होती है।
  • इसके कोण भी असमान होते हैं।

चतुर्भुजों का पदानुक्रम (Hierarchy of Quadrilaterals)

  • चतुर्भुज
  • समलम्ब चतुर्भुज (एक जोड़ा समान्तर भुजाएँ)
  • समान्तर चतुर्भुज (दोनों जोड़े समान्तर भुजाएँ)
  • आयत (समान्तर चतुर्भुज + \(90^\circ\) कोण)
  • समचतुर्भुज (समान्तर चतुर्भुज + सभी भुजाएँ बराबर)
  • वर्ग (आयत + समचतुर्भुज के गुण)
महत्त्वपूर्ण

सभी वर्ग आयत होते हैं और सभी वर्ग समचतुर्भुज होते हैं। लेकिन सभी आयत वर्ग नहीं होते और सभी समचतुर्भुज वर्ग नहीं होते।

याद रखें

प्रत्येक समान्तर चतुर्भुज एक चतुर्भुज है, लेकिन प्रत्येक चतुर्भुज एक समान्तर चतुर्भुज नहीं है। यह संबंध 'बड़े से छोटे' की ओर चलता है।

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