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बहुभुज
Chhattisgarh · Class 8 · 🧮 Maths · Chapter 10

बहुभुज

बहुभुजचतुर्भुजसममितिघूर्णन सममितिविकर्ण

अध्याय 'बहुभुज' में छात्र विभिन्न प्रकार के बहुभुजों जैसे त्रिभुज, चतुर्भुज, पंचभुज आदि के बारे में सीखते हैं। इसमें चतुर्भुजों के विशेष प्रकार जैसे समांतर चतुर्भुज, आयत, वर्ग और समचतुर्भुज के गुणों पर विस्तार से चर्चा की गई है। छात्र सममिति की रेखाओं और घूर्णन सममिति की अवधारणाओं को भी समझते हैं, जो ज्यामिति में एक महत्वपूर्ण आधार बनाते हैं। यह अध्याय छात्रों को आकृतियों के गुणों को पहचानने और उनका विश्लेषण करने में मदद करता है।

समान्तर चतुर्भुज के विकर्ण एक दूसरे को समद्विभाजित करते हैं

समांतर चतुर्भुज ABCD के गुणधर्म।
समांतर चतुर्भुज ABCD के गुणधर्म।

एक समांतर चतुर्भुज एक ऐसा चतुर्भुज होता है जिसकी सम्मुख भुजाओं के दोनों युग्म समांतर होते हैं।

समांतर चतुर्भुज के गुणधर्म:

  • सम्मुख भुजाएँ: समांतर चतुर्भुज की सम्मुख भुजाएँ बराबर होती हैं।
  • उदाहरण: ABCD एक समांतर चतुर्भुज है, तो AB = DC और AD = BC।
  • सम्मुख कोण: समांतर चतुर्भुज के सम्मुख कोण बराबर होते हैं।
  • उदाहरण: ∠A = ∠C और ∠B = ∠D।
  • आसन्न कोण: समांतर चतुर्भुज के आसन्न कोणों का योग 180° होता है (ये संपूरक होते हैं)।
  • उदाहरण: ∠A + ∠B = 180°, ∠B + ∠C = 180°।
  • विकर्ण: समांतर चतुर्भुज के विकर्ण एक-दूसरे को समद्विभाजित करते हैं।
  • इसका अर्थ है कि जहाँ विकर्ण एक-दूसरे को काटते हैं, वह बिंदु प्रत्येक विकर्ण का मध्य-बिंदु होता है।
  • यदि विकर्ण AC और BD बिंदु O पर प्रतिच्छेद करते हैं, तो AO = OC और BO = OD।

महत्वपूर्ण बिंदु:

  • समांतर चतुर्भुज की परिभाषा से ही इसके कई गुणधर्म निकलते हैं।
  • विकर्णों का समद्विभाजन गुण समांतर चतुर्भुज की पहचान का एक महत्वपूर्ण तरीका है।
  • यह गुण आयत, वर्ग और समचतुर्भुज जैसे विशेष प्रकार के समांतर चतुर्भुजों पर भी लागू होता है।

याद रखें: प्रत्येक समांतर चतुर्भुज एक बहुभुज होता है, लेकिन प्रत्येक बहुभुज एक समांतर चतुर्भुज नहीं होता।

[IMAGE: parallelogram_abcd_fig330] में समांतर चतुर्भुज ABCD को देखें, जहाँ AB || DC और AD || BC है।

📖परिभाषा

समांतर चतुर्भुज (Parallelogram): एक चतुर्भुज जिसकी सम्मुख भुजाओं के दोनों युग्म समांतर होते हैं।

महत्त्वपूर्ण

समांतर चतुर्भुज के विकर्ण एक-दूसरे को समद्विभाजित करते हैं। यह गुण सभी समांतर चतुर्भुजों के लिए सत्य है।

आयत एवं वर्ग के विकर्ण की लम्बाई आपस में बराबर होती हैं एवं वे एक दूसरे को समद्विभाजित करते हैं

आयत (Rectangle):

  • परिभाषा: एक समांतर चतुर्भुज जिसका प्रत्येक कोण 90° होता है।
  • गुणधर्म:
  • यह एक समांतर चतुर्भुज है, अतः इसके सभी गुणधर्म आयत पर भी लागू होते हैं (जैसे सम्मुख भुजाएँ बराबर और समांतर, आसन्न कोण संपूरक)।
  • सभी कोण बराबर (प्रत्येक 90°) होते हैं।
  • विकर्ण बराबर लम्बाई के होते हैं (AC = BD)।
  • विकर्ण एक-दूसरे को समद्विभाजित करते हैं (AO = OC, BO = OD)।
  • चूंकि विकर्ण बराबर होते हैं और एक-दूसरे को समद्विभाजित करते हैं, इसका अर्थ है कि विकर्णों के आधे भाग भी बराबर होते हैं (AO = OC = BO = OD)।

वर्ग (Square):

  • परिभाषा: एक आयत जिसकी सभी भुजाएँ बराबर होती हैं, या एक समचतुर्भुज जिसका प्रत्येक कोण 90° होता है।
  • गुणधर्म:
  • यह एक समांतर चतुर्भुज है, एक आयत है, और एक समचतुर्भुज भी है, अतः इन सभी के गुणधर्म वर्ग पर लागू होते हैं।
  • सभी भुजाएँ बराबर होती हैं।
  • सभी कोण बराबर (प्रत्येक 90°) होते हैं।
  • विकर्ण बराबर लम्बाई के होते हैं (AC = BD)।
  • विकर्ण एक-दूसरे को समकोण पर समद्विभाजित करते हैं (अर्थात, वे 90° पर काटते हैं और एक-दूसरे को दो बराबर भागों में बांटते हैं)।

आयत और वर्ग की तुलना:

| गुणधर्म | आयत | वर्ग | |:--------------------|:------------------------------------|:-----------------------------------------| | सभी भुजाएँ | सम्मुख भुजाएँ बराबर | सभी भुजाएँ बराबर | | सभी कोण | सभी 90° | सभी 90° | | विकर्ण की लम्बाई | बराबर | बराबर | | विकर्णों का प्रतिच्छेदन | एक-दूसरे को समद्विभाजित करते हैं | समकोण पर समद्विभाजित करते हैं (90° पर) |

क्रियाकलाप 8 (NCERT): आयत और वर्ग के विकर्णों को मापकर इस गुण की पुष्टि की जा सकती है। [IMAGE: TODO: आयत और वर्ग के विकर्णों का चित्रण] में आयत और वर्ग के विकर्णों को देखें।

निष्कर्ष: आयत एवं वर्ग के विकर्ण की लम्बाई आपस में बराबर होती हैं एवं वे एक दूसरे को समद्विभाजित करते हैं।

महत्त्वपूर्ण

आयत और वर्ग दोनों के विकर्ण बराबर लम्बाई के होते हैं और एक-दूसरे को समद्विभाजित करते हैं।

📖परिभाषा

आयत (Rectangle): एक समांतर चतुर्भुज जिसके सभी कोण समकोण होते हैं। वर्ग (Square): एक आयत जिसकी सभी भुजाएँ बराबर होती हैं।

समचतुर्भुज तथा वर्ग के विकर्ण समकोण पर समद्विभाजित करते हैं

समचतुर्भुज और वर्ग के विकर्णों के प्रतिच्छेदन कोणों का अवलोकन।
समचतुर्भुज और वर्ग के विकर्णों के प्रतिच्छेदन कोणों का अवलोकन।
समचतुर्भुज और वर्ग के विकर्णों के कोण।
समचतुर्भुज और वर्ग के विकर्णों के कोण।

समचतुर्भुज (Rhombus):

  • परिभाषा: एक समांतर चतुर्भुज जिसकी सभी भुजाएँ बराबर होती हैं।
  • गुणधर्म:
  • यह एक समांतर चतुर्भुज है, अतः इसके सभी गुणधर्म समचतुर्भुज पर भी लागू होते हैं।
  • सभी भुजाएँ बराबर होती हैं।
  • सम्मुख कोण बराबर होते हैं।
  • विकर्ण एक-दूसरे को समकोण पर समद्विभाजित करते हैं (अर्थात, वे 90° पर काटते हैं और एक-दूसरे को दो बराबर भागों में बांटते हैं)।
  • विकर्ण शीर्ष कोणों को समद्विभाजित करते हैं।

वर्ग (Square):

  • जैसा कि t2 में बताया गया है, वर्ग एक विशेष प्रकार का समचतुर्भुज भी है।
  • वर्ग के विकर्णों के विशेष गुण:
  • विकर्ण बराबर लम्बाई के होते हैं।
  • विकर्ण एक-दूसरे को समकोण पर समद्विभाजित करते हैं।
  • विकर्ण शीर्ष कोणों को समद्विभाजित करते हैं (प्रत्येक 90° के कोण को 45° में)।

समचतुर्भुज और वर्ग की तुलना:

| गुणधर्म | समचतुर्भुज | वर्ग | |:--------------------|:----------------------------------------|:-----------------------------------------| | सभी भुजाएँ | सभी भुजाएँ बराबर | सभी भुजाएँ बराबर | | सभी कोण | सम्मुख कोण बराबर | सभी 90° | | विकर्ण की लम्बाई | सामान्यतः बराबर नहीं होते | बराबर | | विकर्णों का प्रतिच्छेदन | समकोण पर समद्विभाजित करते हैं | समकोण पर समद्विभाजित करते हैं |

क्रियाकलाप 9 (NCERT): समचतुर्भुज और वर्ग के विकर्णों के प्रतिच्छेद बिंदु पर बनने वाले कोणों को मापकर इस गुण की पुष्टि की जा सकती है। [IMAGE: cg_c8_maths_ch10_t3_scene2] और [IMAGE: cg_c8_maths_ch10_t4_scene3] में इन आकृतियों के विकर्णों को देखें।

निष्कर्ष: समचतुर्भुज तथा वर्ग के विकर्ण समकोण पर समद्विभाजित करते हैं।

महत्त्वपूर्ण

समचतुर्भुज और वर्ग दोनों के विकर्ण एक-दूसरे को समकोण पर समद्विभाजित करते हैं

📖परिभाषा

समचतुर्भुज (Rhombus): एक समांतर चतुर्भुज जिसकी सभी भुजाएँ बराबर होती हैं।

विभिन्न चतुर्भुजों के गुणों का सारांश

समलंब चतुर्भुज ABCD।
समलंब चतुर्भुज ABCD।

विभिन्न प्रकार के चतुर्भुजों के गुणों को समझना ज्यामिति में महत्वपूर्ण है। यहाँ एक सारांश तालिका दी गई है जो प्रमुख चतुर्भुजों के गुणों को एक साथ प्रस्तुत करती है।

चतुर्भुजों के गुणधर्मों का सारांश (सारणी - 10.9):

| क्रं | चतुर्भुज के प्रकार | भुजाएँ | कोण | विकर्ण | |:----|:-------------------|:------------------------------------------|:-------------------------------------------|:--------------------------------------------------------------------| | 1. | समान्तर चतुर्भुज | सम्मुख भुजाएँ समांतर व बराबर होती हैं। | सम्मुख कोण बराबर होते हैं। | विकर्ण एक-दूसरे को प्रतिच्छेद बिंदु पर समद्विभाजित करते हैं। | | 2. | आयत | सम्मुख भुजाएँ समांतर व बराबर होती हैं। | सम्मुख कोण बराबर होते हैं (प्रत्येक 90°)। | विकर्ण बराबर एवं एक-दूसरे को प्रतिच्छेद बिंदु पर समद्विभाजित करते हैं। | | 3. | वर्ग | सभी भुजाएँ बराबर होती हैं, सम्मुख भुजाएँ समांतर होती हैं। | सम्मुख कोण बराबर होते हैं (प्रत्येक 90°)। | विकर्ण एक-दूसरे को समकोण पर समद्विभाजित करते हैं तथा विकर्ण आपस में बराबर होते हैं। | | 4. | समचतुर्भुज | सभी भुजाएँ बराबर होती हैं, सम्मुख भुजाएँ समांतर होती हैं। | सम्मुख कोण बराबर होते हैं। | विकर्ण एक-दूसरे को समकोण पर समद्विभाजित करते हैं। |

अतिरिक्त चतुर्भुज प्रकार:

  • समलंब चतुर्भुज (Trapezium): एक चतुर्भुज जिसमें सम्मुख भुजाओं का केवल एक युग्म समांतर होता है।
  • [IMAGE: trapezium_fig84] में एक समलंब चतुर्भुज देखें।
  • पतंग (Kite): एक चतुर्भुज जिसमें आसन्न भुजाओं के दो अलग-अलग युग्म बराबर लम्बाई के होते हैं
  • पतंग के विकर्ण एक-दूसरे पर लंब होते हैं।
  • एक विकर्ण दूसरे विकर्ण को समद्विभाजित करता है।

यह तालिका विभिन्न चतुर्भुजों के गुणों को याद रखने और उनकी तुलना करने के लिए एक महत्वपूर्ण उपकरण है।

💡सुझाव

इस तालिका को अच्छी तरह से याद करें। यह बहुविकल्पीय प्रश्नों और सत्य/असत्य कथनों के लिए बहुत महत्वपूर्ण है।

याद रखें

वर्ग एक ऐसा चतुर्भुज है जो समांतर चतुर्भुज, आयत और समचतुर्भुज तीनों के गुणों को दर्शाता है।

बहुभुजों में समरूपता (Symmetry in polygons)

आकृतियों में समरूपता रेखाएँ।
आकृतियों में समरूपता रेखाएँ।
कागज मोड़कर और छेद बनाकर परावर्तन समरूपता।
कागज मोड़कर और छेद बनाकर परावर्तन समरूपता।

समरूपता एक ज्यामितीय अवधारणा है जहाँ एक आकृति को एक निश्चित तरीके से मोड़ने या घुमाने पर वह अपने आप को पूरी तरह से ढक लेती है।

सममिति की रेखा (Line of Symmetry):

  • परिभाषा: एक रेखा जिसके सापेक्ष एक आकृति को मोड़ने पर उसके दोनों भाग एक-दूसरे को पूरी तरह से ढक लेते हैं, उसे सममिति की रेखा कहते हैं। इसे परावर्तन सममिति भी कहते हैं।
  • यह एक प्रकार का दर्पण प्रतिबिंब होता है।
  • उदाहरण:
  • एक वर्ग में चार सममिति रेखाएँ होती हैं (दो विकर्ण और दो भुजाओं के मध्यबिंदुओं को जोड़ने वाली रेखाएँ)।
  • एक आयत में दो सममिति रेखाएँ होती हैं (भुजाओं के मध्यबिंदुओं को जोड़ने वाली रेखाएँ)।
  • एक समचतुर्भुज में दो सममिति रेखाएँ होती हैं (विकर्ण)।
  • एक समबाहु त्रिभुज में तीन सममिति रेखाएँ होती हैं।
  • एक वृत्त में अनंत सममिति रेखाएँ होती हैं।
  • [IMAGE: lines_of_symmetry_in_shapes_fig1123] में विभिन्न आकृतियों में सममिति रेखाएँ देखें।
  • [IMAGE: paper_folding_and_punching_reflectional_symmetry_fig1126i] कागज मोड़कर सममिति दर्शाने का एक उदाहरण है।

सममिति रेखाओं की संख्या:

  • नियमित बहुभुज: एक नियमित बहुभुज में उतनी ही सममिति रेखाएँ होती हैं जितनी उसकी भुजाएँ होती हैं।
  • उदाहरण: नियमित पंचभुज में 5 सममिति रेखाएँ, नियमित षट्भुज में 6 सममिति रेखाएँ।
  • अनियमित बहुभुज: अनियमित बहुभुजों में सममिति रेखाओं की संख्या 0, 1 या अधिक हो सकती है।
  • उदाहरण: एक विषमबाहु त्रिभुज में 0 सममिति रेखाएँ होती हैं।

क्रियाकलाप (NCERT):

कागज काटकर और मोड़कर विभिन्न आकृतियों में सममिति रेखाओं की पहचान करना। यह एक प्रायोगिक तरीका है जिससे सममिति की अवधारणा को बेहतर ढंग से समझा जा सकता है।

सममिति की रेखाएँ हमें आकृतियों के संतुलन और सौंदर्य को समझने में मदद करती हैं।

📖परिभाषा

सममिति की रेखा (Line of Symmetry): एक रेखा जो एक आकृति को दो समान दर्पण प्रतिबिंबों में विभाजित करती है।

महत्त्वपूर्ण

एक नियमित बहुभुज में उसकी भुजाओं की संख्या के बराबर सममिति रेखाएँ होती हैं।

घूर्णन सममिति

मेहंदी डिज़ाइन में सममित पैटर्न, घूर्णन सममिति का उदाहरण।
मेहंदी डिज़ाइन में सममित पैटर्न, घूर्णन सममिति का उदाहरण।

घूर्णन सममिति एक प्रकार की सममिति है जहाँ एक आकृति को एक निश्चित बिंदु (घूर्णन केंद्र) के चारों ओर घुमाने पर वह अपने आप को कई बार ढक लेती है।

घूर्णन केंद्र (Centre of Rotation):

  • परिभाषा: वह निश्चित बिंदु जिसके चारों ओर आकृति को घुमाया जाता है।
  • समांतर चतुर्भुज के लिए, विकर्णों का प्रतिच्छेद बिंदु घूर्णन केंद्र होता है।

घूर्णन का क्रम (Order of Rotational Symmetry):

  • परिभाषा: एक आकृति को घूर्णन केंद्र के सापेक्ष एक पूरा चक्कर (360°) लगाने पर वह जितनी बार अपने आप को पूरी तरह से ढक लेती है, वह संख्या घूर्णन का क्रम कहलाती है।
  • घूर्णन का क्रम हमेशा 1 या उससे अधिक होता है।
  • उदाहरण:
  • एक वर्ग का घूर्णन क्रम 4 होता है (90°, 180°, 270°, 360° पर)।
  • एक आयत का घूर्णन क्रम 2 होता है (180°, 360° पर)।
  • एक समचतुर्भुज का घूर्णन क्रम 2 होता है (180°, 360° पर)।
  • एक समबाहु त्रिभुज का घूर्णन क्रम 3 होता है (120°, 240°, 360° पर)।
  • एक नियमित पंचभुज का घूर्णन क्रम 5 होता है।
  • एक वृत्त का घूर्णन क्रम अनंत होता है।

घूर्णन कोण (Angle of Rotation):

  • परिभाषा: वह न्यूनतम कोण जिस पर आकृति को घुमाने पर वह अपने आप को ढक लेती है।
  • घूर्णन कोण = \( \frac{360^\circ}{\text{घूर्णन का क्रम}} \)
  • उदाहरण: वर्ग के लिए \( \frac{360^\circ}{4} = 90^\circ \)

क्रियाकलाप (NCERT):

कागज के समांतर चतुर्भुज को पिन लगाकर घुमाकर घूर्णन सममिति का अवलोकन करना। यह दर्शाता है कि समांतर चतुर्भुज में 180° और 360° पर घूर्णन सममिति होती है, अर्थात इसका घूर्णन क्रम 2 होता है।

सममिति रेखाओं की संख्या और घूर्णन क्रम के बीच संबंध:

  • नियमित बहुभुजों के लिए, सममिति रेखाओं की संख्या और घूर्णन का क्रम बराबर होते हैं।
  • उदाहरण: वर्ग (4 सममिति रेखाएँ, घूर्णन क्रम 4), नियमित पंचभुज (5 सममिति रेखाएँ, घूर्णन क्रम 5)।
  • अनियमित बहुभुजों के लिए, यह संबंध हमेशा सत्य नहीं होता। उदाहरण के लिए, एक आयत में 2 सममिति रेखाएँ होती हैं और घूर्णन क्रम भी 2 होता है। एक समांतर चतुर्भुज में 0 सममिति रेखाएँ होती हैं लेकिन घूर्णन क्रम 2 होता है।

घूर्णन सममिति आकृतियों के दोहराव वाले पैटर्न को समझने में मदद करती है। [IMAGE: mehendi_design_symmetrical_pattern_fig1114v] मेहंदी डिज़ाइन में घूर्णन सममिति का एक सुंदर उदाहरण है।

📖परिभाषा

घूर्णन सममिति (Rotational Symmetry): एक आकृति को एक निश्चित बिंदु के चारों ओर घुमाने पर वह अपने आप को जितनी बार ढक लेती है। घूर्णन का क्रम (Order of Rotation): 360° के घूर्णन में आकृति जितनी बार अपनी मूल स्थिति में आती है।

महत्त्वपूर्ण

नियमित बहुभुजों के लिए, सममिति रेखाओं की संख्या = घूर्णन का क्रम = भुजाओं की संख्या

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