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क्षेत्रमिति - 1
Chhattisgarh · Class 8 · 🧮 Maths · Chapter 14

क्षेत्रमिति - 1

समांतर चतुर्भुज का क्षेत्रफलत्रिभुज का क्षेत्रफलसमचतुर्भुज का क्षेत्रफलसमलंब चतुर्भुज का क्षेत्रफलवृत्ताकार मार्ग का क्षेत्रफलआयताकार पथ का क्षेत्रफल

अध्याय 14, 'क्षेत्रमिति - 1', छात्रों को विभिन्न द्विविमीय आकृतियों के क्षेत्रफल की गणना के बुनियादी सिद्धांतों से परिचित कराता है। इसमें समांतर चतुर्भुज, त्रिभुज, समचतुर्भुज और समलंब चतुर्भुज के क्षेत्रफल के सूत्रों को समझाया गया है। इसके अतिरिक्त, यह वृत्ताकार पथों और जटिल आकृतियों के क्षेत्रफल की गणना करने के तरीके भी सिखाता है, जिसमें आयताकार पथ और सकेन्द्री वृत्तों के बीच का क्षेत्रफल शामिल है। यह अध्याय छात्रों की ज्यामितीय अवधारणाओं और व्यावहारिक समस्याओं को हल करने की क्षमता को विकसित करने में महत्वपूर्ण है।

त्रिभुज का क्षेत्रफल

समांतर चतुर्भुज से त्रिभुज का निर्माण
समांतर चतुर्भुज से त्रिभुज का निर्माण
समांतर चतुर्भुज को दो सर्वांगसम त्रिभुजों में काटना
समांतर चतुर्भुज को दो सर्वांगसम त्रिभुजों में काटना
इकाइयों का सही उपयोग
इकाइयों का सही उपयोग

त्रिभुज एक मूल ज्यामितीय आकृति है जिसका क्षेत्रफल ज्ञात करना क्षेत्रमिति का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है।

  • समांतर चतुर्भुज से संबंध:
  • एक समांतर चतुर्भुज को उसके विकर्ण द्वारा दो सर्वांगसम त्रिभुजों में विभाजित किया जा सकता है।
  • इसका अर्थ है कि प्रत्येक त्रिभुज का क्षेत्रफल समांतर चतुर्भुज के क्षेत्रफल का आधा होता है।
  • [IMAGE: cg_c8_maths_ch14_t1_scene1] और [IMAGE: cg_c8_maths_ch14_t1_scene2] में यह संबंध स्पष्ट रूप से दर्शाया गया है।
  • त्रिभुज के क्षेत्रफल का सूत्र:
  • यदि त्रिभुज का आधार b और संगत ऊँचाई h हो, तो उसका क्षेत्रफल A निम्न सूत्र से ज्ञात किया जाता है:

$$A = \frac{1}{2} \times \text{आधार} \times \text{ऊँचाई}$$ $$A = \frac{1}{2} \times b \times h$$

  • इकाइयों का महत्व:
  • क्षेत्रफल की गणना करते समय, यह सुनिश्चित करना महत्वपूर्ण है कि आधार और ऊँचाई की इकाइयाँ समान हों।
  • यदि इकाइयाँ भिन्न हैं (जैसे सेमी और मीटर), तो गणना से पहले उन्हें एक ही इकाई में परिवर्तित करना आवश्यक है।
  • उदाहरण के लिए, 1 मीटर² = 10000 सेमी²। [IMAGE: cg_c8_maths_ch14_t1_scene4] में इकाइयों के रूपांतरण का महत्व समझाया गया है।
  • समबाहु त्रिभुज का विशेष सूत्र:
  • एक समबाहु त्रिभुज (जिसकी सभी भुजाएँ समान हों) का क्षेत्रफल ज्ञात करने का एक विशेष सूत्र भी है। यदि भुजा की लंबाई a हो, तो:

$$A = \frac{\sqrt{3}}{4} \times a^2$$

  • क्षेत्रफल ज्ञात करने के चरण:
  1. त्रिभुज का आधार (b) और संगत ऊँचाई (h) पहचानें।
  2. सुनिश्चित करें कि b और h की इकाइयाँ समान हों; यदि नहीं, तो उन्हें परिवर्तित करें।
  3. सूत्र A = 1/2 × b × h में मानों को प्रतिस्थापित करें।
  4. गणना करें और परिणाम को वर्ग इकाइयों (जैसे सेमी², मी²) में व्यक्त करें।
🧮सूत्र

त्रिभुज का क्षेत्रफल: $$A = \frac{1}{2} \times \text{आधार} \times \text{ऊँचाई}$$

याद रखें

दो समांतर रेखाओं के बीच स्थित त्रिभुज का क्षेत्रफल उसी आधार व ऊँचाई के समांतर चतुर्भुज के क्षेत्रफल का आधा होता है।

🚧ग़लत धारणा

इकाइयों को परिवर्तित करना न भूलें! यदि आधार सेमी में और ऊँचाई मीटर में दी गई हो, तो उन्हें एक ही इकाई में बदलें।

समचतुर्भुज का क्षेत्रफल

समचतुर्भुज को समझना
समचतुर्भुज को समझना
समचतुर्भुज के क्षेत्रफल के सूत्र
समचतुर्भुज के क्षेत्रफल के सूत्र

समचतुर्भुज एक विशेष प्रकार का समांतर चतुर्भुज है जिसकी सभी भुजाएँ समान लंबाई की होती हैं।

  • आधार और ऊँचाई के संदर्भ में क्षेत्रफल:
  • चूंकि समचतुर्भुज एक समांतर चतुर्भुज है, इसका क्षेत्रफल भी आधार और संगत ऊँचाई के गुणनफल के बराबर होता है।
  • यदि आधार b और ऊँचाई h हो, तो क्षेत्रफल A:

$$A = b \times h$$

  • यह सूत्र तब उपयोगी होता है जब प्रश्न में आधार और ऊँचाई दी गई हो। [IMAGE: cg_c8_maths_ch14_t2_scene1] इस अवधारणा को दर्शाता है।
  • विकर्णों के संदर्भ में क्षेत्रफल:
  • समचतुर्भुज के विकर्ण एक-दूसरे को समकोण पर समद्विभाजित करते हैं।
  • यदि समचतुर्भुज के विकर्णों की लंबाई d₁ और d₂ हो, तो इसका क्षेत्रफल A निम्न सूत्र से ज्ञात किया जाता है:

$$A = \frac{1}{2} \times d_1 \times d_2$$

  • यह सूत्र तब अधिक उपयोगी होता है जब विकर्णों की लंबाई दी गई हो। [IMAGE: cg_c8_maths_ch14_t2_scene3] में दोनों सूत्र दिए गए हैं।
  • व्युत्पत्ति (विकर्णों के सूत्र की):
  • समचतुर्भुज को उसके विकर्णों द्वारा चार सर्वांगसम समकोण त्रिभुजों में विभाजित किया जा सकता है।
  • प्रत्येक समकोण त्रिभुज का आधार d₁/2 और ऊँचाई d₂/2 होती है (या इसका विपरीत)।
  • एक त्रिभुज का क्षेत्रफल = 1/2 × (d₁/2) × (d₂/2)
  • कुल समचतुर्भुज का क्षेत्रफल = 4 × (एक त्रिभुज का क्षेत्रफल)
  • = 4 × 1/2 × (d₁/2) × (d₂/2)
  • = 4 × 1/8 × d₁ × d₂
  • = 1/2 × d₁ × d₂
  • सही सूत्र का चुनाव:
  • प्रश्न में दी गई जानकारी के आधार पर सही सूत्र का चुनाव करना महत्वपूर्ण है।
  • यदि आधार और ऊँचाई दी गई है, तो A = b × h का उपयोग करें।
  • यदि विकर्ण दिए गए हैं, तो A = 1/2 × d₁ × d₂ का उपयोग करें।
🧮सूत्र

समचतुर्भुज का क्षेत्रफल (आधार और ऊँचाई): $$A = \text{आधार} \times \text{ऊँचाई}$$

🧮सूत्र

समचतुर्भुज का क्षेत्रफल (विकर्ण): $$A = \frac{1}{2} \times d_1 \times d_2$$

🚧ग़लत धारणा

विकर्णों के गुणनफल को 2 से भाग देना न भूलें जब आप 1/2 d₁d₂ सूत्र का उपयोग कर रहे हों। यह एक सामान्य गलती है। [IMAGE: cg_c8_maths_ch14_t2_scene4]

समलंब चतुर्भुज का क्षेत्रफल

समलंब चतुर्भुज क्या है?
समलंब चतुर्भुज क्या है?
समलंब का क्षेत्रफल निकालना
समलंब का क्षेत्रफल निकालना
ऊँचाई को लेकर भ्रम
ऊँचाई को लेकर भ्रम

समलंब चतुर्भुज एक ऐसा चतुर्भुज है जिसमें सम्मुख भुजाओं का केवल एक युग्म समांतर होता है।

  • परिभाषा और घटक:
  • समांतर भुजाओं को आधार कहा जाता है।
  • समांतर भुजाओं के बीच की लंबवत दूरी को ऊँचाई (h) कहते हैं। [IMAGE: cg_c8_maths_ch14_t3_scene1]
  • समलंब चतुर्भुज के क्षेत्रफल का सूत्र:
  • यदि समांतर भुजाएँ b₁ और b₂ हों तथा ऊँचाई h हो, तो क्षेत्रफल A निम्न सूत्र से ज्ञात किया जाता है:

$$A = \frac{1}{2} \times h \times (b_1 + b_2)$$

  • इसे ऐसे भी लिखा जा सकता है: A = 1/2 × (समांतर भुजाओं का योग) × उनके बीच की दूरी
  • व्युत्पत्ति (सूत्र की):
  • एक समलंब चतुर्भुज को एक विकर्ण खींचकर दो त्रिभुजों में विभाजित किया जा सकता है।
  • मान लीजिए, एक समलंब चतुर्भुज ABCD है जिसमें AB || DC। विकर्ण AC खींचने पर दो त्रिभुज ΔABC और ΔADC बनते हैं।
  • ΔABC का क्षेत्रफल = 1/2 × AB × h
  • ΔADC का क्षेत्रफल = 1/2 × DC × h
  • समलंब चतुर्भुज ABCD का क्षेत्रफल = ΔABC का क्षेत्रफल + ΔADC का क्षेत्रफल
  • = 1/2 × AB × h + 1/2 × DC × h
  • = 1/2 × h × (AB + DC)
  • यदि AB = b₁ और DC = b₂ हो, तो A = 1/2 × h × (b₁ + b₂)। [IMAGE: cg_c8_maths_ch14_t3_scene2] इस व्युत्पत्ति को दर्शाता है।
  • ऊँचाई की पहचान:
  • ऊँचाई h हमेशा समांतर भुजाओं के बीच की लंबवत दूरी होती है।
  • असमांतर भुजाओं की लंबाई को ऊँचाई नहीं मानना चाहिए, क्योंकि इससे गणना गलत हो जाएगी। [IMAGE: cg_c8_maths_ch14_t3_scene4]
  • उपयोग:
  • यह सूत्र विभिन्न व्यावहारिक समस्याओं में उपयोगी है जहाँ समलंब चतुर्भुज के आकार के क्षेत्रों का क्षेत्रफल ज्ञात करना होता है। [IMAGE: cg_c8_maths_ch14_t3_scene3]
🧮सूत्र

समलंब चतुर्भुज का क्षेत्रफल: $$A = \frac{1}{2} \times \text{ऊँचाई} \times (\text{समांतर भुजाओं का योग})$$ $$A = \frac{1}{2} \times h \times (b_1 + b_2)$$

याद रखें

समलंब की ऊँचाई हमेशा समांतर भुजाओं के बीच की लंबवत दूरी होती है।

आयताकार पथ का क्षेत्रफल

पथ के क्षेत्रफल की आवश्यकता
पथ के क्षेत्रफल की आवश्यकता

आयताकार पथ का क्षेत्रफल ज्ञात करना एक सामान्य व्यावहारिक समस्या है, जैसे किसी खेत के चारों ओर का रास्ता या पार्क में पैदल पथ।

  • अवधारणा:
  • जब किसी आयताकार क्षेत्र के चारों ओर या बीच में एक पथ होता है, तो पथ का क्षेत्रफल ज्ञात करने के लिए हम बड़े आयत के क्षेत्रफल में से छोटे आयत के क्षेत्रफल को घटाते हैं।
  • [IMAGE: cg_c8_maths_ch14_t4_scene1] इस अवधारणा को दर्शाता है।
  • बाहर बने पथ का क्षेत्रफल:
  • यदि एक आयताकार क्षेत्र (लंबाई L, चौड़ाई W) के बाहर x चौड़ाई का एक पथ बना है।
  • छोटा आयत (क्षेत्र): लंबाई = L, चौड़ाई = W। क्षेत्रफल = L × W
  • बड़ा आयत (क्षेत्र + पथ):
  • नई लंबाई = L + 2x (दोनों तरफ x चौड़ाई जुड़ती है)
  • नई चौड़ाई = W + 2x (दोनों तरफ x चौड़ाई जुड़ती है)
  • क्षेत्रफल = (L + 2x) × (W + 2x)
  • पथ का क्षेत्रफल: (L + 2x) × (W + 2x) - (L × W)
  • अंदर बने पथ का क्षेत्रफल:
  • यदि एक आयताकार क्षेत्र (लंबाई L, चौड़ाई W) के अंदर x चौड़ाई का एक पथ बना है।
  • बड़ा आयत (क्षेत्र): लंबाई = L, चौड़ाई = W। क्षेत्रफल = L × W
  • छोटा आयत (क्षेत्र - पथ):
  • नई लंबाई = L - 2x
  • नई चौड़ाई = W - 2x
  • क्षेत्रफल = (L - 2x) × (W - 2x)
  • पथ का क्षेत्रफल: (L × W) - (L - 2x) × (W - 2x)
  • बीचों-बीच बने क्रॉस पथ का क्षेत्रफल:
  • यदि एक आयताकार क्षेत्र (लंबाई L, चौड़ाई W) में लंबाई के समानांतर x₁ चौड़ाई का और चौड़ाई के समानांतर x₂ चौड़ाई का पथ बीचों-बीच बना हो।
  • लंबाई के समानांतर पथ का क्षेत्रफल = L × x₁
  • चौड़ाई के समानांतर पथ का क्षेत्रफल = W × x₂
  • दोनों पथों के प्रतिच्छेदन (ओवरलैप) का क्षेत्रफल = x₁ × x₂
  • कुल पथ का क्षेत्रफल: (L × x₁) + (W × x₂) - (x₁ × x₂) (प्रतिच्छेदन क्षेत्र को एक बार घटाया जाता है क्योंकि यह दो बार गिना गया है)।
याद रखें

पथ का क्षेत्रफल = बड़े आयत का क्षेत्रफल - छोटे आयत का क्षेत्रफल (बाहरी या भीतरी पथ के लिए)।

💡सुझाव

क्रॉस पथ वाले प्रश्नों में, ओवरलैप क्षेत्र को एक बार घटाना न भूलें।

वृत्ताकार मार्ग का क्षेत्रफल

वृत्त की परिधि और क्षेत्रफल
वृत्त की परिधि और क्षेत्रफल
सकेन्द्री वृत्त और मार्ग का क्षेत्रफल
सकेन्द्री वृत्त और मार्ग का क्षेत्रफल
तालाब के मार्ग का क्षेत्रफल
तालाब के मार्ग का क्षेत्रफल
मार्ग के क्षेत्रफल की गणना
मार्ग के क्षेत्रफल की गणना

वृत्ताकार मार्ग का क्षेत्रफल ज्ञात करना सकेन्द्री वृत्तों की अवधारणा पर आधारित है।

  • वृत्त की मूल बातें:
  • त्रिज्या (r): केंद्र से वृत्त की परिधि तक की दूरी।
  • परिधि (C): वृत्त के चारों ओर की कुल लंबाई। सूत्र: C = 2πr
  • क्षेत्रफल (A): वृत्त द्वारा घेरा गया स्थान। सूत्र: A = πr²
  • π (पाई): एक नियतांक जिसका मान लगभग 22/7 या 3.14 होता है। [IMAGE: cg_c8_maths_ch14_t5_scene1]
  • सकेन्द्री वृत्त:
  • वे वृत्त जिनका केंद्र एक ही होता है लेकिन त्रिज्याएँ अलग-अलग होती हैं।
  • दो सकेन्द्री वृत्तों के बीच का स्थान एक वृत्ताकार मार्ग बनाता है। [IMAGE: cg_c8_maths_ch14_t5_scene2]
  • वृत्ताकार मार्ग का क्षेत्रफल ज्ञात करना:
  • यदि बड़े वृत्त की त्रिज्या R और छोटे वृत्त की त्रिज्या r हो, तो वृत्ताकार मार्ग का क्षेत्रफल ज्ञात करने के लिए हम बड़े वृत्त के क्षेत्रफल में से छोटे वृत्त के क्षेत्रफल को घटाते हैं।
  • बड़े वृत्त का क्षेत्रफल = πR²
  • छोटे वृत्त का क्षेत्रफल = πr²
  • वृत्ताकार मार्ग का क्षेत्रफल (A):

$$A = \pi R^2 - \pi r^2$$ $$A = \pi (R^2 - r^2)$$

  • बीजगणितीय सर्वसमिका (a² - b²) = (a + b)(a - b) का उपयोग करके गणना को सरल बनाया जा सकता है:

$$A = \pi (R - r)(R + r)$$

  • व्यावहारिक अनुप्रयोग:
  • तालाब के चारों ओर का मार्ग, वृत्ताकार ट्रैक, आदि के क्षेत्रफल ज्ञात करने में यह सूत्र उपयोगी है। [IMAGE: cg_c8_maths_ch14_t5_scene3] और [IMAGE: cg_c8_maths_ch14_t5_scene4] में एक उदाहरण दिया गया है।
🧮सूत्र

वृत्ताकार मार्ग का क्षेत्रफल: $$A = \pi (R^2 - r^2) = \pi (R - r)(R + r)$$ जहाँ R = बड़े वृत्त की त्रिज्या, r = छोटे वृत्त की त्रिज्या।

💡सुझाव

गणना को सरल बनाने के लिए अक्सर (R² - r²) = (R - r)(R + r) सर्वसमिका का उपयोग करें।

वर्ग ग्रिड द्वारा अनुमानित क्षेत्रफल और सूत्र से सत्यापन

अनियमित आकृतियों या जटिल बहुभुजों का क्षेत्रफल ज्ञात करने के लिए वर्ग ग्रिड विधि एक अनुमानित तरीका है। सूत्र विधि से इसका सत्यापन किया जा सकता है।

  • वर्ग ग्रिड विधि:
  1. आकृति को एक वर्ग ग्रिड पर बनाएँ या रखें।
  2. पूरे वर्गों की संख्या गिनें जो आकृति के अंदर पूरी तरह से आते हैं।
  3. आधे से अधिक भरे हुए वर्गों की संख्या गिनें (इन्हें भी पूरा वर्ग माना जाता है)।
  4. ठीक आधे भरे हुए वर्गों की संख्या गिनें (इन्हें 0.5 वर्ग माना जाता है)।
  5. आधे से कम भरे हुए वर्गों को छोड़ दें।
  6. अनुमानित क्षेत्रफल = (पूरे वर्ग + आधे से अधिक भरे वर्ग) + 1/2 × (ठीक आधे भरे वर्ग)।
  • सूत्र विधि से सत्यापन:
  • जटिल बहुभुज को ज्ञात आकृतियों (जैसे त्रिभुज, आयत, समलंब चतुर्भुज) में विभाजित करें।
  • प्रत्येक छोटी आकृति का क्षेत्रफल उसके संबंधित सूत्र का उपयोग करके ज्ञात करें।
  • सभी छोटी आकृतियों के क्षेत्रफलों को जोड़कर बहुभुज का कुल क्षेत्रफल ज्ञात करें।
  • वर्ग ग्रिड विधि से प्राप्त अनुमानित क्षेत्रफल की तुलना सूत्र विधि से प्राप्त सटीक क्षेत्रफल से करें।
  • उदाहरण (समलंब चतुर्भुज):
  • [IMAGE: चित्र - 14.16] में एक समलंब चतुर्भुज का उदाहरण दिया गया है।
  • वर्ग ग्रिड से: पूरे वर्ग + आधे से बड़े वर्ग = 16, ठीक आधे वर्ग = 1। अनुमानित क्षेत्रफल = 16 + 1/2 × 1 = 16.5 वर्ग सेमी।
  • सूत्र से: b₁ = 7 सेमी, b₂ = 4 सेमी, h = 3 सेमी। क्षेत्रफल = 1/2 × (7 + 4) × 3 = 1/2 × 11 × 3 = 16.5 वर्ग सेमी।
  • दोनों विधियों से प्राप्त क्षेत्रफल समान हैं, जो सत्यापन करता है।
  • उदाहरण (बहुभुज):
  • [IMAGE: चित्र - 14.17] में एक जटिल बहुभुज का उदाहरण दिया गया है।
  • वर्ग ग्रिड से: पूरे वर्ग + आधे से बड़े वर्ग = 29, ठीक आधे वर्ग = 2। अनुमानित क्षेत्रफल = 29 + 1/2 × 2 = 30 वर्ग सेमी।
  • सूत्र से: बहुभुज को त्रिभुजों, समलंब चतुर्भुजों और आयतों में विभाजित करके सभी के क्षेत्रफल का योग करने पर 30 वर्ग सेमी प्राप्त होता है।
  • यह दर्शाता है कि वर्ग ग्रिड विधि एक उपयोगी अनुमानित उपकरण है।
याद रखें

वर्ग ग्रिड विधि अनियमित आकृतियों के लिए एक अनुमानित तरीका है, जबकि सूत्र विधि से सटीक क्षेत्रफल प्राप्त होता है।

💡सुझाव

वर्ग ग्रिड विधि में, आधे से अधिक भरे वर्गों को पूरा गिनें और ठीक आधे भरे वर्गों को आधा गिनें। आधे से कम भरे वर्गों को छोड़ दें।

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