ज्यामितीय रचनाएँ
अध्याय 'ज्यामितीय रचनाएँ' छात्रों को विभिन्न ज्यामितीय आकृतियों जैसे त्रिभुज, चतुर्भुज और समबहुभुज की रचना करना सिखाता है। इसमें त्रिभुज की रचना के विभिन्न मानदंड शामिल हैं जैसे भुजाओं की माप, कोणों की माप, दो भुजाओं का योग/अंतर और परिमाप दिए होने पर रचना। इसके अतिरिक्त, यह अध्याय समांतर चतुर्भुज, समलंब चतुर्भुज और वृत्त के अंतर्गत/बहिर्गत समबहुभुज की रचना की विधियों को भी विस्तार से बताता है। यह अध्याय छात्रों को ज्यामितीय अवधारणाओं की गहरी समझ प्रदान करता है।
त्रिभुज की रचना (भुजा-भुजा-भुजा कसौटी)
जब किसी त्रिभुज की तीनों भुजाओं की माप दी गई हो, तो उसकी रचना निम्न चरणों का पालन करके की जा सकती है:
- चरण 1: सबसे पहले दी गई भुजाओं में से किसी एक भुजा को आधार के रूप में खींचिए।
- चरण 2: परकार की सहायता से, पहली भुजा के एक सिरे से दूसरी भुजा की लंबाई के बराबर त्रिज्या का चाप खींचिए।
- चरण 3: पहली भुजा के दूसरे सिरे से तीसरी भुजा की लंबाई के बराबर त्रिज्या का चाप खींचिए। यह चाप पहले चाप को एक बिंदु पर काटेगा।
- चरण 4: कटान बिंदु को त्रिभुज के शीर्ष के रूप में चिह्नित कीजिए और उसे आधार के दोनों सिरों से मिलाइए।
- उदाहरण: यदि भुजाएँ 5 सेमी, 6 सेमी और 7 सेमी हों, तो:
- 6 सेमी का रेखाखंड QR खींचिए।
- Q को केंद्र मानकर 5 सेमी त्रिज्या का चाप लगाइए।
- R को केंद्र मानकर 7 सेमी त्रिज्या का चाप लगाइए।
- दोनों चापों के कटान बिंदु को P नाम दीजिए।
- P को Q और R से मिलाइए। त्रिभुज PQR प्राप्त होगा।
त्रिभुज की रचना तभी संभव है जब उसकी किन्हीं दो भुजाओं का योग तीसरी भुजा से अधिक हो।
त्रिभुज की रचना की संभावना (त्रिभुज असमानता)
त्रिभुज की रचना तभी संभव है जब उसकी भुजाएँ त्रिभुज असमानता गुणधर्म का पालन करती हों।
- त्रिभुज असमानता गुणधर्म: किसी त्रिभुज की किन्हीं दो भुजाओं की लंबाइयों का योग तीसरी भुजा की लंबाई से अधिक होता है।
- यदि भुजाएँ a, b, c हों, तो:
- \(a + b > c\)
- \(b + c > a\)
- \(c + a > b\)
- रचना की जाँच:
- दी गई भुजाओं (उदाहरण: 2 सेमी, 3 सेमी, 6 सेमी) के लिए, सबसे छोटी दो भुजाओं का योग (2 + 3 = 5 सेमी) सबसे बड़ी भुजा (6 सेमी) से कम है। अतः, इस माप से त्रिभुज बनाना संभव नहीं है।
- यदि भुजाएँ (3 सेमी, 4 सेमी, 5 सेमी) हों, तो 3 + 4 = 7 > 5। अतः, त्रिभुज बनाना संभव है।
- महत्व: यह गुणधर्म यह निर्धारित करने में मदद करता है कि दी गई भुजाओं से त्रिभुज बनाया जा सकता है या नहीं।
छात्र अक्सर त्रिभुज असमानता गुणधर्म की जाँच करना भूल जाते हैं, जिससे असंभव त्रिभुजों की रचना का प्रयास करते हैं।
चतुर्भुज की रचना का परिचय
त्रिभुजों की तरह, चतुर्भुजों की रचना भी विभिन्न दी गई मापों के आधार पर की जा सकती है। चतुर्भुज की रचना के लिए आमतौर पर पाँच स्वतंत्र मापों की आवश्यकता होती है।
- समांतर चतुर्भुज की रचना (जब दो विकर्ण और उनके बीच का कोण दिया हो):
- चरण 1: एक विकर्ण खींचिए।
- चरण 2: विकर्ण का लंब समद्विभाजक खींचकर उसका मध्य-बिंदु ज्ञात कीजिए।
- चरण 3: मध्य-बिंदु पर दिए गए कोण के बराबर कोण बनाते हुए एक रेखा खींचिए।
- चरण 4: इस रेखा पर मध्य-बिंदु से दूसरे विकर्ण की आधी लंबाई के बराबर चाप काटिए। ये बिंदु चतुर्भुज के अन्य दो शीर्ष होंगे।
- चरण 5: सभी शीर्षों को मिलाकर समांतर चतुर्भुज प्राप्त कीजिए।
- उदाहरण: AC = 7 सेमी, BD = 6 सेमी, कोण = 40°।
- AC = 7 सेमी खींचिए।
- AC का मध्य-बिंदु O ज्ञात कीजिए।
- O पर \(\angle AOX = 40^\circ\) बनाइए।
- OX पर O से 3 सेमी (BD/2) के चाप काटिए, जिससे B और D प्राप्त हों।
- A, B, C, D को मिलाइए।
- समलंब चतुर्भुज की रचना (जब दो आसन्न भुजाएँ, उनके बीच का कोण और समांतर भुजाएँ ज्ञात हों):
- चरण 1: आधार भुजा खींचिए।
- चरण 2: आधार के एक सिरे पर दिया गया कोण बनाइए और उस पर दूसरी आसन्न भुजा की लंबाई का चाप काटिए।
- चरण 3: समांतर भुजाओं के गुणधर्म का उपयोग करके, दूसरे शीर्ष से आधार के समांतर एक रेखा खींचिए।
- चरण 4: शेष भुजा की लंबाई का चाप खींचकर अंतिम शीर्ष ज्ञात कीजिए।
- उदाहरण: AB = 5 सेमी, BC = 2.8 सेमी, AD = 3 सेमी, \(\angle A = 60^\circ\), AB || CD।
- AB = 5 सेमी खींचिए।
- A पर \(\angle BAX = 60^\circ\) बनाइए।
- AX पर AD = 3 सेमी का चाप काटिए, जिससे D प्राप्त हो।
- D से AB के समांतर एक किरण DY खींचिए (अर्थात \(\angle ADY = 180^\circ - \angle DAB = 120^\circ\) या D पर \(\angle XDY = \angle BAX = 60^\circ\) यदि AX को आगे बढ़ाया जाए)।
- B से DY पर BC = 2.8 सेमी का चाप काटिए, जिससे C प्राप्त हो।
- ABCD को मिलाइए।
समांतर चतुर्भुज के विकर्ण एक-दूसरे को समद्विभाजित करते हैं। इस गुणधर्म का उपयोग रचना में किया जाता है।
दिए गए चतुर्भुज के क्षेत्रफल के बराबर त्रिभुज की रचना
किसी दिए गए चतुर्भुज के क्षेत्रफल के बराबर क्षेत्रफल वाले त्रिभुज की रचना करने के लिए, हम 'एक ही आधार और दो समांतर रेखाओं के बीच बने त्रिभुजों का क्षेत्रफल बराबर होता है' गुणधर्म का उपयोग करते हैं।
- चरण 1: दिए गए मापों का उपयोग करके चतुर्भुज ABCD की रचना कीजिए।
- चरण 2: चतुर्भुज का एक विकर्ण (जैसे BD) खींचिए।
- चरण 3: विकर्ण BD के समांतर, चतुर्भुज के एक शीर्ष (जैसे C) से होकर एक रेखा CE खींचिए, जो आधार रेखा (या उसकी बढ़ाई गई रेखा) को E पर काटे।
- चरण 4: बिंदु D और E को मिलाइए।
- परिणाम: त्रिभुज ADE का क्षेत्रफल चतुर्भुज ABCD के क्षेत्रफल के बराबर होगा।
- उपपत्ति:
- \(\triangle DBC\) और \(\triangle DBE\) एक ही आधार BD पर और समांतर रेखाओं BD तथा CE के बीच स्थित हैं।
- अतः, \(क्षेत्रफल(\triangle DBC) = क्षेत्रफल(\triangle DBE)\)।
- \(क्षेत्रफल(चतुर्भुज ABCD) = क्षेत्रफल(\triangle ABD) + क्षेत्रफल(\triangle DBC)\)
- \(क्षेत्रफल(चतुर्भुज ABCD) = क्षेत्रफल(\triangle ABD) + क्षेत्रफल(\triangle DBE)\)
- \(क्षेत्रफल(चतुर्भुज ABCD) = क्षेत्रफल(\triangle ADE)\)
- उदाहरण: चतुर्भुज ABCD की रचना करें जहाँ AB = 7 सेमी, CD = 6 सेमी, BC = 4 सेमी, AD = 5 सेमी और \(\angle BAD = 60^\circ\)। फिर इसके क्षेत्रफल के बराबर त्रिभुज ADE की रचना करें।
- AB = 7 सेमी खींचिए।
- A पर \(\angle BAX = 60^\circ\) बनाइए।
- AX पर AD = 5 सेमी काटिए।
- B को केंद्र मानकर 4 सेमी और D को केंद्र मानकर 6 सेमी के चाप काटिए, जिससे C प्राप्त हो।
- ABCD चतुर्भुज बन गया।
- BD विकर्ण खींचिए।
- C से BD के समांतर CE खींचिए, जो AB की बढ़ाई गई रेखा को E पर काटे।
- D और E को मिलाइए। \(\triangle ADE\) अभीष्ट त्रिभुज है।
एक ही आधार और दो समांतर रेखाओं के बीच बने त्रिभुजों का क्षेत्रफल बराबर होता है।
त्रिभुज के क्षेत्रफल के बराबर समांतर चतुर्भुज की रचना
किसी दिए गए त्रिभुज के क्षेत्रफल के बराबर क्षेत्रफल वाले समांतर चतुर्भुज की रचना करने के लिए भी 'एक ही आधार और दो समांतर रेखाओं के बीच बने आकृतियों का क्षेत्रफल बराबर होता है' गुणधर्म का उपयोग किया जाता है।
- चरण 1: दिए गए मापों का उपयोग करके त्रिभुज ABC की रचना कीजिए।
- चरण 2: त्रिभुज के किसी एक आधार (जैसे AB) का मध्य-बिंदु ज्ञात कीजिए (जैसे O)।
- चरण 3: शीर्ष C से आधार AB के समांतर एक रेखा CY खींचिए।
- चरण 4: मध्य-बिंदु O से, CY पर एक रेखा OD खींचिए जो AC के समांतर हो।
- परिणाम: समांतर चतुर्भुज AODC का क्षेत्रफल त्रिभुज ABC के क्षेत्रफल के बराबर होगा।
- उपपत्ति:
- \(\triangle ABC\) और समांतर चतुर्भुज AODC एक ही आधार AC पर नहीं हैं।
- \(क्षेत्रफल(\triangle ABC) = \frac{1}{2} \times आधार \times ऊँचाई\)
- \(क्षेत्रफल(समांतर चतुर्भुज) = आधार \times ऊँचाई\)
- यदि हम AB को आधार मानें, तो O इसका मध्य-बिंदु है।
- C से AB पर लंब खींचकर ऊँचाई h प्राप्त करें।
- \(क्षेत्रफल(\triangle ABC) = \frac{1}{2} \times AB \times h\)
- अब, AB के मध्य-बिंदु O से, CY पर OD समांतर AC खींचें।
- समांतर चतुर्भुज AODC का आधार AO और ऊँचाई h होगी।
- \(क्षेत्रफल(AODC) = AO \times h = \frac{1}{2} AB \times h\)
- अतः, \(क्षेत्रफल(AODC) = क्षेत्रफल(\triangle ABC)\)
- उदाहरण: \(\triangle ABC\) की रचना करें जहाँ AB = 9 सेमी, AC = 5 सेमी, \(\angle CAB = 60^\circ\)। फिर इसके क्षेत्रफल के बराबर समांतर चतुर्भुज की रचना करें।
- AB = 9 सेमी खींचिए।
- A पर \(\angle BAX = 60^\circ\) बनाइए।
- AX पर AC = 5 सेमी काटिए। C प्राप्त होगा।
- BC को मिलाइए। \(\triangle ABC\) बन गया।
- C से AB के समांतर CY खींचिए।
- AB का मध्य-बिंदु O ज्ञात कीजिए।
- O से CY पर OD समांतर AC खींचिए।
- AODC अभीष्ट समांतर चतुर्भुज है।
किसी त्रिभुज के क्षेत्रफल के बराबर समांतर चतुर्भुज की रचना करते समय, समांतर चतुर्भुज का आधार त्रिभुज के आधार का आधा होता है और दोनों की ऊँचाई समान होती है।
वृत्त के अंतर्गत समबहुभुज की रचना
वृत्त के अंतर्गत समबहुभुज की रचना करने के लिए, हम वृत्त के केंद्र पर बनने वाले कोणों का उपयोग करते हैं।
- चरण 1: दी गई त्रिज्या का एक वृत्त खींचिए और उसका केंद्र O चिह्नित कीजिए।
- चरण 2: वृत्त की परिधि पर कोई बिंदु A लीजिए और OA को त्रिज्या के रूप में खींचिए।
- चरण 3: समबहुभुज की भुजाओं की संख्या (n) ज्ञात कीजिए। केंद्र पर प्रत्येक भुजा द्वारा बनने वाला कोण \( = \frac{360^\circ}{n}\) होगा।
- चरण 4: केंद्र O पर OA के साथ \(\frac{360^\circ}{n}\) के बराबर कोण बनाते हुए OB खींचिए, जहाँ B वृत्त की परिधि पर हो।
- चरण 5: अब AB की लंबाई को परकार में लेकर, B से वृत्त की परिधि पर चाप काटते हुए अगला बिंदु C प्राप्त कीजिए। इसी प्रकार सभी शीर्ष प्राप्त कीजिए।
- चरण 6: सभी शीर्षों को क्रमिक रूप से मिलाइए।
- उदाहरण (सम पंचभुज): 3 सेमी त्रिज्या वाले वृत्त के अंतर्गत सम पंचभुज की रचना।
- 3 सेमी त्रिज्या का वृत्त खींचिए, केंद्र O।
- परिधि पर बिंदु A लीजिए, OA खींचिए।
- पंचभुज के लिए \(n=5\), अतः केंद्र पर कोण \( = \frac{360^\circ}{5} = 72^\circ\)।
- O पर \(\angle AOB = 72^\circ\) बनाइए, जहाँ B परिधि पर हो।
- AB की लंबाई परकार में लेकर, B से C, C से D, D से E बिंदु प्राप्त कीजिए।
- A, B, C, D, E को क्रमिक रूप से मिलाइए। ABCDE अभीष्ट सम पंचभुज है।
समबहुभुज के लिए केंद्र पर प्रत्येक भुजा द्वारा अंतरित कोण \( = \frac{360^\circ}{n}\), जहाँ n भुजाओं की संख्या है।
वृत्त के बहिर्गत समबहुभुज की रचना
वृत्त के बहिर्गत समबहुभुज की रचना करने के लिए, हम वृत्त के केंद्र पर बनने वाले कोणों और त्रिज्याओं पर लंबों का उपयोग करते हैं।
- चरण 1: दी गई त्रिज्या का एक वृत्त खींचिए और उसका केंद्र O चिह्नित कीजिए।
- चरण 2: वृत्त की परिधि पर कोई बिंदु A लीजिए और OA को त्रिज्या के रूप में खींचिए।
- चरण 3: समबहुभुज की भुजाओं की संख्या (n) ज्ञात कीजिए। केंद्र पर प्रत्येक भुजा द्वारा बनने वाला कोण \( = \frac{360^\circ}{n}\) होगा।
- चरण 4: केंद्र O पर OA के साथ \(\frac{360^\circ}{n}\) के बराबर कोण बनाते हुए OB खींचिए, जहाँ B वृत्त की परिधि पर हो। इसी प्रकार सभी त्रिज्याएँ OC, OD, OE, OF आदि खींचिए।
- चरण 5: प्रत्येक त्रिज्या (OA, OB, OC, ...) पर उसके परिधि बिंदु (A, B, C, ...) पर लंब खींचिए।
- चरण 6: ये लंब एक-दूसरे को काटेंगे और बहिर्गत समबहुभुज के शीर्ष बनाएंगे।
- उदाहरण (सम षट्भुज): 3.5 सेमी त्रिज्या वाले वृत्त के बहिर्गत सम षट्भुज की रचना।
- 3.5 सेमी त्रिज्या का वृत्त खींचिए, केंद्र O।
- परिधि पर बिंदु A लीजिए, OA खींचिए।
- षट्भुज के लिए \(n=6\), अतः केंद्र पर कोण \( = \frac{360^\circ}{6} = 60^\circ\)।
- O पर \(\angle AOB = 60^\circ\) बनाइए, जहाँ B परिधि पर हो।
- इसी प्रकार \(\angle BOC = 60^\circ\), \(\angle COD = 60^\circ\), आदि बनाते हुए C, D, E, F बिंदु प्राप्त कीजिए।
- OA, OB, OC, OD, OE, OF पर क्रमशः A, B, C, D, E, F पर लंब खींचिए।
- ये लंब एक-दूसरे को P, Q, R, S, T, U पर काटेंगे। PQRSTU अभीष्ट बहिर्गत सम षट्भुज है।
वृत्त के अंतर्गत और बहिर्गत बहुभुज की रचना में केंद्र पर बनने वाले कोण की गणना महत्वपूर्ण है। परकार और चाँदे का सही उपयोग सुनिश्चित करें।