HomeChhattisgarhClass 9Maths › वृत्त का त्रिज्याखण्ड एवं चाप की लम्बाई
वृत्त का त्रिज्याखण्ड एवं चाप की लम्बाई
Chhattisgarh · Class 9 · 🧮 Maths · Chapter 14

वृत्त का त्रिज्याखण्ड एवं चाप की लम्बाई

वृत्त की परिधिवृत्त का क्षेत्रफलत्रिज्याखण्ड का क्षेत्रफलचाप की लम्बाईवृत्ताकार मार्ग का क्षेत्रफल

यह अध्याय छात्रों को वृत्त, उसके व्यास, परिधि और क्षेत्रफल की मूल अवधारणाओं से परिचित कराता है। इसमें त्रिज्याखण्ड (सेक्टर) और चाप की लम्बाई (लेंथ ऑफ़ आर्क) की गणना के सूत्र भी शामिल हैं, जो केंद्र पर अंतरित कोण पर आधारित होते हैं। इसके अतिरिक्त, वृत्ताकार मार्ग (सर्कुलर पाथ) के क्षेत्रफल की गणना करना भी सिखाया जाता है। यह अध्याय ज्यामिति में एक मजबूत आधार बनाता है और वास्तविक जीवन की समस्याओं को हल करने में मदद करता है।

वृत्त का परिचय

वृत्त एक समतल आकृति है जिसमें एक निश्चित बिंदु (केंद्र) से समान दूरी पर स्थित सभी बिंदुओं का समूह होता है।

  • केंद्र (Center): वृत्त के मध्य में स्थित निश्चित बिंदु।
  • त्रिज्या (Radius): वृत्त के केंद्र से वृत्त पर स्थित किसी भी बिंदु तक की दूरी। इसे प्रायः 'r' से दर्शाया जाता है।
  • परिधि (Circumference): वृत्त के चारों ओर की कुल दूरी। यह वृत्त का परिमाप होता है।
महत्त्वपूर्ण

वृत्त की सभी त्रिज्याएँ समान लम्बाई की होती हैं।

वृत्त का व्यास

  • व्यास (Diameter): वृत्त की परिधि पर स्थित दो बिंदुओं को मिलाने वाला ऐसा रेखाखंड जो वृत्त के केंद्र से होकर गुजरता है। इसे प्रायः 'd' से दर्शाया जाता है।
  • व्यास वृत्त की सबसे बड़ी जीवा होती है।
  • व्यास त्रिज्या का दोगुना होता है।
🧮सूत्र

$$ \text{व्यास (d)} = 2 \times \text{त्रिज्या (r)} $$

वृत्त की परिधि

वृत्त की परिधि वृत्त के चारों ओर की कुल दूरी होती है। यह एक महत्वपूर्ण अवधारणा है जो वृत्त के आकार को परिभाषित करती है।

  • वृत्त की परिधि और उसके व्यास का अनुपात एक निश्चित स्थिरांक होता है जिसे ग्रीक अक्षर $\pi$ (पाई) से दर्शाया जाता है।
  • $\pi$ का मान लगभग 22/7 या 3.14 होता है।
  • परिधि की गणना के लिए सूत्र:
🧮सूत्र

$$ \text{वृत्त की परिधि} = \pi \times \text{व्यास} = \pi d $$ या $$ \text{वृत्त की परिधि} = 2 \pi r $$

याद रखें

जब तक अन्यथा न कहा जाए, $\pi$ का मान $\frac{22}{7}$ लें।

वृत्त का क्षेत्रफल

वृत्त का क्षेत्रफल वह क्षेत्र है जो वृत्त की परिधि से घिरा होता है। यह वृत्त के अंदर की सतह को मापता है।

  • वृत्त का क्षेत्रफल उसकी त्रिज्या के वर्ग के समानुपाती होता है।
  • क्षेत्रफल की गणना के लिए सूत्र:
🧮सूत्र

$$ \text{वृत्त का क्षेत्रफल} = \pi r^2 $$

🧮सूत्र

वृत्त के क्षेत्रफल की अवधारणा को एक बहुभुज के माध्यम से समझा जा सकता है। जैसे-जैसे बहुभुज की भुजाओं की संख्या अनंत की ओर बढ़ती है, बहुभुज वृत्त के करीब आता जाता है, और उसका क्षेत्रफल वृत्त के क्षेत्रफल के बराबर हो जाता है। इस स्थिति में, बहुभुज की भुजा पर केंद्र से डाला गया लंब वृत्त की त्रिज्या के बराबर हो जाता है।

वृत्त का त्रिज्याखण्ड एवं चाप की लम्बाई

वृत्त के महत्वपूर्ण भाग जो कोण और क्षेत्रफल से संबंधित हैं:

त्रिज्याखण्ड (Sector)

  • त्रिज्याखण्ड वृत्त का वह भाग है जो दो त्रिज्याओं और उनके बीच के चाप से घिरा होता है।
  • एक वृत्त में दो प्रकार के त्रिज्याखण्ड होते हैं:
  • लघु त्रिज्याखण्ड (Minor Sector): छोटा भाग।
  • दीर्घ त्रिज्याखण्ड (Major Sector): बड़ा भाग।
  • त्रिज्याखण्ड का क्षेत्रफल केंद्र पर अंतरित कोण ($\theta$) के समानुपाती होता है।

चाप की लम्बाई (Length of Arc)

  • चाप वृत्त की परिधि का एक टुकड़ा होता है।
  • चाप की लम्बाई भी केंद्र पर अंतरित कोण ($\theta$) के समानुपाती होती है।

सूत्र

  • चाप की लम्बाई: यदि केंद्र पर $\theta$ कोण अंतरित हो, तो चाप की लम्बाई ($L$) होगी:

$$ L = \frac{\theta}{360^\circ} \times 2 \pi r $$

  • त्रिज्याखण्ड का क्षेत्रफल: यदि केंद्र पर $\theta$ कोण अंतरित हो, तो त्रिज्याखण्ड का क्षेत्रफल ($A$) होगा:

$$ A = \frac{\theta}{360^\circ} \times \pi r^2 $$

  • त्रिज्याखण्ड के क्षेत्रफल को चाप की लम्बाई के पदों में भी व्यक्त किया जा सकता है:

$$ A = \frac{1}{2} \times L \times r $$

महत्त्वपूर्ण

कोण $\theta$ हमेशा डिग्री में होना चाहिए।

वृत्ताकार मार्ग का क्षेत्रफल

वृत्ताकार मार्ग (Circular Path) दो संकेन्द्री वृत्तों (Concentric Circles) से बना होता है, जिनका केंद्र एक ही होता है लेकिन त्रिज्याएँ अलग-अलग होती हैं।

  • मान लीजिए, बाह्य वृत्त की त्रिज्या $r_1$ और आंतरिक वृत्त की त्रिज्या $r_2$ है।
  • मार्ग की चौड़ाई: बाह्य त्रिज्या और आंतरिक त्रिज्या का अंतर होती है।

$$ \text{मार्ग की चौड़ाई} = r_1 - r_2 $$

  • वृत्ताकार मार्ग का क्षेत्रफल: बाह्य वृत्त के क्षेत्रफल में से आंतरिक वृत्त के क्षेत्रफल को घटाकर प्राप्त किया जाता है।

$$ \text{वृत्ताकार मार्ग का क्षेत्रफल} = \text{बाह्य वृत्त का क्षेत्रफल} - \text{आंतरिक वृत्त का क्षेत्रफल} $$ $$ = \pi r_1^2 - \pi r_2^2 $$ $$ = \pi (r_1^2 - r_2^2) $$ $$ = \pi (r_1 - r_2)(r_1 + r_2) $$

🧮सूत्र

$$ \text{वृत्ताकार मार्ग का क्षेत्रफल} = \pi (r_1^2 - r_2^2) $$

याद रखें

यह सूत्र दो संकेन्द्री वृत्तों के बीच के वलय (annulus) के क्षेत्रफल की गणना के लिए उपयोगी है।

वृत्त संबंधी समस्याओं का हल

इस खंड में, हम वृत्त, त्रिज्याखण्ड और वृत्ताकार मार्ग से संबंधित विभिन्न प्रकार की समस्याओं को हल करने के लिए उपरोक्त सूत्रों का उपयोग करेंगे। प्रत्येक समस्या को ध्यान से पढ़ें और दिए गए मानों को पहचानें, फिर सही सूत्र का चयन करें।

  • चरण-दर-चरण प्रक्रिया:
  1. समस्या को समझें: क्या दिया गया है और क्या ज्ञात करना है?
  2. सूत्र पहचानें: समस्या के लिए उपयुक्त सूत्र चुनें।
  3. मान प्रतिस्थापित करें: दिए गए मानों को सूत्र में रखें।
  4. गणना करें: सावधानीपूर्वक गणना करें।
  5. इकाई लिखें: उत्तर के साथ सही इकाई (सेमी, मीटर, वर्ग सेमी, वर्ग मीटर) लिखना न भूलें।
💡सुझाव

पाई ($\pi$) के मान का सही उपयोग करें। यदि प्रश्न में विशेष मान (जैसे 3.14) दिया गया हो, तो उसी का उपयोग करें, अन्यथा $\frac{22}{7}$ का उपयोग करें।

🚧ग़लत धारणा

क्षेत्रफल की इकाई वर्ग इकाई (जैसे $cm^2$, $m^2$) होती है, जबकि लम्बाई और परिधि की इकाई सामान्य इकाई (जैसे $cm$, $m$) होती है। इकाइयों का ध्यान रखें।

Ask SAAVI — Free