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घन और घनाभ
Chhattisgarh · Class 9 · 🧮 Maths · Chapter 15

घन और घनाभ

घन का पृष्ठीय क्षेत्रफलघनाभ का पृष्ठीय क्षेत्रफलघन का आयतनघनाभ का आयतनपार्श्व पृष्ठीय क्षेत्रफलधारिता

यह अध्याय छात्रों को घन और घनाभ जैसे त्रिविमीय (3D) आकारों से परिचित कराता है। इसमें इन आकृतियों के फलक, किनारे और शीर्षों की पहचान करना सिखाया जाता है। छात्र घन और घनाभ के पृष्ठीय क्षेत्रफल और आयतन की गणना करना सीखते हैं, जिसमें संपूर्ण पृष्ठीय क्षेत्रफल और पार्श्व पृष्ठीय क्षेत्रफल दोनों शामिल हैं। अध्याय में वास्तविक जीवन के उदाहरणों और गतिविधियों के माध्यम से इन अवधारणाओं को स्पष्ट किया गया है, जिससे छात्रों को ठोस वस्तुओं के आयतन और धारिता को समझने में मदद मिलती है।

घन और घनाभ का परिचय

हम अपने दैनिक जीवन में कई त्रिविमीय (3D) वस्तुएँ देखते हैं, जैसे किताब, पेन, रबर, ईंट, डिब्बे आदि। ये सभी वस्तुएँ कुछ स्थान घेरती हैं और इनकी लंबाई, चौड़ाई और ऊँचाई होती है।

  • ठोस आकृतियाँ (3D आकृतियाँ): वे आकृतियाँ जिनकी लंबाई, चौड़ाई और ऊँचाई तीनों विमाएँ होती हैं।
  • द्विविमीय आकृतियाँ (2D आकृतियाँ): वे आकृतियाँ जिनकी केवल लंबाई और चौड़ाई होती है (जैसे त्रिभुज, वर्ग, आयत, वृत्त)।
  • 3D आकृतियों के घटक:
  • फलक (Face): किसी ठोस आकृति की सपाट सतह।
  • किनारा (Edge): दो फलकों के मिलने से बनी रेखा।
  • शीर्ष (Vertex): तीन या अधिक किनारों के मिलने से बना बिंदु।

घन (Cube)

  • एक विशेष प्रकार का घनाभ है।
  • इसके सभी फलक वर्गाकार होते हैं और सभी किनारे बराबर लंबाई के होते हैं।
  • फलक: 6 (सभी सर्वांगसम वर्ग)
  • किनारे: 12 (सभी बराबर लंबाई के)
  • शीर्ष: 8

घनाभ (Cuboid)

  • एक त्रिविमीय आकृति जिसके सभी फलक आयताकार होते हैं।
  • इसके आमने-सामने के फलक सर्वांगसम होते हैं।
  • फलक: 6 (आयताकार)
  • किनारे: 12
  • शीर्ष: 8

चित्रण:

  • 3D आकृतियों को 2D कागज पर दर्शाने के लिए, हम सामने के फलकों के साथ-साथ पीछे के फलकों को भी दिखाने का प्रयास करते हैं।
  • नेट (Net): किसी 3D आकृति को खोलकर 2D समतल पर प्राप्त की गई आकृति। यह 3D आकृति के सभी फलकों को दर्शाता है।
  • घन का नेट 6 सर्वांगसम वर्गों से मिलकर बनता है।
  • घनाभ का नेट 6 आयतों से मिलकर बनता है, जिनमें आमने-सामने के आयत सर्वांगसम होते हैं।
महत्त्वपूर्ण

घन एक विशेष प्रकार का घनाभ है जहाँ लंबाई, चौड़ाई और ऊँचाई तीनों बराबर होती हैं।

घन का पृष्ठीय क्षेत्रफल

घन के पृष्ठीय क्षेत्रफल का अर्थ है उसके सभी फलकों के क्षेत्रफलों का योग।

  • एक घन में 6 सर्वांगसम वर्गाकार फलक होते हैं।
  • यदि घन के किनारे की लंबाई 'a' है, तो प्रत्येक वर्गाकार फलक का क्षेत्रफल \(a^2\) होगा।

1. घन का संपूर्ण पृष्ठीय क्षेत्रफल (Total Surface Area - TSA)

  • यह घन के सभी 6 फलकों के क्षेत्रफलों का योग होता है।
  • सूत्र: \(6 \times \text{एक फलक का क्षेत्रफल}\)

2. घन का पार्श्व पृष्ठीय क्षेत्रफल (Lateral Surface Area - LSA)

  • यह घन के केवल चारों दीवारों (ऊपर और नीचे के फलक को छोड़कर) का क्षेत्रफल होता है।
  • सूत्र: \(4 \times \text{एक फलक का क्षेत्रफल}\)
🧮सूत्र

घन का संपूर्ण पृष्ठीय क्षेत्रफल (TSA) \( = 6a^2 \) वर्ग इकाई

घन का पार्श्व पृष्ठीय क्षेत्रफल (LSA) \( = 4a^2 \) वर्ग इकाई

जहाँ 'a' घन के किनारे की लंबाई है।

💡सुझाव

पृष्ठीय क्षेत्रफल की इकाई हमेशा वर्ग इकाई (जैसे वर्ग सेमी., वर्ग मी.) होती है।

घनाभ का पृष्ठीय क्षेत्रफल

घनाभ के पृष्ठीय क्षेत्रफल का अर्थ है उसके सभी फलकों के क्षेत्रफलों का योग।

  • एक घनाभ में 6 आयताकार फलक होते हैं।
  • आमने-सामने के फलक सर्वांगसम होते हैं।
  • यदि घनाभ की लंबाई 'l', चौड़ाई 'b' और ऊँचाई 'h' है, तो इसके फलकों के क्षेत्रफल इस प्रकार होंगे:
  • सामने और पीछे के फलक: \(l \times h\) (प्रत्येक)
  • ऊपर और नीचे के फलक: \(l \times b\) (प्रत्येक)
  • दाएँ और बाएँ के फलक: \(b \times h\) (प्रत्येक)

1. घनाभ का संपूर्ण पृष्ठीय क्षेत्रफल (Total Surface Area - TSA)

  • यह घनाभ के सभी 6 आयताकार फलकों के क्षेत्रफलों का योग होता है।
  • सूत्र: \(2(lb + bh + lh)\)

2. घनाभ का पार्श्व पृष्ठीय क्षेत्रफल (Lateral Surface Area - LSA)

  • यह घनाभ के केवल चारों दीवारों (ऊपर और नीचे के फलक को छोड़कर) का क्षेत्रफल होता है।
  • सूत्र: \(2h(l + b)\)
  • इसे आधार के परिमाप \(\times\) ऊँचाई के रूप में भी लिखा जा सकता है, क्योंकि आधार का परिमाप \(= 2(l+b)\) होता है।
🧮सूत्र

घनाभ का संपूर्ण पृष्ठीय क्षेत्रफल (TSA) \( = 2(lb + bh + lh) \) वर्ग इकाई

घनाभ का पार्श्व पृष्ठीय क्षेत्रफल (LSA) \( = 2h(l + b) \) वर्ग इकाई

जहाँ 'l' लंबाई, 'b' चौड़ाई और 'h' ऊँचाई है।

🚧ग़लत धारणा

छात्र अक्सर पार्श्व पृष्ठीय क्षेत्रफल और संपूर्ण पृष्ठीय क्षेत्रफल के बीच भ्रमित हो जाते हैं। याद रखें, पार्श्व पृष्ठीय क्षेत्रफल में छत और फर्श शामिल नहीं होते हैं।

आयतन की अवधारणा

आयतन किसी ठोस वस्तु द्वारा घेरे गए स्थान की माप है।

  • सभी ठोस वस्तुएँ स्थान घेरती हैं।
  • आयतन की इकाई हमेशा घन इकाई (जैसे घन सेमी., घन मी.) होती है।
  • धारिता (Capacity): यदि वस्तुएँ खोखली हों और उनमें तरल पदार्थ (जैसे हवा, पानी) भरा जाए, तो वह उस वस्तु का आकार ले लेती हैं। इस स्थिति में उस पदार्थ का आयतन वस्तु की धारिता या क्षमता कहलाती है।
  • उदाहरण: दूध के बर्तन की धारिता कटोरी से अधिक होती है।

आयतन की मानक इकाइयाँ:

  • 1 घन सेमी. = \(1 \text{ सेमी.} \times 1 \text{ सेमी.} \times 1 \text{ सेमी.} = 1 \text{ सेमी.}^3\)
  • 1 घन मी. = \(1 \text{ मी.} \times 1 \text{ मी.} \times 1 \text{ मी.} = 1 \text{ मी.}^3\)

इकाइयों का रूपांतरण:

  • \(1 \text{ मी.}^3 = 1000 \text{ लीटर}\)
  • \(1 \text{ लीटर} = 1000 \text{ सेमी.}^3\)
  • \(1 \text{ किलोलीटर} = 1 \text{ मी.}^3\)

आयतन ज्ञात करने के लिए, हम ठोस को इकाई घनों में विभाजित करने की कल्पना करते हैं।

📖परिभाषा

आयतन: किसी त्रिविमीय वस्तु द्वारा घेरा गया स्थान।

धारिता: किसी पात्र में समा सकने वाले पदार्थ की मात्रा।

महत्त्वपूर्ण

आयतन की इकाई हमेशा घन इकाई होती है (जैसे \(\text{सेमी.}^3\), \(\text{मी.}^3\))।

घनाभ का आयतन

घनाभ का आयतन उसकी लंबाई, चौड़ाई और ऊँचाई के गुणनफल के बराबर होता है।

  • कल्पना कीजिए कि एक घनाभ को छोटे-छोटे इकाई घनों से बनाया गया है।
  • आधार पर \(l \times b\) इकाई घन रखे जा सकते हैं।
  • ऐसी 'h' परतें हो सकती हैं।
  • इसलिए, कुल घनों की संख्या \(l \times b \times h\) होगी।

सूत्र:

  • घनाभ का आयतन = आधार का क्षेत्रफल \(\times\) ऊँचाई
  • घनाभ का आयतन = लंबाई \(\times\) चौड़ाई \(\times\) ऊँचाई
  • \(V = l \times b \times h\) घन इकाई
🧮सूत्र

घनाभ का आयतन (V) \( = l \times b \times h \) घन इकाई

जहाँ 'l' लंबाई, 'b' चौड़ाई और 'h' ऊँचाई है।

याद रखें

आयतन की गणना करते समय, सभी विमाएँ एक ही इकाई में होनी चाहिए (जैसे सभी सेमी. में या सभी मी. में)।

घन का आयतन

घन एक विशेष प्रकार का घनाभ है जहाँ लंबाई, चौड़ाई और ऊँचाई तीनों बराबर होती हैं (\(l = b = h = a\))।

  • इसलिए, घन के आयतन का सूत्र घनाभ के आयतन के सूत्र से ही प्राप्त किया जा सकता है।

सूत्र:

  • घन का आयतन = भुजा \(\times\) भुजा \(\times\) भुजा
  • \(V = a \times a \times a = a^3\) घन इकाई
🧮सूत्र

घन का आयतन (V) \( = a^3 \) घन इकाई

जहाँ 'a' घन के किनारे की लंबाई है।

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