सीबीएसई कक्षा 10

हिंदी

10

कुल अध्याय

2

भाषाएँ उपलब्ध

अध्याय

1

साखी

★ SAAVI इसे ऐसे पढ़ाती है:
💡 उदाहरण

Dekho — कभी-कभी तुम अपने किसी दोस्त के साथ मूवी देखने जाते हो। एक दोस्त हर बात पर चिल्लाता है, जल्दी गुस्सा करता है और दूसरों को नीचा दिखाता है। दूसरा दोस्त वही बात प्यार से, आराम से बोलता है। तुम्हें बताओ, किसके साथ तुम्हें ज़्यादा अच्छा महसूस होता है? बस कबीरदास जी भी यही कहते हैं कि हमारी मीठी वाणी हमें और दूसरों को कैसे ठंडक पहुँचाती है।

⚠️ गलतफहमी

❌ कई बार बच्चे सोचते हैं कि अहंकार (ego) का मतलब सिर्फ पैसे या ताकत का घमंड दिखाना होता है।

✅ नहीं रे! कबीरदास जी जिस अहंकार की बात कर रहे हैं, वो सिर्फ पैसे का घमंड नहीं है। वो 'मैं' का भाव है — जैसे, 'मैं ही सब जानता हूँ', 'मेरी बात ही सही है', 'मैं क्यों किसी की सुनूँ?'। यह सूक्ष्म अहंकार हमारे अंदर होता है और हमें सच्चाई से या ईश्वर से जुड़ने से रोकता है।

🔬 गतिविधि

एक काम करो — अगले एक दिन के लिए, तुम अपनी बातों पर ध्यान दो। देखो कि कितनी बार तुम गुस्से में या कठोर शब्द बोलते हो, और कितनी बार तुम प्यार और शांति से बात करते हो। बस observe करना, judge मत करना।

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2

पद

★ SAAVI इसे ऐसे पढ़ाती है:
💡 उदाहरण

Dekho — tum kitchen mein ho. Tumhare paas ek alag se 'आलू' रखा है। ये बस एक शब्द है, एक अकेला नाम। लेकिन जब तुम कहते हो, 'मैंने आज आलू की सब्ज़ी बनाई है', तो वही 'आलू' अब 'सब्ज़ी' के साथ जुड़कर, उसके स्वाद में मिलकर एक sentence का हिस्सा बन गया। अब ये सिर्फ 'आलू' नहीं, बल्कि एक 'पद' है जो पूरे वाक्य को मतलब दे रहा है। Socho zara — tumhara naam bhi to ek 'शब्द' है, लेकिन जब तुम अपने दोस्तों से बात करते हो, तो तुम 'पद' बनकर कैसे interact करते हो?

⚠️ गलतफहमी

❌ बहुत से बच्चे सोचते हैं कि शब्द और पद एक ही बात है, बस 'पद' थोड़ा कठिन शब्द है।

✅ नहीं बेटा, शब्द अकेला और आज़ाद होता है, उसका अपना अर्थ होता है। लेकिन जब वही शब्द किसी वाक्य में इस्तेमाल होता है, तो वो व्याकरण के नियमों (जैसे लिंग, वचन, कारक) में बंधकर 'पद' बन जाता है और वाक्य में अपना एक खास काम करता है।

🔬 गतिविधि

Ek kaam karo — ek purani kitaab ya akhbaar uthao. उसमें से कोई भी एक शब्द (जैसे 'पेड़' या 'पानी') ढूंढो और देखो कि वह अकेले क्या अर्थ दे रहा है। फिर उसी शब्द को किसी वाक्य में ढूंढो और समझने की कोशिश करो कि वाक्य में आने पर वो 'शब्द' कैसे 'पद' बन गया है, और उसका वाक्य से क्या रिश्ता बन गया है। तुम्हें क्या लगता है, वाक्य में 'पद' बनने के बाद शब्द ज़्यादा powerful हो जाता है या कम?

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3

दोहे

4

मानवीय करुणा की दिव्य चमक

5

बालगोबिन भगत

6

नेताजी का चश्मा

7

एक कहानी यह भी

8

नौबतखाने में इबादत

9

संस्कृति

10

लखनवी अंदाज़

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