सीबीएसई कक्षा 8

हिंदी

10

कुल अध्याय

2

भाषाएँ उपलब्ध

अध्याय

1

ध्वनि

★ SAAVI इसे ऐसे पढ़ाती है:
💡 उदाहरण

Dekho — jab tum subah mandir ki ghanti bajate ho, ya school ki bell sunte ho — kya kabhi socha hai awaaz kaise aati hai? Socho zara — ghanti bajane ke baad use chookar dekho, tumhe usmein 'कंपन' (vibration) mehsoos hoga na? Bas yahi कंपन ध्वनि पैदा करता है! अगली बार जब कोई आवाज़ सुनो, तो सोचना ज़रूर कि कौन सी चीज़ 'कंपन' कर रही होगी?

⚠️ गलतफहमी

❌ Bahut se bachchon ko lagta hai ki awaaz kahin bhi sunai de sakti hai, chahe wahan hawa ho ya na ho.

✅ Par aisa nahi hai, didi. Tumhare school mein science lab mein ek 'वैक्यूम पंप' (vacuum pump) hota hai na? Agar usse ek bell jar ke andar ki saari hawa nikaal dein, aur phir andar ki ghanti bajayein, toh awaaz nahi aayegi. Kyunki ध्वनि को आगे बढ़ने के लिए किसी माध्यम (medium) — jaise hawa, paani ya kisi thos cheez — ki zaroorat hoti hai. Bina medium ke woh nahi chal sakti. Socho, agar chandrama par do log aapas mein baat karein, toh kya unko awaaz sunai degi?

🔬 गतिविधि

Ek kaam karo — do plastic ke glass lo aur unke beech mein ek mota dhaga bandho. Ab ek dost ko ek glass apne kaan par rakhne ko kaho aur tum doosre glass mein dheere se bolo. Dekhna — dhage se hokar awaaz kitni saaf sunai degi! Yeh dikhata hai ki ध्वनि ठोस चीजों से भी travel karti hai. Kya tum isi tarah ki koi aur cheez bana sakte ho jo awaaz ko ek jagah se doosri jagah le ja sake?

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2

लाख की चूड़ियाँ

★ SAAVI इसे ऐसे पढ़ाती है:
💡 उदाहरण

देखो — तुम्हारे घर के आस-पास या गाँव में कभी देखा है — जो लोग हाथ से मिट्टी के बर्तन बनाते थे या चप्पल ठीक करते थे, उनका काम अब कैसा है? — आजकल सब लोग रेडीमेड या फैक्ट्री में बनी चीज़ें ज़्यादा खरीदते हैं, है ना? सोचो ज़रा — इससे उन कलाकारों का क्या होता होगा जिनकी रोज़ी-रोटी उनके हाथ के हुनर से चलती थी? — क्या उनका हुनर समय के साथ ख़त्म हो जाएगा या कोई नया तरीका मिल जाएगा उसे बचाने का?

⚠️ गलतफहमी

❌ बच्चे कभी-कभी सोचते हैं कि लाख की चूड़ियाँ बनाने वाले बदलू जैसे लोग सिर्फ़ पुराने ख्यालों के होते हैं, इसलिए वह मशीन से बनी चूड़ियाँ बेचना शुरू नहीं करते और उनका काम बंद हो जाता है।

✅ पर सोचने वाली बात यह है कि बदलू के लिए लाख की चूड़ियाँ सिर्फ़ एक धंधा नहीं था — वह उसका हुनर था, उसकी पहचान थी, उसका सम्मान था। जब मशीन से बनी सस्ती चूड़ियाँ आईं, तो उसकी कला का मोल कम हो गया। — वह अपनी कला को सस्ते में बेचकर उसका अपमान नहीं करना चाहता था। यह उसकी ज़िद नहीं, बल्कि अपने हुनर और गरिमा को बचाने की कोशिश थी, भले ही उसे मुश्किलें आईं।

🔬 गतिविधि

एक काम करो — अपने घर में कोई एक हाथ से बनी चीज़ ढूँढो — जैसे कोई मिट्टी का दीया, हाथ से बना कोई सजावटी सामान या कोई पुराना हाथ से बुना कपड़ा। — अब उसकी तुलना किसी मशीन से बनी चीज़ से करो। सोचो — कौन सी चीज़ ज़्यादा 'अलग' और 'ख़ास' लगती है, और क्यों?

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3

बस की यात्रा

4

दीवानों की हस्ती

5

चिट्ठियों की अनूठी दुनिया

6

भगवान के डाकिये

7

क्या निराश हुआ जाए

8

यह सबसे कठिन समय नहीं

9

कबीर की सखियाँ

10

कामचोर

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सीबीएसई कक्षा 8 · हिंदी

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